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अनुमंडल अस्पताल में आठ विभाग चलने की जरुरत, सिर्फ दो ओपीडी में ही डॉक्टर
चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल का कायाकल्प डीएमएफटी फंड से किया जा रहा है। अस्पताल में लगातार कार्य हो रहे हैं, लेकिन चिकित्सा व्यवस्था में कोई विशेष सुधार की उम्मीद नहीं दिख रही है। अस्पताल में सिर्फ दो विभाग का ओपीडी संचालित होता है, जबकि आठ विभाग संचालन होना चाहिए। सर्जन के अभाव में नवंबर-2019 से अस्पताल में गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन बंद है। अस्पताल में सर्जरी, आई, ईएनटी, मेडिसिन, गायनिक, आर्थो, पेडियाट्रिक एवं डेंटल डिपार्टमेंटल चलना जरुरी है, लेकिन इसमें सिर्फ दो डिपार्टमेंटल चलता है, वह भी सिर्फ ओपीडी। यहां रोजाना इलाज को मरीज पहुंचते है। हालांकि अस्पताल में गंभीर बीमारी की मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। चक्रधरपुर आसपास के लोगों को बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर या राउरकेला जाना पड़ता है। फिलहाल अस्पताल में डीएमएफटी फंड से मरीजों और परिजनों की बैठने, काउंटर में परामर्श लेने, चारों ओर जानकारी के लिए बोर्ड लगाए गये है।
पांच महीने से बंद है सिजेरियन डिलेवरी
अस्पताल में डिलेवरी महिलाओं की सिजेरियन की व्यवस्था था। नवबंर-2019 में एनआरएचएम डॉ पी.प्रधान के इस्तीफा देने के बाद से अस्पताल में सिजेरियन डिलेवरी बंद है। हालांकि दो जेनरल सर्जन प्रतिनियुक्ति किया गया है। लेकिन फिर भी सिजेरियन नहीं होता है। सिजेरियन की नौबत आने पर प्रसूताओं को चाईबासा, जमशेदपुर या राउरकेला ले जाना पड़ता है।
सर्जन नहीं होने से बंद है सिजेिरयन
अस्पताल में सर्जन की चिकित्सक नहीं है। इस कारण सिजेरियन बंद है। संसाधनों के अभाव में कई सुविधाएं नहीं दिया जा रही हैं। दो जेनरल सर्जन प्रतिनियुक्त है, लेकिन वह सप्ताह में एक दिन योगदान देते हैं। -डॉ आरएन सोरेन, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अनुमंडल अस्पताल चक्रधरपुर
जमशेदपुर से आती है शिक्षिका, देर से पहुंचने के कारण बच्चों की पढ़ाई पर हो रहा असर
चक्रधरपुर |जमशेदपुर से आना-जाना करने की वजह से चक्रधरपुर प्रखंड की कोलचोकड़ा पंचायत के रूंगसाई प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका अक्सर देर से पहुंचती है। शुक्रवार को भी रूंगसाई प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका रेखा एक्का देर से विद्यालय पहुंची। शिक्षिका के विद्यालय पहुंचने से पहले बच्चें पहुंच गए थे और विद्यालय में ताला लटका हुआ था। इसके बाद कुछ ग्रामीणों पर इसकी नजर पड़ी तो नाराजगी जतायी। ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षिका रेखा अक्सर सप्ताह में अधिकांश दिन देर से ही विद्यालय पहुंचती है। अक्सर आधा से एक घंटा देर से विद्यालय शिक्षिका विद्यालय आती है। इससे बच्चों के पठन-पाठन पर असर पड़ रहा है। वहीं शिक्षिका रेखा एक्का ने कहा कि उनका परिवार जमशेदपुर में रहता है इसके कारण उन्हें जमशेदपुर जाना पड़ता है। शुक्रवार को जमशेदपुर से चक्रधरपुर आने में उन्हें देर हो गई।