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बाजार समिति ने किया ठेका का रिन्युअल, नगर पर्षद ने करा दी डाक, समिति परेशान, दोनों विभाग जता रहे हैं हक

Chakradharpur News - चक्रधरपुर गुदड़ी बाजार में भूमि कर वसूली का बड़ा प्रपंच खड़ा हो गया है। गुदड़ी बाजार आखिर किसका है? नगर परिषद या...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:20 AM IST
बाजार समिति ने किया ठेका का रिन्युअल, नगर पर्षद ने करा दी डाक, समिति परेशान, दोनों विभाग जता रहे हैं हक
चक्रधरपुर गुदड़ी बाजार में भूमि कर वसूली का बड़ा प्रपंच खड़ा हो गया है। गुदड़ी बाजार आखिर किसका है? नगर परिषद या चाईबासा कृषि बाजार उत्पादन समिति। दोनों विभाग अलग-अलग दावेदारी ठोंक रहे हैं। जबकि बाजार एक है। हैरानी यह है कि अब दोनों विभाग ने इस बाजार से भूमि कर वसूली के लिए लगभग दस लाख रुपए में अलग-अलग ठेका दे दिया है। 30 मार्च को नगर परिषद ने डाक नीलामी कराते हुए महंगी लाल नामक व्यक्ति को सबसे ऊंची बोली पर 5 लाख 75 हजार 300 रुपए में ठेका दे दिया है। दूसरी और बाजार समिति चाईबासा ने 26 मार्च को ही राहुल गुप्ता व अन्य लाभुक समिति को करीब 5 लाख 21 हजार रुपए सालाना भूमि कर वसूली के लिए वर्ष 2019 तक का बंदोबस्ती लाभुक समिति के नाम पर कर दी है। एक बाजार पर दो एजेंसी को टैक्स वसूली का अलग-अलग ठेका हासिल करने पर तनातनी की स्थिति है। दोनों विभाग द्वारा बाजार पर हक जताने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। ठेका लेने वाले फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं। झगड़ा झंझट होने की संभावना भी है।

गुदड़ी बाजार पर दो विभाग ठोक रहे हैं दावा, कौन करेगा टैक्स की वसूली

दोनों विभाग में पेंच -आदेश का है इंतजार

कैबिनेट ने वर्ष 2013 में सारे नगर निकाय के अधीन मौजूद सराय, तालाब व हाट बाजार आदि को निकाय के अधीन हस्तांतरित करने का आदेश दिया था। उसके बाद से लगातार चक्रधरपुर नगर परिषद गुदड़ी बाजार को हस्तांतरित करने को जिला उपायुक्त को लिख रहा है। अब नगर परिषद दावा कर रहा है कि पत्राचार के छह माह तक अगर संबंधित विभाग हस्तांतरित नहीं करता है तो स्वत: वह संपत्ति निकाय की होगी। ऐसे में गुदड़ी बाजार अब नगर परिषद के अधीन है। वहीं कृषि उत्पादन बाजार समिति के पणन सचिव का मानना है कि मार्केटिंग बोर्ड से समिति संचालित है। इसका संबंध कृषि विभाग से है। कृषि विभाग जब गुदड़ी बाजार को हस्तांतरित करने का आदेश नहीं देगा तभी बाजार को हस्तांतरित होगा। लिहाजा बाजार अब भी समिति के अधीन है।

आगे क्या

दोनों विभाग की बैठक हो। किसी एक विभाग की बंदोबस्ती रद्द होगी। जिला उपायुक्त हस्तक्षेप करें।

जो आप जानना चाहते हैं

एक अप्रैल से ठेकेदार बाजार से टैक्स वसूलेंगे। लेकिन दोनों विभाग के पेंच के कारण अलग-अलग ठेकेदारों को वसूली का जिम्मा मिला है। ऐसे में वह फंस गए हैं। आखिर एक छोटे से बाजार से 11 लाख की वसूली कैसे होगी।

राजा के जमाने से है हाट

गुदड़ी बाजार पोड़ाहाट राजा के जमाने से है। इस हाट पर गांव देहात के लोग रोजमर्रा के सामानों की खरीद फरोख्त करते हैं। काल क्रम में ये बाजार कृषि व उत्पादन समिति चाईबासा के अधीन चला गया।

दोनों विभाग के जिम्मेदारों की बात

सीधी बात

दावा करने से कुछ नहीं होगा

महादेव कच्छप

सचिव, कृषि बाजार समिति चाईबासा

सवाल: चक्रधरपुर गुदड़ी बाजार की बंदोबस्ती कैसे करा दिए?

जवाब: इस बाजार की देखरेख कृषि बाजार कर रही है। पहले से ही तीन साल का ठेका राहुल साव को मिला हुआ है। इसलिए रिन्युअल कर दिया गया है।

सवाल: बाजार पर नगर परिषद चक्रधरपुर भी दावा कर रहा है?

जवाब: दावा करने से कुछ नहीं होगा। हम मार्केटिंग बोर्ड का आदेश मानते हैं। अभी तक कोई आदेश हस्तांतरित करने का नहीं आया है।

बोलने से क्या होगा, हमारा हक

सुनील कुमार

कार्यपालक पदाधिकारी नप चक्रधरपुर

सवाल : गुदड़ी बाजार पर दावेदारी कर रहे हैं?

जवाब : बिल्कुल दावेदारी बनती है। नप क्षेत्र में मौजूद दूसरे विभागों की संपत्ति स्वत: निकाय के अधीन होगी। कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। कागज भी हमारे पास है।

सवाल: बाजार समिति ने भी बाजार की बंदोबस्ती करा दी है?

जवाब : बोलने से क्या होगा, हमारा हक है। हम लोग डाक के माध्यम से बाजार की नीलामी की है। अब हमारे जिम्मे में है गुदड़ी बाजार।

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