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चिकेन के कारोबार में 75 प्रतिशत की गिरावट, अंडे की खपत भी हो गई आधी

एक वर्ष पहले
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चीन के वुहान शहर से दुनिया भर में फैली संक्रामक बीमारी कोविद-2019 के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस के खौफ से लोग चिकन और अंडा खाना छोड़ रहे हैं। बीते एक महीने में धनबाद में चिकन के कारोबार में 75 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, अंडे की खपत में 50 फीसदी तक कमी आई है। धनबाद में सामान्य दिनों में प्रतिदिन 60 से 70 टन तक चिकन की खपत होती थी। कोरोना के डर से 20 से 25 टन रोजाना पर आ गई है। 20 दिन पहले की अगर बात करे तो पोल्ट्री फार्म में जिंदा मुर्गे की औसत कीमत 120 रुपए प्रति किलो थी। वहीं, कटे हुए मुर्गे की कीमत 150 से 160 रुपए किलो के बीच थी। आज जिंदा मुर्गे की कीमत 20 से 30 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है। वहीं, कटे मुर्गे की औसतन कीमत 40 से 60 रुपए पहुंच गई है। जिस तेजी से खपत कम हुई है, उसी तेजी से कीमत भी कम हुई है। पिछले कुछ सालों में यह कारोबार सबसे बड़ी मंदी की मार झेल रहा है।

इधर बढ़ गए मटन के दाम

जहां चिकन की कीमत लगातार गिर रहे है। वही मटन की कीमत में 60 रुपए तक का इजाफा हुआ है। 10 दिन पहले तक मटन की कीमत 520 से लेकर 540 रुपए के बीच थी। जो अब सीधे 60 रुपए बढ़ 600 रुपए किलो पहुंच गई है। चिकन की सप्लाई घटने के साथ ही मटन की डिमांड पहले से बढ़ गई है।

यह है वजह

गाेल्फ ग्राउंड में बैठक करते पाेल्ट्री एसाेसिएशन के सदस्य।

पोल्ट्री एसोसिएशन ने बुलाई आपात बैठक

इधर, चिकन के कीमतों में लगातार गिरावट से चिंतित पोल्ट्री एसोसिएशन ने गुरुवार को गोल्फ ग्राउंड में आपात बैठक बुलाई। बड़ी संख्या में पोल्ट्री व्यवसायी बैठक में शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता कर रहे हरीश भाटिया ने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से धंधा पूरी तरह बैठ गया है। जबकि भारत सरकार, राज्य सरकार एवं पशुपालन मंत्रालय ने चिकेन के मीट को पूर्णत: सुरक्षित घोषित किया है। ऐसे में पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए है। उन्होंने जिला प्रशासन के जरिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। बैठक में शैलेंद्र चंद्र मंडल, श्यामल मंडल, अभिषेक श्रीवास्तव, पप्पू मंडल, काजल दास, टिंकू, समीर, संजय सिंह, बबलू मंडल, शंकर मंडल, तपन मंडल, राजन मंडल, आनंद गोराई, शिव शंकर सिंह, सुनील गोराई, मनोज मंडल, गोपी सिंह आदि मौजूद थे।

सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहे तमाम वीडियो मैसेजेज में इस बात की आशंका जताई जा रही है कि कोरोना वायरस पशु-पक्षियों के मांस के जरिए ही इंसानों में फैला है। तमाम वीडियो मैसेज में चीन के लोगों को पक्षियों के अंडे और चूजों को बिना पकाए खाते हुए दिखाया जा रहा है। इन मैसेज में चीन के लोगों की फूड हैबिट को दुनियां की सेहत के लिए गंभीर खतरा बताया गया है।
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