• Hindi News
  • Jharkhand
  • Dakra
  • सीसीएल मोनेट ने नदियों के अस्तित्व पर खड़ा किया संकट
विज्ञापन

सीसीएल-मोनेट ने नदियों के अस्तित्व पर खड़ा किया संकट

Dainik Bhaskar

Feb 23, 2018, 03:10 AM IST

Dakra News - सीसीएल एनके एरिया व मोनेट ने अतिक्रमण कर दामोदर की सहायक सोनाडुबी नदी का अस्तित्व मिटा दिया है। सीसीएल ने 90 के दशक...

सीसीएल-मोनेट ने नदियों के अस्तित्व पर खड़ा किया संकट
  • comment
सीसीएल एनके एरिया व मोनेट ने अतिक्रमण कर दामोदर की सहायक सोनाडुबी नदी का अस्तित्व मिटा दिया है। सीसीएल ने 90 के दशक में केडीएच खदान विस्तार के दौरान नदी से छेड़छाड़ कर इसकी धारा को बदल दिया और इसके तट पर ओबी जमा कर दिया, जो धीरे-धीरे नदी में समा गया। इससे नदी की गहराई खत्म हो गई। एक ओर केडीएच रेलवे साइडिंग व दूसरी ओर मोनेट कोल वाशरी ने नदी की चौड़ाई कम कर दी। बरसात में बाढ़ का पानी भी नहीं निकल पाता है। हर साल भूतनगर बस्ती डूब जाती है। फिलहाल सोनाडुबी व दामोदर नदी की स्थिति अत्यंत ही खराब है। पूरी तरह मरनासन्न व प्रदूषित हो गई है।

सोनाडुबी को बना

दिया नाला

50 हजार लोगों की प्यास बुझाती है दामोदर

डकरा, खलारी व पिपरवार एरिया में बसे 50 हजार से ज्यादा लोग दामोदर के पानी को पेयजल के रूप में इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग तो पूरी तरह से इसी पर निर्भर ही हैं। सीसीएल एनके एरिया प्रबंधन भी अपने आवासीय कॉलोनियों डकरा, केडीएच व माइनस कॉलोनी में दामोदर के पानी को पाइप लाइन के जरिए सप्लाई करता है। इस साल अभी से ही दामोदर में जलस्तर घटने लगा है, इससे पानी ज्यादा प्रदूषित हो गया है। सीसीएल ने दामोदर में पानी इकट्‌ठा करने के लिए बालू का बांध बना रखा है, ताकि आवासीय कॉ़लोनियों में पानी की आपूर्ति जारी रखी जा सके।

कोयले की गाद में दामोदर संग सोनाडूबी

प्रदूषण रोकने के नाम पर होती है खानापूर्ति

सोनाडुबी व दामोदर नदी को प्रदूषण मुक्त कराने के नाम आज तक खानापूर्ति ही हुई है। दामोदर बचाओ अभियान व युगांतर भारती के संस्थापक सह खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय आज से सात-आठ साल पहले दामोदर को बचाने के लिए झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर किए थे, इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर सीसीएल ने दामोदर पर मिट्‌टी से बनाए गए अपने दो ट्रांपोर्टिंग पुलों को हटाया था। इसके बाद दामोदर बचाओ अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह गया। झारखंड प्रदूषण नियंत्रण पर्षद वाले लोग तो केवल खानापूर्ति करने आते हैं। इन पर आसपास के लोग लेनदेन का गंभीर आरोप लगाते हैं।

X
सीसीएल-मोनेट ने नदियों के अस्तित्व पर खड़ा किया संकट
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन