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उत्पादन में 23.32 % वृद्धि के बावजूद लक्ष्य से पीछे रह गया एनके एरिया

एनके एरिया वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए कोयला उत्पादन में अपने निर्धारित लक्ष्य से 1,63,345 टन पीछे रहा है। 31 मार्च को प्राप्त...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 07:55 AM IST
एनके एरिया वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए कोयला उत्पादन में अपने निर्धारित लक्ष्य से 1,63,345 टन पीछे रहा है। 31 मार्च को प्राप्त फाइनल आंकड़ों के मुताबिक, एनके एरिया को 72 लाख टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य मिला था, इसमें 70,36,655 टन कोयले का उत्पादन हुआ।

एरिया की रोहिणी और पुरनाडीह परियोजना ही अपने-अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकी। केडीएच, डकरा और चुरी परियोजनाएं अपने लक्ष्यों से पीछे रहीं। चुरी को 60 हजार टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य मिला था, इसके मुकाबले उसने 11,480 टन कोयला ही उत्पादित कर सकी। केडीएच परियोजना 24 लाख टन में 7,70,760 टन, डकरा 4 लाख 50 हजार टन में 3,5,428 टन, पुरनाडीह 24 लाख टन के मुकाबले 25,80,261 टन और रोहिणी ने 28 लाख टन के मुकाबले 32,98,727 टन कोयले का रिकॉर्ड उत्पादन कर कृतिमान बनाया।

वहीं, एरिया को 86,60,583 टन कोयला डिस्पैच लक्ष्य दिया गया था, इसमें उसने 72,17,511 टन कोयला डिस्पैच कर सका। ओबी निकालने में भी एरिया पीछे रहा 1 करोड़ 50 लाख 60 हजार क्यूबिक मीटर में 1 करोड़ 72 हजार 11 सौ 51 क्यूब मीटर ओबी ही निकाल सका। हालांकि, पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 की तुलना में इस वित्तीय वर्ष में कोयला उत्पादन में 23.32 प्रतिशत का ग्रोथ, ओबी में 24.97 प्रतिशत बढ़त हासिल किया है। अफसरों का कहना है कि एनके एरिया अपने लक्ष्य को आसानी से पूरा कर लेता, लेकिन चुरी परियोजना में नई आधुनिक मशीनें लगने के कारण चार माह से वहां उत्पादन बंद है। वहीं, केडीएच में जमीन की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित रहा।


खलारी स्टेशन से 464 रैक ज्यादा डिस्पैच

खलारी | खलारी रेलवे स्टेशन ने विभिन्न साइडिंग के माध्यम से पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 में सर्वाधिक 2881 रैक कोयले का डिस्पैच कर 19746086727 अरब रुपए भाड़ा मद में अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3046108142 अरब रुपए ज्यादा है। इसके अलावा खलारी सीमेंट फैक्ट्री से भी 125 रैक कोयले की ढुलाई की, जिससे रेलवे को भाड़े के रूप में 50 करोड़ रुपए मिला। खलारी रेलवे स्टेशन से रेलवे को कुल 20246086727 अरब रुपए का मुनाफा हुआ। स्टेशन अधीक्षक उमेश कुमार ने बताया कि माओवादियों सहित अन्य बंदी के बावजूद खलारी रेलवे स्टेशन ने 464 रैक ज्यादा कोयले का डिस्पैच किया।