पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Chaibasa News Complaint From Deputy Commissioner On Fraudulent Purchase Of Tribal Agricultural Land

आदिवासी रैयती कृषि जमीन काे फर्जीवाड़ा कर खरीदने पर उपायुक्त से की शिकायत

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

झींकपानी में पेट्राेल पंप खाेलने के नाम पर आदिवासी रैयती कृषि जमीन काे फर्जीवाड़ा कर खरीदने की डीसी से शिकायत की गई है। प्रभावित जमीन मालिकाें ने डीसी काे ज्ञापन साैंपकर रद्द करने की मांग की है। बताया गया कि झींकपानी प्रखंड के बासाहातु गांव के टाेला बादुबासा निवासी शीमल सिंकु, बमिया सिकु, सुरजा सिंकु व काेय सिंकु के 1.51 एकड़ जमीन काे चाेया गांव के टाेला डीपासाई निवासी धीरेंद्र नाथ दिगगी के नाम से काेर्ट स्टांप पर खरीदा गया है। बैठक में कानूराम हेम्ब्रम काे लाेकेसाई गांव का फर्जी निवासी बताया गया। इसके बाद अंचल अधिकारी द्वारा निर्गत स्थायी जाति प्रमाण पत्र तथा अन्य का कागजाताें काे अंचल अधिकारी द्वारा रद्द किया गया अाैर इस संबंधी अभिलेख के अाधार पर अपर उपायुक्त ने कानूराम के नाम से नामांतरण अभिलेख काे भी रद्द किया गया। लेकिन शशि सहाय ने दूसरी साजिश के तहत उनके अधीन कार्यरत ठेका मजदूर बासाहातु गांव के टाेला बादुबासा निवासी पाेरेस मुंडा के नाम से प्रश्नगत जमीन काे पुन: खरीदा गया। अपर उपायुक्त द्वारा कानूराम हेम्ब्रम के नाम से हुए नामांतरण अभिलेख काे रद्द करने के महज 10-11 दिनाें के भीतर पाेरेश मुंडा काे जमीन बेचने की अनुमति दी गई। जिसके अाधार पर निबंधन कराकर पाेरेश मुंडा के नाम से नामांतरण हाे गया। जिसे अाधार बनाकर शशि सहाय ने उक्त जमीन पर पेट्राेल पंप खाेलने के लिए अनाप्ति प्रमाण-पत्र निर्गत करने के लिए डीसी के कार्यालय में याचिका दाखिल किया है। बताया गया कि अनाप्ति प्रमाण निर्गत के लिए समर्पित याचिका की जानकारी हाेने के पर डीसी काे अापत्ति अावदेन दिया गया जिसपर संज्ञान नहीं लेने के कारण जनजाति कल्याण समिति विधानसभा में दिए गए अावेदन पत्र के अाधार पर झारखंड विधानसभा द्वारा डीसी काे तत्काल जांच कर प्रतिवेदन साैंपने का निर्देश दिया गया। लेकिन इसपर अबतक काेई संज्ञान नहीं लिया गया। उक्त जमीन पर पेट्राेल पंप खाेलने के लिए कार्य भी लगातार जारी है। बताया गया कि पेट्राेल पंप के लिए 30 से 40 डिसमिल जमीन काफी हाेता है परंतु 1.51 एकड़ की जमीन पर पेट्राेल पंप के नाम से लीज लेना साफ दर्शाता है कि आदिवासी जमीन काे हड़पा जा रहा है। इस संबंध में प्रभावित रैयत छाेटा मुंडा, सामू मुंडा एवं अन्य रैयताें ने अंचलाधिकारी काे ज्ञापन साैंपकर अपना विराेध दर्ज किया है। इन लाेगाें ने तत्काल पेट्राेप पंप के निर्माण काे बंद कराने की मांग की है। ज्ञापन में छाेटा मुंडा, दामू मुंडा, साेबाेर मुंडा, सुरसिंह मुंडा, मानकी मुंडा, पवन सांडिल आदि शामिल हैं।

झींकपानी में निर्माणाधीन पेट्राेल पंप।
खबरें और भी हैं...