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डकरा के एनके एरिया में जंग खा रही हैं करोड़ोंं की मशीनें

एनके एरिया में बी ब्लॉक में कई वर्षों से खरब पड़ी भारी मशीन दिनों दिन जंग लगती जा रही है। इन खराब मशीनों की देखभाल के...

Danik Bhaskar | Feb 20, 2018, 02:50 AM IST
एनके एरिया में बी ब्लॉक में कई वर्षों से खरब पड़ी भारी मशीन दिनों दिन जंग लगती जा रही है। इन खराब मशीनों की देखभाल के लिए तीनों पाली में सुरक्षा कर्मी लगाए गए हैं। अगर इस मशीन को शुरू में ही स्क्रेप के भाव में बेच दिया जाता तो सीसीएल को लाखों रुपए की आय होती। लेकिन अब इस खराब मशीन हाल जितना बाबू नहीं, उतना का झुनझुना, वाली कहावत सिद्ध होती जा रही है।

लोहा चोरों से बचाने के लिए सीसीएल प्रबंधन पिछले पांच साल से यहां सीआईएसएफ के जवानों को लगा रखी है। औसतन एक सुरक्षा कर्मी का महीने का वेतन 35 हजार है, तो तीनों सुरक्षाकर्मियों में एक माह में एक लाख पांच हजार यानी पांच साल में 63 लाख इन स्क्रेप की देख रेख में खर्च हुई है। जबकि एरिया के कई परियोजना में खराब मशीन पड़ी है, इसका अकड़ा निकाला जाए तो रकम करोड़ों में होगी। इस संबंध में राष्ट्रीय कोयला मजदूर नेता सुनील सिंह ने कहा कि सीसीएल ऐसे स्क्रेप को मुख्यालय से टेंडर के माध्यम से बिक्री करनी चाहिए और सुरक्षा कर्मियों को उपयोगी जगहों में लगानी चाहिए।