13 स्कूलाें काे ही ब्रांज सर्टिफिकेशन सिल्वर अाैर गाेल्ड में एक भी नहीं
जिले में 1727 सरकारी स्कूलें हैं, जिनमें महज 13 स्कूलाें काे ही ब्रांज सर्टिफिकेशन मिला है। ब्रांज सर्टिफिकेशन का मतलब है कि संबंधित स्कूलाें में कक्षा 2 के 75 प्रतिशत छात्र संख्या जानते हैं और अक्षर पहचानते हैं। कक्षा 3-5 के 90 प्रतिशत छात्र कक्षा 1 की दक्षता रखते हैं अाैर कक्षा 6-9 के 90 प्रतिशत छात्र कक्षा 2 की दक्षता रखते हैं। ब्रांच सर्टिफिकेशन में यह भी देखा जाता है कि वहां पिछले 7 कार्य दिवस से विद्यालय में निर्धारित प्रारूप में ज्ञानसेतु के लिए पाठ योजना तैयार की गई है और उसे विद्यालय में रखा गया है। सभी ज्ञानसेतु कार्यपुस्तिका में सभी कक्षाकार्य (क्लासवर्क) शिक्षकों के द्वारा जाँचे गए हैं। निरीक्षण के दौरान ज्ञानसेतु की कक्षा 100 प्रतिशत निर्धारित अवधि तक संचालित हुई है। शेष 1714 स्कूलाें काे सिल्वर अाैर गाेल्ड ताे दूर ब्रांज सर्टिफिकेशन भी हासिल नहीं हाेना वहां के शिक्षा के स्तर पर कई सवाल खड़े कर रहा है। सनद हाे कि स्कूल के सभी बच्चे मार्च 2020 तक मूलभूत ताैर पर दक्ष हाे जाएंगे, एेसी शपथ सरकारी स्कूलाें के सभी शिक्षकाें ने ली थी।
स्कूल नहीं कर रहे नामांकन
स्कूलाें काे निर्देश दिया गया था कि वे अपने कमजोर पक्षों की पहचान करें और उन पर काम करें। समय-समय पर लक्षित छात्रों का आकलन करें। जब उन्हें पूरा विश्वास हो जाए कि उन्होंने वांछित प्रमाणीकरण के अंतर्गत सभी मानक पूरे हो गए हैं, तो वे ऑनलाइन नामांकन फॉर्म भरेंगे। हालांकि स्कूल ब्रांज सर्टिफिकेशन के लिए नामांकन ही नहीं करा रहे हैं।
इन स्कूलाें का ब्रांज सर्टिफिकेशन
मध्य विद्यालय टुंडी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय माेदीडीह 2 बलियापुर, प्राथमिक विद्यालय पथराकुल्ही बाघमारा, प्राथमिक विद्यालय बरमसिया गाेविंदपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय खरिकाबाद गाेविंदपुर, मध्य विद्यालय श्रीरामपुर ताेपचांची, मध्य विद्यालय झींझीपहाड़ी बाघमारा, उमवि तेलमच्चाे बाघमारा, उर्दू प्राथमिक विद्यालय हाेरलाडीह झरिया, उत्क्रमित उच्च विद्यालय बरारी काेलियरी झरिया, नया प्रावि 4 नंबर सफजीबागान झरिया, मवि कुरची गाेविंदपुर, मध्य विद्यालय बालिका बलियापुर।
कक्षाकार्य (क्लासवर्क) शिक्षकों के द्वारा जाँचे गए हैं। निरीक्षण के दौरान ज्ञानसेतु की कक्षा 100 प्रतिशत निर्धारित अवधि तक संचालित हुई है। शेष 1714 स्कूलाें काे सिल्वर अाैर गाेल्ड ताे दूर ब्रांज सर्टिफिकेशन भी हासिल नहीं हाेना वहां के शिक्षा के स्तर पर कई सवाल खड़े कर रहा है। सनद हाे कि स्कूल के सभी बच्चे मार्च 2020 तक मूलभूत ताैर पर दक्ष हाे जाएंगे, एेसी शपथ सरकारी स्कूलाें के सभी शिक्षकाें ने ली थी।
गाेल्ड के लिए ये है जरूरी
रजत के लिए निर्धारित सभी मानदंड पूरा किए गए हैं। कक्षा 1-9 के 75% छात्र अपनी कक्षा के स्तर की दक्षता रखते हैं। रजत के लिए निर्धारित सभी मानदंड पूरा किए गए हैं। पिछले 60 दिनों में छात्र उपस्थिति 80% से अधिक है।
सिल्वर के लिए जरूरी
कक्षा 1 और 2 के 90% छात्र जानते हैं व अक्षर पहचानते हैं। कक्षा 3-5 के 75% छात्र कक्षा 2 की दक्षता रखते हैं। कक्षा 6-9 के 75% छात्र कक्षा 5 की दक्षता रखते हैं। कांस्य के लिए निर्धारित मापदंड पूरा किए हैं। 60 कार्यदिवसों में शिक्षकों की औसत उपस्थिति 80% से अधिक है। ईविवा पर ज्ञानसेतु मॉड्यूल का 90% पूरा किया है अाैर पिछले 30 दिनों में छात्र उपस्थिति 70% से अधिक है।