साल भर में 7 दिन का है अंतर, जनवरी से एकरूपता लाने की है तैयारी

Bokaro News - बीएसएल सहित सेल के विभिन्न स्टील प्लांटों में वर्क्स और नान वर्क्स एरिया में काम करने वाले अफसरों की छुटि्टयां अब...

Dec 04, 2019, 08:21 AM IST
बीएसएल सहित सेल के विभिन्न स्टील प्लांटों में वर्क्स और नान वर्क्स एरिया में काम करने वाले अफसरों की छुटि्टयां अब एक समान होंगी। अभी तक इनकी छुटि्टयों में साल भर में सात दिनों का अंतर है। वर्क्स एरिया में काम कर रहे अफसरों के लिए राहत भरी खबर यह है कि नए साल में उन्हें मिलने वाली छुटि्टयों की संख्या बढ़ने वाली है। वहीं नान वर्क्स एरिया के अफसरों की छुटि्टयां कम हो जाएंगी।

प्रबंधन ऐसा दोनों ही एरिया में काम करने वाले अफसरों की छुटि्टयों में एकरूपता लाने के लिए कर रहा है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किस तरह का प्रस्ताव तैयार किया गया है, लेकिन अधिकारिक सूत्र बताते हैं कि बीते सेल बोर्ड की बैठक में इसकी मंजूरी मिल चुकी है।

नन वर्क्स एरिया के अफसरों की छुटि्टयों में होगी कटौती, वर्क्स एरिया के अफसरों की छुट्टी बढ़ेगी

सेफी ने एकरूपता लाने का दिया है प्रस्ताव

अफसरों के सेल स्तर पर संगठन सेफी ने दोनों एरिया के अफसरों की छुट्टियों में एकरूपता लाने के लिए 17-17 दिनों का प्रावधान किए जाने का प्रस्ताव प्रबंधन को दे रखा है। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद प्रबंधन ने इसमें संशोधन करते हुए 15-15 दिनों की छुट्टियां दिए जाने का प्रस्ताव पर सहमति दिए जाने की खबर है। यानी नान वर्क्स एरिया के अफसरों की 6 दिनों की छुट्टियों कम हो जाएंगी। वहीं वर्क्स एरिया के अफसरों की छुट्टियों में एक दिन का इजाफा हो जाएगा। इन छुटि्टयों को और बढ़ाने मांग कर रहे।

इसके लागू होने पर विसंगति दूर होगी

वर्तमान में नान वर्क्स एरिया के अफसरों को सालभर में 21 छुट्टियां मिलती हैं। वहीं वर्क्स एरिया के अफसरों को 14 अवकाश दिए जाते हैं। इनमें 5 त्योहार अवकाश, 5 अन्य अवकाश, 2 नेशनल हॉलीडे और एक-एक अवकाश आंबेडकर जयंती और सेल के स्थापना दिवस के अवसर पर दिए जाते हैं। हालांकि इस अंतर के कारण ही प्रबंधन की ओर से वर्क्स एरिया के अफसरों को 46 प्रतिशत और नान वर्क्स एरिया के अफसरों को 44 प्रतिशत पीआरपी दिया जाता है। अब यह विसंगति दूर हो जाएगी।

अब काॅर्पोरेट ऑफिस में तैनात अफसर कर सकते हैं विरोध

प्रबंधन के इस प्रस्ताव का विरोध भी शुरू हो गया है। कार्पोरेट आफिस में तैनात अफसर नए साल से छुट्टियों को लेकर बनने जा रही नई व्यवस्था से नाराज बताए जा रहे हैं। उन्हें इसमें नुकसान दिखाई दे रहा है। लिहाजा वे मामले को लेकर हर स्तर पर विरोध दर्ज कराने के मूड में है। ऐसे में प्रबंधन अफसरों की छुट्टियों को लेकर नई व्यवस्था कार्पोरेट आफिस छोड़ विभिन्न प्लांट और सीएमओ में तैनात अफसरों पर लागू कर सकता है। सप्ताह भर बाद स्थिति के स्पष्ट होने की संभावना है। अफसरों में इसे लेकर चर्चा है।

अफसरों व कर्मियों की छुट्टी में भी अंतर

अफसरों व कर्मियों की छुट्टियों में भी बड़ा अंतर है, जिसे दूर करने की जरूरत है। कर्मियों को 10 सीएल व एफएल तो मिलता है। लेकिन बाकी छुट्टियों में अंतर है। जिसमें ईएल, सीएल, आरएच व नेशनल हाली डे शामिल है। ईएल अफसरों को 30 और कर्मियों को 23, सीएल अफसरों को 15 व कर्मियों को 10, आरएच अफसरों को 7 व कर्मियों को 5 दिनों की छुट्टी मिलती है। अफसरों को होली-दिवाली में छुट्टी मिलती है, पर कर्मियों को नहीं। न ही उस दिन काम करने वाले को किसी तरह की अतिरिक्त सुविधा दी जाती है

प्रबंधन ने पहले ही इंसेंटिव बंद कर दिया था

वर्क्स और नन वर्क्स एरिया के अफसरों में छुट्टियों को लेकर यह अंतर रखने की बड़ी वजह यह बताई गई कि पहले अफसरों को मिलने वाला प्रोडक्शन इंसेंटिव था। वर्क्स एरिया की तुलना में नान वर्क्स एरिया के अफसरों को आधा इंसेंटिव ही दिया जाता था। इनसेंटिव के इस बड़े अंतर के कारण ही नान वर्क्स एरिया के अफसरों को छुट्टियों को रूप में अतिरिक्त सुविधा अब तक दी जा रही थी। हालांकि प्रबंधन ने पहले ही इंसेंटिव बंद कर दिया था।

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