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जाहेरथान में बैल की बलि देने पर आदिवासी समाज के लोग दो गुटों में बंटे, टकराव टला

चाकुलिया थाना क्षेत्र के जुगीतोपा पंचायत स्थित कालिदासपुर गांव में बैल की बलि देने को लेकर गांव के ही दो पक्षों...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:10 AM IST
जाहेरथान में बैल की बलि देने पर आदिवासी समाज के लोग दो गुटों में बंटे, टकराव टला
चाकुलिया थाना क्षेत्र के जुगीतोपा पंचायत स्थित कालिदासपुर गांव में बैल की बलि देने को लेकर गांव के ही दो पक्षों में विवाद के बाद तनाव उत्पन्न हो गया। एक पक्ष बैल की बलि का विरोध किया तो दूसरा इसे परंपरा का हवाला दे रहा था। दोनों पक्ष कालिदासपुर जाहेरथान के समीप आमने सामने आ गए। घटना की सूचना मिलने के बाद टकराव की आशंका को देखते हुए एसडीओ अरविंद कुमार लाल तथा एसडीपीओ राजेंद्र दुबे भारी संख्या में पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर बलि दिए गए बैल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दावा किया है कि स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया है। इधर पुलिस को भी एक पक्ष का भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

बलि को लेकर पहले भी हो चुका है विवाद

कालिदासपुर गांव में बैल को बलि चढ़ाने को लेकर पहले विवाद हो चुका है। 20-30 साल पहले इसी मामले में गांव के दो पक्षों हांसदा एवं मांडी पक्ष के बीच विरोध हुआ था। मामला कोर्ट पहुंच चुका था। वर्ष 2001 में सुलह के बाद मामला समाप्त हुआ। 2018 में फिर से विवाद हो गया है।


क्या है मामला

बैल का शव ले जाने पर विरोध करती महिलाएं और उन्हें समझाती पुलिस।

बैल के शव को जब्त करने पर महिलाओं ने किया विरोध

बलि दिए गए बैल को पुलिस जब्त कर जब ले जाने लगी तब महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि पुलिस आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है। इसमें किसी का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। काफी समझाने बुझाने के बाद भी लोग जब नहीं माने तो पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। जिसके बाद मृत पशु को पोस्टमार्टम के लिए लाया जा सका।

जानकारी के मुताबिक कालिदासपुर गांव के संथाली समाज के एक गुट द्वारा रविवार की मध्य रात्रि में एक बैल की पूजा अर्चना कर कीर्तनडांगानाला के समीप बलि दे दी गई। उसके रक्त से ही जाहेरथान में पूजा करने की तैयारी की जा रही थी। इसी बीच ग्राम प्रधान सुनील वरण घोष के नेतृत्व में अन्य ग्रामीण वहां पहुंच गए तथा पुरजोर विरोध करने लगे। मामला बढ़ते देख बलि देकर पूजा कर रहे लोग भाग खड़े हुए। इस दौरान ग्रामीणों ने खदेड़कर नायके (पुजारी) वासुदेव हांसदा को पकड़ लिया। उसे रात भर जाहेरथान स्थित पेड़ के नीचे बैठा कर रखा।


समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो बढ़ सकता था बवाल

कालिदासपुर में बैल को बलि दिए जाने के मामले में समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो वहां बड़ा बवाल हो सकता था। दो गुटों में टकराव होना तय था। संयोग से नगर पंचायत चुनाव के कारण पहले से चाकुलिया में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अधिकारियों का दल भी चाकुलिया में ही कैंप कर रहा था। जैसे ही घटना की सूचना मिली। पुलिस घटना स्थल पर पहुंच कर मामले को संभाल लिया।

महिलाओं ने बंधक बने नायके को छुड़ाने का किया प्रयास

सोमवार की सुबह परंपरा की दुहाई देने वाले लोगों ने महिलाओं को आगे कर दिया। बलि पूजा के समर्थन में महिलाओं का एक समूह जाहेरथान आ पहुंचा। महिलाएं दूसरे पक्ष से भिड़ने को तैयार हो गईं। सूचना पाकर एसडीओ अरविंद कुमार लाल, एसडीपीओ राजेंद्र दुबे, इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह तथा थाना प्रभारी नित्यानंद महतो दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए। इस मामले को लेकर बलि समर्थकों तथा पुलिस के बीच झड़प भी हुई। उनका कहना था कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है।


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