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रैयतों को नौकरी और मुअावजा देने की मांग की

एक वर्ष पहले
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रैयताें के शिकायत पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा व सांसद गीता कोड़ा ने रैयतों की समस्या व अन्य समस्याओं को लेकर एसीसी झींकपानी के कारखाना निदेशक राज गुरुंग से भेंट की। लगभग 45 मिनट तक हुई वार्ता में उन्होंने रैयतों की समस्या, रैयतों को मिलने वाली सुविधाओं व स्थानीय समस्याओं पर चर्चा हुई। पूर्व मुख्यमंत्री कोड़ा व सांसद गीता कोड़ा ने रैयतों को नौकरी व मुआवजा नहीं मिलने पर चिंता जताई।

इसके अलावा कंपनी द्वारा डीएवी स्कूल झींकपानी में सीएसआर के तहत स्थानीय बच्चों के एडमिशन पर रोक लगाये जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कंपनी द्वारा सामुदायिक विकास के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। गौरतलब है कि रैयतों द्वारा कंपनी द्वारा नौकरी व मुवावजा नहीं दिये जाने की शिकायत पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद से की गई है। रैयतों के शिकायत पर वे कारखाना निदेशक से भेंट करने पहुंचे थे। बता देें कि मुलाकात से पूर्व कोड़ा दंपती से रैयतों ने आरोप लगाया कि काम में भी स्थानीय लोगों के बजाय बाहरी ठेकेदारों व बाहरी मजदूरों को रखा जाता है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री कोड़ा व सांसद ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा। सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि रैयतों व ग्रामीणों की समस्या पर कारखाना निदेशक से बातें हुई जो संतोषजनक नहीं है। 10-15 दिनों के अंदर रैयतों के साथ उनकी समस्याओं को लेकर बैठक की जायगी। उसके बाद रैयतों की समस्या को लेकर प्रबंधन से पुनः वार्ता किया जायगा। इस दौरान मुखिया मेंजारी मुंडा, उप मुखिया इस्माइल सिंह दास सहित रैयत व ग्रामीण उपस्थित थे।

रैयताें से बातचीत करते मधु काेड़ा व सांसद गीता काेड़ा।
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