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पत्र लिखने से भी लेखन शैली का विकास:दुबे

Chaibasa News - हर इंसान के अंदर एक खास बात होती है। दुनिया में कोई भी ऐसा नहीं, जिसमें कोई बात नहीं हो। हर किसी की अपनी अलग खासियत...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 03:00 AM IST
पत्र लिखने से भी लेखन शैली का विकास:दुबे
हर इंसान के अंदर एक खास बात होती है। दुनिया में कोई भी ऐसा नहीं, जिसमें कोई बात नहीं हो। हर किसी की अपनी अलग खासियत है, जो महत्वपूर्ण है। आपको अपनी उसी खासियत को खोजना है। इसी से आप अपने सपनों को पा सकते है। चाईबासा के मशहूर उपन्यासकार पंकज दुबे ने ये बातें अपनी की नई किताब लव करी के विमोचन के अवसर पर कहीं। जायन्ट्स ग्रुप ऑफ चाईबासा के तत्वावधान में बुधवार को गांधीटोला के स्काउट एंड गाइड परिसर में उनकी किताब का विमोचन हुआ। मूल रूप से चाईबासा के रहने वाले पंकज दुबे लेखन, फिल्म निर्माण और पब्लिक स्पीकिंग सहित कई क्षेत्रों में आज देश के जाने माने व्यक्तित्व है। 2010 में स्लम एवं गांवों में देश में पहली बार सड़क छाप फिल्म फेस्टिवल शुरू करने के लिए उन्हें यूथ आइकॉन चुना गया था। उन्होंने व्हाट अ लूज़र, इश्कियापा एवं लव करी तीन उपन्यास लिखे हैं, जो वैश्वीकरण के दौर में युवाओं की बदलती सोच, समाज की विविध समस्याएं एवं संबंधित संदर्भ पर आधारित है।

चाईबासा। नॉबेल लवकरी का विमोचन करते अतिथि

ये रहे मौजूद

मौके पर सामजिक कार्यकर्ता विकास दोदराजका, सुरेश सिंह, रणविजय सिंह, काशीनाथ साह, नीतू राय, विकास चंद्र मिश्रा, दीपक शर्मा, अमरेश साव, निशांत रंजन, सतेंद्र कुमार, विवेक दोदराजका, सुमित कुमार, आफताब आलम, पम्मी शर्मा, रश्मि सिन्हा, त्रिशानु राय, केशव प्रसाद व शहनवाज आलम आदि मौजूद थे।

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