चास

  • Hindi News
  • Jharkhand News
  • Chas News
  • दो लाख से बने गार्डवाल में दो माह में ही दरारें, चबूतरा भी टूटने लगा
--Advertisement--

दो लाख से बने गार्डवाल में दो माह में ही दरारें, चबूतरा भी टूटने लगा

युधिष्ठिर महतो

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 02:25 AM IST
दो लाख से बने गार्डवाल में दो माह में ही दरारें, चबूतरा भी टूटने लगा
युधिष्ठिर महतो
चास प्रखंड के पोखन्ना पंचायत के काशीटांड़ में 14वें वित्त आयोग की राशि से बना गार्डवाल और चबूतरा दो माह के अंदर ही टूटने फूटने लगा। गार्डवाल की लाभुक समिति के अध्यक्ष राधानाथ महतो और सचिव गोकुल महतो थे, जबकि चबूतरा की लाभुक समिति के अध्यक्ष गुणाराम महताे और सचिव कैलाश महतो थे। गार्डवाल 1.96 लाख और चबूतरा 1.21 लाख की लागत से करवाया गया था। गार्डवाल मेंे कई जगह दरारेंे आ गईं, जबकि चबूतरा भी कई जगह टूट-फूट गया।

इन योजनाओं की पूरी जिम्मेवारी मुखिया पर होती है। मुखिया के इशारे पर ही सारा काम होता है, लेकिन मुखिया से पूछने पर वह कनीय अभियंता पर दोष थोपती हैं, जबकि कनीय अभियंता मुखिया को जिम्मेदार ठहराते हैं। वहीं, कई ग्रामीणों ने नाम नहीं छापने के आग्रह पर बताया कि इसमें इन सबकी मिलरभगत है। घटिया काम कर सरकारी पैसे का घोटाला किया गया है।

मुखिया और कनीय अभियंता एक-दूसरे पर थोप रहे दाेष, 14वें वित्त आयोग की राशि से गार्डवाल के निर्माण में की गई भारी गड़बड़ी

गार्ड वाल में आई दरार और इनसेट में कई जगह टूटा चबूतरा।

मुखिया ने कहा- काम कराने की जिम्मेवारी जेई की है

इस संबंध में मुखिया सरस्वती बनर्जी से पूछने पर उन्होंने कहा कि योजना स्थल पर जाकर काम कराने की जिम्मेवारी कनीय अभियंता की होती है। वह इस संबंध में मैं कुछ नहीं कह सकतीं। आपको जो छापना है छाप दें, मुझे जो जवाब देना होगा, अधिकारियों को दूंगी। वहीं, लाभुक समिति के अध्यक्ष गुणाराम महतो ने कहा कि उन्हें लाभुक समिति का अध्यक्ष बनाया तो गया, लेकिन उन्होंने काम नहीं करवाया, दूसरे आदमी से काम करवाया गया। इसलिए कहां गड़बड़ी हुई है, उन्हें जानकारी नहीं है।

काम सही हुआ है : जेई इस संबंध में पूछे जाने पर कनीय अभियंता सुनील कुमार ने कहा कि उन्होंने खड़ा होकर काम करवाया है, काम में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। दरार कैसे हो गई, इसे देखना होगा। गार्डवाल की लंबाई की जानकारी बोर्ड में नहीं दिए जाने के सवाल पर कहा कि यह मुखिया से पूछें।

X
दो लाख से बने गार्डवाल में दो माह में ही दरारें, चबूतरा भी टूटने लगा
Click to listen..