जगन्नाथपुर: होली की मस्ती के साथ सरहुल की धूम
जगन्नाथपुर| होली का खुमार उतरा ही नहीं कि उरांव समाज के लोग सरहुल की थाप पर थिरकने लगे। तीन दिनों से होली के साथ सरहुल की धूम चल रही है। बता दें कि सरहुल के उपलक्ष्य में नये फूल की पूजा की जाती है। बसंत ऋतु के आगमन पर चारों ओर वृक्षों में लद जाते हैं। नये फूलों के आगमन पर सनातन धर्मावलंबी जबतक फूल की पूजा नहीं करते तब तक नये फलों का सेवन नहीं करते हैं। होली के दूसरे दिन अच्छी वर्षा, पानी एवं नये फूल की पूजा तथा तीसरे दिन सखुआ फुल खोंसी सभी घरों में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर माँगा बकला, मोहन कुजूर, बुधवा कुजुर, प्रेम कुजुर, ब्रजमोहन कुजुर, राकेश लकड़ा (पाहन), कृश कुजूर (उप-पाहन), रामेश्वर कुजूर, राजकिशोर लकड़ा, राज कुजुर, रंजीत बाकला, सुखदेव कुजूर, चन्द्रमोहन कुजूर आदि शामिल थे।