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ठनका से हुई थी मौत, परिजनों को मिला चार-चार लाख रुपए मुआवजा

मांडर विधायक गंगोत्री कुजूर ने बुधवार को चान्हो व मांडर प्रखंड में कई स्थानों पर विकास कार्यों का शिलान्यास...

Danik Bhaskar

May 31, 2018, 02:25 AM IST
मांडर विधायक गंगोत्री कुजूर ने बुधवार को चान्हो व मांडर प्रखंड में कई स्थानों पर विकास कार्यों का शिलान्यास किया। साथ ही वज्रपात की चपेट में आकर मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की। सबसे पहले रघुनाथपुर में वज्रपात की चपेट में आकर मारी गई जीवनधनी मिंज के परिजनों से मुलाकात की। मौके पर ही उन्होंने मृतक के पति एरियल मिंज को चार लाख रुपए का चेक दिया। चेक लेकर चान्हो सीओ प्रवीण कुमार सिंह भी विधायक के साथ पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने कुल्लु व मदई गांव में तालाब जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया। वहां भूमि संरक्षण विभाग द्वारा तालाब का जीर्णोद्धार होना है।

कुल्लू में तालाब के बनने से लगभग 10 हेक्टेयर भूमि में व मदई में 11 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की जा सकेगी। मौके पर उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि इस तालाब के बनने से सबसे ज्यादा फायदा आपलोगों को होगा। इसलिए आपलोग प्राक्ल्लन के अनुसार तालाब का काम कराएं। इसके बाद उन्होंने मांडर प्रखंड के मुरकुनी गांव में वज्रपात की चपेट में आकर मारी गई सरवरी खातून के परिजनों से मिलीं। मौके पर विधायक प्रतिनिधि रमेश साहू, अजजा के प्रदेश मीडिया प्रभारी भोगेन सोरेन, कृष्ण मोहन साहू, बिहारी साहू, अवसाफ अहमद, गंगा उरांव, रिता उरांव, भउवा उरांव, शंकर उरांव, बेयासर पंचायत के उप मुखिया पारस कुमार, मांडर प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष रामबालक ठाकुर सहित अन्य उपस्थित थे।

परिजनों के दावा करने के बाद तत्काल सहायता देने निर्देश

डकरा | डकरा भूतनगर बस्ती के राहुल तुरी और बिट्टू तुरी की मौत ठनका से हो गई थी। परिजनों को प्रकृति आपदा राहत कोष से चार-चार लाख मुआवजा दिया गया। खलारी सीओ एस वर्मा और बीडीओ ने राहुल की मां गीता देवी, बिट्टू के पिताजी शंकर तुरी को चेक दिया।

विधायक प्रतिनिधि रमेश विश्वकर्मा, 20 सूत्री अध्यक्ष भरत रजक, उपाध्यक्ष प्रीतम साहू, सलामत अंसारी, जिप सदस्य ने भी मुआवजा देने की प्रक्रिया किया। सीओ ने बताया की झारखण्ड सरकार ने प्राकृतिक आपदा से मरने वाले के परिजनों के दावा करने के बाद तत्काल राहत देने निर्देश दिया है। उसी के तहत यह राशि दिया गया है। उन्होंने ब्रजपात से बचने के बारे में जानकारी देते ग्रामीणों को बताया आकाशीय बिजली से बचा जा सकता है, सीधा तरीका है कि बिजली कड़कने के वक्त आप पेड़ के नीचे न जाएं और हो सके तो घर में ही रहे, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल बंद कर दें। मुआवजा का चेक हाथ में थामते ही शंकर और गीता फफक-फफक कर रोने लगे। इससे लोगों के बीच माहौल गमगीन हो गया। मौजूद लोगों ने दोनों को ढांढस बंधाया।

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