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एनके, पिपरवार व मगध आम्रपाली खदान बंद वापस

पुरनाडीह परियोजना में कार्यरत सीसीएल कर्मी सह विस्थापित नेता सुरेश उरांव की मौत के बाद प|ी सीतामुनी देवी को...

Danik Bhaskar | Jun 13, 2018, 02:55 AM IST
पुरनाडीह परियोजना में कार्यरत सीसीएल कर्मी सह विस्थापित नेता सुरेश उरांव की मौत के बाद प|ी सीतामुनी देवी को अनुकंपा के आधार पर मंगलवार को नियुक्ति पत्र दिया गया। मालूम हो कि सात जून को सुरेश उरांव को दिनदहाड़े अपराधियों ने हत्या कर दी थी। उसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने नौकरी की मांग को लेकर पुरनाडीह की खदान बंद कराकर शव को उठने नहीं दिया गया।

प्रबंधन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि प्रावधान के तहत नौकरी दी जाएगी। इसके बाद निर्धारित समय में सीसीएल प्रबंधन ने कोल मंत्रालय के नियम में बदलाव का हवाला देकर नौकरी देने से इंकार कर दिया। इस बात से नाराज विस्थापितों ने एनके पिपरवार और मगध आम्रपाली कोयला खदान का कामकाज अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का आह्वान किया। बंद को सभी ट्रेड यूनियन ने अपना नैतिक समर्थन दिया।

बंद में नुकसान को देखते हुए प्रबंधन ने अपने अडिग फैसले को बदला और मृतक की प|ी को नियुक्ति पत्र दिया। विस्थापित ग्रामीण, कोयला कामगार और यूनियन नेताओं ने कहा कि सभी के चटानी एकता का परिचय से प्रबंधन झुकना पड़ा।

नियुक्ति पत्र देने वक्त एनके महाप्रबंधक एमके राव, कार्मिक अधिकारी एसके गोस्वामी, पीओ डीके झा, प्रताप रंजन, धनराज भोगता, रामलखन गंझू, महेंद्र उरांव, सुखी गंझू, रंथू उरांव, बहुरा मुंडा, अमरभूषण सिंह, देवपाल मुंडा, अमृत भोगता आदि लोग मौजूद थे।

मृतक सुरेश की प|ी को सीसीएल प्रबंधन ने दिया नियुक्ति पत्र

मृतक सुरेश उरांव की प|ी को नियुक्ति पत्र देते महाप्रबंधक एमके राव।