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एनके एरिया में कोयले की ओवरलोडिंग बड़ी समस्या

एनके एरिया में कोयले की ओवरलोडिंग और बिना तिरपाल से ढके बेरोकटोक ट्रांसपोर्टिंग की जा रही है, जबकि डीसी की...

Danik Bhaskar

Jun 01, 2018, 02:25 AM IST
एनके एरिया में कोयले की ओवरलोडिंग और बिना तिरपाल से ढके बेरोकटोक ट्रांसपोर्टिंग की जा रही है, जबकि डीसी की अध्यक्षता वाली जिला टास्क फोर्स ने इसे सख्ती से रोकने का आदेश दिया था। इस आदेश का एरिया में अनुपालन नहीं हो रहा है। जिस कोयला ट्रक का कांटा होता है, उसमें ही क्षमता के अनुसार ढुलाई होती है, जबकि बिना कांटा वाले ट्रक में ओवरलोडिंग बदस्तूर जारी है। मोनेट कोल वाशरी द्वारा प्लांट से ेखौफ 25 टन क्षमता की जगह 32-35 टन कोयला केडीएच रेलवे साइडिंग भेजा जा रहा है। पिछले महीने टॉस्क फोर्स ने अभियान चलाकर ओवरलोडिंग व नियम तोड़ने वाले ट्रक मालिकों को कड़ी चेतावनी देते जुर्माना वसूला था। इसके दो-चार दिन बाद फिर वही स्थिति हो गई है।

ओवरलोडिंग से क्या होता है नुकसान

ओवरलोडिंग और बिना तिरपाल से ढके ट्रक चलने से डाला के ऊपर का कोयला सड़क पर गिरता है। इससे सड़कें खराब होती ही हैं, कोयला पीस कर धूल बनकर प्रदूषण फैलाता है, जिसका खामियाजा सड़क किनारे रहने वालों को भुगतना पड़ता है। अधिकतर लोग श्वांस की बीमारी और चर्मरोग की चपेट में हैं।

क्या कहते हैं जिम्मेवार अधिकारी

रांची डीटीओ नागेंद्र पासवान ने कहा कि मार्च में अभियान चलाकर नियम तोड़कर चलने वाले वाहनों के मालिकों से जुर्माना वसूला गया था। अगर, फिर भी बिना तिरपाल से ढके और ओवरलोडिंग कोयले की ढुलाई हो रही है, तो सख्त अभियान चलाकर ट्रकों को जब्त किया जाएगा।

बिना तिरपाल से डाला ढके ट्रक चलने से बढ़ रहा प्रदूषण

बिना कांटा के चलने वाला वाहन में ओवरलोडिंग करता पे-लोडर।

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