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पांडुबुरु टोला में पटरी पर लौटी जिंदगी, मगर खटिया पर मरीजों को कब तक ढोएंगे ग्रामीण

एक वर्ष पहले
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पिछले चार दिनों से डायरिया के प्रकोप से आनंदपुर प्रखंड के झाड़बेड़ा पंचायत के तिलिंगदिरी, बीजा टोली, सरना टोला, पांडुबुरू, झाड़बेड़ा आदि के लोग भय एवं खौफ की जिंदगी जी रहे थे, लेकिन बुधवार तक लोगों ने राहत सांस ली। इधर मनोहरपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चार दिनों से भर्ती 49 मरीजों को प्राथमिक इलाज करने के बाद छोड़ दिया गया। मनोहरपुर सीएचसी चिकित्सा प्रभारी डॉ नरेंद्र सुंब्रई ने बताया कि लगभग 15 की संख्या में और मरीज हंै जो इलाजरत हंै उन्हें भी जल्द छुट्टी दे दी जाएगी। बताते चले कि 6 मार्च को तिलिंगदिरी तुंति टोला में शादी भोज समारोह के बाद भोज में शरीक हुए लोगों की हालत 7 मार्च आधी रात से बिगड़ने लगी थी। लोग उल्टी एंव दस्त की शिकायत से परेशान थे। पीड़ित मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसमें झाड़बेड़ा की पांडुबुरू टोला निवासी सुषमा किस्पोट्टा नामक छात्रा की मौत अस्पताल लाने के क्रम हो गई थी।

इधर... सामाजिक सुरक्षा मंत्री ने सीएचसी का दौरा कर मरीजों का जाना हाल

मनोहरपुर| होलिकोत्सव से दो दिन पहले अानंदपुर प्रखंड के झारबेड़ा पंचायत के गांवों में फूड पॉइजनिंग की चपेट में आने से बीमार हुए ग्रामीणों का हाल जानने के लिए स्थानीय विधायक जोबा मांझी सह महिला-बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्री जोबा मांझी व पूर्व विधायक गुरुचरण नायक ने सोमवार को मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया। यहां इन्होंने इलाजरत मरीजों व उनके परिजनों से पूछताछ कर उनका हाल जाना। साथ ही मौजूदा हालात पर प्रशासनिक अधिकारियों व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। साथ ही सभी को मंत्री ने जरूरी निदेश भी दिए। इसके अलावा इन्होंने मरीजों व ग्रामीणों से मौजूदा हालात को देखते स्वास्थ्य व खान - पान के प्रति सचेत रहने को कहा। इसके अलावा स्वच्छता को लेकर भी कई बातें कहीं। इस मौके पर मनोहरपुर बीडीओ जितेंद्र कुमार पांडेय, आनंदपुर बीडीओ शैलेन्द्र कुमार रजक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नरेंद्र सुम्बरूई, अजय सिंह आदि मौजूद थे।

पांडुबुरु टोला में आवागमन के लिए सड़क नहीं, खटिया से लाया गया शव

टोले के लोग मूलभूत सुविधाओं से महरूम है। ग्रामीणों को मुख्य सड़क से टोले तक पहुंचने के लिए 2 किमी का पागडंडी भरा रास्ता अपनाना पड़ता है। बारिश के मौसम में ये दिक्कतें बढ़ जाती है।- मनोज खाखा, पांडुबुरू निवासी

सड़क की कमी के कारण टोले तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाता है जिसके वजह से मरीजों को खटिया के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। टोले के लोग पेयजल के लिए नलकूप या कुंए की कोई व्यवस्था नहीं है।

- जोहन किस्पोट्टा, पांडुबुरु निवासी

इधर, पांडुबुरु टोला में आवागमन हेतु सड़क की सुविधा नहीं है। लोगों को टोले से मुख्य सड़क तक आने के लिए 2 किमी पागडंडी भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। टोले में लगभग 50 परिवारों का बसेरा है, लोग मूलभूत सुविधाओं से महरूम है। लोगों को पेयजल की आपूर्ति करने हेतु 2 किमी दूर मुखिया के घर के पास कुंए के पास आना पड़ता है। टोले की सबसे समस्या सुगम सड़क है गांव में लोग जब बीमारी से ग्रसित होते है तो मरीज को सड़क तक लाने के लिए खटिया का सहारा लेना पड़ता है। अभी टोले में घटी हालिया घटना से छात्रा की हुई मौत के बाद पुलिस प्रशासन को छात्रा की शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजने के लिए उसके घर से मुख्य सड़क तक लाने के लिए खटिया का सहारा लेना पड़ा था। सड़क नहीं होने की वजह से टोले तक एंबुलेंस के अलावे चार पहिया वाहनें नहीं पहुंच पाती है। वही मरीजों को 20 की किमी दूरी तय कर मनोहरपुर सीएचसी स्वास्थ्य केन्द्र लाना पड़ता है। यह सबसे बड़ी समस्या है।
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