• Home
  • Jharkhand News
  • Chakradharpur
  • अभिभावक बच्चों को सही शिक्षा और संस्कार दें : विधायक
--Advertisement--

अभिभावक बच्चों को सही शिक्षा और संस्कार दें : विधायक

शनिवार को प्रखंड के सिलफोड़ी अवस्थित जलवे देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मातृ सम्मेलन, वार्षिक परीक्षा फल तथा...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:20 AM IST
शनिवार को प्रखंड के सिलफोड़ी अवस्थित जलवे देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मातृ सम्मेलन, वार्षिक परीक्षा फल तथा पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन किया गया। वहीं बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मौके पर छात्र-छात्राओं ने गणेश वंदना व छऊ नृत्य कर समां बांध दिया। समारोह की शुरुआत विधायक शशिभूषण सामड़ ने भारत माता, मां सरस्वती के चित्र पर माला चढ़ाकर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर किया। तत्पश्चात अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा ही जीवन का आधार है। सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को सही शिक्षा एवं संस्कार देना चाहिए। यदि बच्चों को सही संस्कार मिले तो उनमें मानवता आती है। उन्होंने बच्चों से कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर शिक्षा ग्रहण करना चाहिए। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी ध्यान देने को कहा। जिला परिषद सदस्य सह भाजपा नेता रतन लाल बोदरा ने कहा कि जलवे देवी स्कूल के विद्यार्थी स्कूल में ही नहीं पश्चिमी सिंहभूम जिले में भी नाम रोशन कर रहे हैं। स्कूल का मैट्रिक रिजल्ट अच्छा होता है। उम्मीद है कि इस वर्ष भी अच्छा परिणाम होगा। वहीं स्कूल प्रबंधन ने वार्षिक परीक्षा फल तथा पारितोषिक वितरण किया। मौके परमुखिया मेलानी बोदरा, पूर्व मुखिया सह विद्यालय के अध्यक्ष नरेश कोडांगकेल, वीरेंद्र कुमार सिंह, प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र महतो, अनंत सामड़, गौरी शंकर गागराई, शीत कुमार चक्रवर्ती, मृत्युंजय प्रधान, सीताराम महतो, नरेश महतो, हरमेश्वर महतो, सुखराम महतो, खुदीराम महतो, मधुसूदन प्रधान, कैलाश महतो, नागुरी सामड़, पिंकी जामुदा आदि मौजूद थे।

जलवे देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मातृ सम्मेलन सह पारितोषिक वितरण समारोह

समारोह मैं मुख्य अतिथि विधायक शशिभूषण सामाड पुरस्कार वितरण करते।

समारोह में छऊ नृत्य करते विद्यार्थी।

विद्यार्थियों ने छऊ नृत्य कर लोगों का जीता दिल

सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों ने संस्कृत भाषा में वंदना कर किया। वहीं बच्चों ने छऊ नृत्य कर उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। इस मौके पर नारी तेरी मोरनी के मोर ले गई, अडि दिन खोन नेपेल नेपेल, कोई एक को बुलाना है, ढोल नागाड़ा में राधा का छऊ नृत्य, नागपुरी नृत्य ढोल मादर बाजे रे, गुन गुन गुना गाना है आदि गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किए। पेट दर्द पर नाटक एकांकी प्रस्तुत की।