2002 के बाद पहली बार चैत में झमाझम बारिश
प.सिंहभूम में दाे दिनाें में 23.2 मिमी बरसे बादल, जनजीवन अस्त व्यस्त, चक्रधरपुर में सड़काें पर बहता रहा नाली का पानी
प सिंहभूम जिले में पिछले 48 घंटे में 23.2 मिमी बारिश हुई है। इस दाैरान माैसम के असर से व्यापारिक प्रतिष्ठान ,कृषि पर सीधा असर पड़ा है। माैसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनाें तक बारिश हाेने की संभावना है।
चाईबासा माैसम विभाग के अनुसार गुरुवार की शाम तक कुल 12 घंटे में 14.1 मिमी बारिश हुई। बुधवार काे 9.1 मिमी बारिश हुअा था। गुरुवार काे दिन के 12 बजे से डेढ़ घंटे तक जाेरदार बारिश हुई। वहीं चक्रधरपुर में दाेपहर के 12 बजे से दाे बजे तक मूसलाधार बारिश हुई है। इसके कारण कई सड़काें पर पानी भर गया। नगर परिषद क्षेत्र की नालियां जाम हाेने के कारण सड़काें पर पानी बहने लगा। इधर दलहन फसलाें पर राेग लगने की आशंका बढ़ गई है। बारिश के कारण माैसम का पारा गिर गया है। गुरुवार काे दिन का पारा 16 डिग्री सेल्सियस दाेपहर तक रहा। उसके बाद चाईबासा में सूरज की किरणें पड़ी। चक्रधरपुर में दिन भर बादल छाये रहे। सोनुआ में लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी जमकर बारिश हुई। सुबह से मौसम साफ था। लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ने लगा आकाश में काले बादल छाने लगे और पौने बारह बजे से झमाझम बारिश शुरू हो गयी। जिसके बाद घंटों बारिश होती रही। दोपहर को कुछ समय के लिये धूप खिला, लेकिन बाद में फिर बारिश शुरू हो गया। दिनभर रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। इससे सोनुआ में गुरुवार को लगने वाला साप्ताहिक हाट भी प्रभावित हुआ।
सरायकेला-खरसावां जिले में तेज हवा के साथ भरपूर बारिश
इस साल लगातार बदल रहे मौसम स्थानीय जानकारों के समझ से भी परे हो चली है। चैत के महीने में यदि बारिश की बात की जाए तो 2002 में ऐसी स्थिति देखी गई थी। ठंड की बात कही जाए तो 32 साल पहले 1988 में पूस की रात का नजारा चैत महीने में देखा गया था। इस साल के शुरुआती तीन महीने में लगातार चौथी बार मौसम के मिजाज के बिगड़ने से एक ओर जनजीवन अस्त-व्यस्त देखा जा रहा है, वहीं खेती कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बुधवार दोपहर से सरायकेला सहित आसपास के क्षेत्रों में तेज हवा और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बारिश का दौर चला। गुरुवार को भी समान रुप से चली तेज हवा और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हुई बारिश हुई। मौसम में इस बदलाव से तापमान के 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने के कारण कनकनाहट महसूस की गई।
आनंदपुर में लगातार बारिश से सब्जियों को भारी नुकसान
आनंदपुर में बुधवार से हो रही दो दिनों की बेमौसम बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। लगातार बारिश से सड़कें कीचड़मय हो गई है। दूसरी ओर लोग अपने अपने घरों में दुबके रहे सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। बारिश के कारण किसानों के चहेरे पर मायूसी छा गई। बेमौसम बारिश से टमाटर, बंधागोबी, फूलगोभी आदि सब्जियों की खेती पर खासा असर पड़ा है। खेतों में फसलें सड़ने लगी है जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
चक्रधरपुर में गुरुवार को भी झमाझम बारिश, जलजमाव
मौसम विभाग ने पश्चिम सिंहभूम में शनिवार तक बारिश होने का संभावना जताई है। प्रखंड कार्यालय के कृषि विभाग ने बुधवार की बारिश 18 एमएम दर्ज किया है। जबकि गुरुवार को भी दिन को झमाझम बारिश हुई। बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। शहर के सड़कों पर जलजमाव हो गया। दुकानों के आगे पर जल जमा होने से ग्राहक ही नहीं, दुकानदार भी परेशान हुए। बता दें कि गुदड़ी बाजार में जल जमाव का निकासी नहीं है। बारिश से मौसम पूरी तरह बदल गया।
दो दिनों में हुई प्रखंडवार बारिश
प्रखंड बुधवार गुरुवार
सरायकेला 11.2 12.3
खरसावां। 16.6 16.3
कुचाई 23.0 23.8
गम्हरिया 09.4 10.5
प्रखंड बुधवार गुरुवार
राजनगर 02.0 03.7
चांडिल 14.2 15.1
नीमडीह 07.8 08.2
इचागढ़ 04.2 05.1
चैत्र महीने में पूस की ठंड के साथ आषाढ़ की बारिश का नजारा
चक्रधरपुर के गुदड़ी बाजार में जलजमाव
आनंदपुर में अधिकतर दुकानें बंद रहीं। जो खुलीं, वहां कम लोग पहुंचे।
आगे क्या: अगले तीन दिनों तक जारी रहेगी मौसम की बेरुखी:- मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 दिनों तक समान रूप से मौसम की प्रतिकूलता जारी रहेगी। जिसमें हवा चलने के साथ बारिश होने की संभावना बताई जा रही है।