पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बकाये को लेकर डीवीसी की 75 प्रतिशत बिजली कटौतीहर 2 घंटे की रोशनी पर 6 घंटे का अंधेरा, मचा हाहाकार

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

डीवीसी ने 4955 करोड़ रुपए बकाये को लेकर बिजली कटौती का चाबुक चला दिया है। होलिका यानी सोमवार को दिन के 10 बजे से डीवीसी ने बिजली की सप्लाई बंद कर दी। दो घंटा बीता, 4 घंटा बीता, जब 6 घंटे के बाद भी बिजली नहीं लौटी तो जेबीवीएनएल के अफसरों में खलबली मच गई। डीवीसी से संपर्क साधा गया तो उसने बंद पावर सप्लाई को अघोषित बिजली कटौती का नाम दिया। जेबीवीएनएल ने होली के मद्दे नजर बिजली कटौती से राहत देने की बात कही, पर डीवीसी ने कटौती जारी रखी। बिजली संकट के बीच होलिका मनाया गया। डीवीसी ने बिजली कटौती मंगलवार को भी जारी रखी। गुल बिजली ने होली के रंग में भंग डाल दिया। होली के दिन भी 18 घंटे बिजली घरों से दूर रही। गांव से शहर तक अंधेरा पसरा रहा। बिजली संकट से हाहाकार की स्थिति बन गई। बिजली संकट का असर जलापूर्ति पर भी पड़ा। रंगों में रंगे लोग रंगमुक्त होने के लिए नलों में पानी अाने का इंतजार करते रहे। जेबीवीएनएल के अनुसार डीवीसी ने बुधवार को भी गोधर सर्किट वन, टू, गणेशपुर सर्किट वन, टू और पाथरडीह फीडर से 18 घंटे बिजली कटौती की। हर फीडर से 6 घंटे लगातार कटौती की गई। कटौती अधिक अौर लगातार होने से बिजली संकट चरम पर पहुंच गया है। गुरुवार को भी शहर में बिजली संकट की यही स्थिति रह सकती है।

बकाये पर ऊर्जा सचिव का डीवीसी के साथ वीसी आज

बकाये भुगतान को लेकर झारखंड ऊर्जा विभाग आज ठोस पहल कर सकता है। ऊर्जा सचिव सह सीएमडी एल ख्यांग्ते गुरुवार को डीवीसी के अफसरों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगे। बकाया को लेकर डीवीसी के साथ उनकी बात होगी। ऐसे में गुरुवार शाम तक डीवीसी द्वारा जारी कटौती बंद होने अथवा शेडिंग के समय में कमी आने की संभावना जताई जा रही है।

जल्द ही कटौती बंद होने की संभावना

डीवीसी ने अचानक कटौती शुरू कर दी है। मुख्यालय स्तर पर ऊर्जा विभाग के अफसर लगातार डीवीसी से संपर्क में हैं। जल्द ही कटौती समाप्त होने की संभावना है।\\\'\\\'
प्रतोष कुमार, जीएम, जेबीवीएनएल

एेसी रही कटौती: सुबह 5 बजे से ही बिजली संकट

सुबह 6 बजे से दिन के 12 बजे तक डीवीसी ने बिजली सप्लाई बंद रखी। दिन के 12:05 बजे पावर सप्लाई शुरू की। करीब 2:00 बजे डीवीसी ने बिजली सप्लाई पुन: बंद कर दी। 6 घंटे रात 8 बजे डीवीसी ने बिजली सप्लाई शुरू की।

डीवीसी का संभावित कटौती का समय

{ सबह 5:10 से 11:10 बजे

{ दोपहर 01:10 से शाम 7:10 बजे

{ रात 9:10 से आधी रात 3:10 बजे

पावर सप्लाई का समय

{ सुबह 3:10 से 5:10 बजे

{ दिन के 11:10 से 01:10 बजे

{ शाम 7:10 से 9:10 बजे

रघुवर सरकार के कारण संकट : मथुरा

रघुवर सरकार ने खजाना खाली कर दिया , इसलिए यह स्थिति है। वह इसके लिए जिम्मेवार। \\\'\\\'
- मथुरा महताे, विधायक।

सरकार से इस पर करेंगे बात : इंद्रजीत

बिजली कटाैती से त्राहिमाम है। विधानसभा में मामले काे उठाएंगे। जनता की समस्यअाें काे रखेंगे।\\\'\\\'
- इंद्रजीत महताे, विधायक।

विस में उठाएंगे यह मामला: राज सिन्हा

सरकार की मैनेजमेंट फेल है। 18 घंटे की कटाैती की जा रही है। मामले काे सदन में उठाएंगे। \\\'\\\'
- राज सिन्हा, विधायक।

... तो ऊर्जा मंत्री से बात करेंगे: पीएन सिंह

सरकार काे डीवीसी से बात करनी चाहिए। सरकार कहेगी ताे ऊर्जा मंत्री बात करने को तैयार हूं।\\\'\\\'
- पीएन सिंह, सांसद

दो बड़े असर

झमाडा की जलापूर्ति व्यवस्था ठप

बिजली कटाैती का असर जलापूर्ति पर पड़ा है। झमाडा की जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से ठप हाे गई है। झमाडा के तकनीकी सदस्य इंद्रेश कुमार ने बताया कि बिजली संकट के कारण जलापूर्ति नहीं हो पाई है। 12 लाख से अाबादी काे पानी उपलब्ध कराना मुश्किल हाे गया है। बुधवार काे सुबह 5 बजे ही जामाडाेबा क्षेत्र में बिजली काट दी गई, सुबह 6 बजे अाधे घंटे के लिए बिजली अाई, लेकिन फिर से कट गई। जामाडाेबा ट्रीटमेंट प्लांट से टाॅवराें तक पानी पहुंचाने के लिए कम से कम पांच से छह घंटे नियमित बिजली चाहिए।

झरिया: 18 से 20 घंटे गुल रह रही बिजली

झरिया|झरिया में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। हाेली जैसे त्याेहार में भी बिजली के अाने-जाने का सिलसिला दिन भर लगा रहा। चरमराई बिजली व्यवस्था काे लेकर बुधवार काे झरिया खुदरा वस्त्र व्यवसायी संघ की बैठक हुई। इसमें डीवीसी द्वारा 18 से 20 घंटे प्रति दिन बिजली कटाैती किए जाने की निंदा की गई। अगर समय रहते बिजली कटाैती में सुधार नहीं किया गया ताे झरिया की जनता सड़क पर उतरकर अांदाेलन करने काे बाध्य हाेंगे।

गोविंदपुर: अफसर से मिलकर जताया विरोध

शहर से गांव तक पसरा अंधेरा

गोविंदपुर, टुंडी, पूर्वी टुंडी, कांड्रा एक, कांड्रा दो, धनबाद रोड, कुसुम विहार, सहयोगी नगर, कोलाकुसमा व बिग बाजार आदि क्षेत्रों में होलिका दहन के दिन से ही डीवीसी द्वारा 18 घंटे पावर कट किया जा रहा है। अचानक कटौती किए जाने से बिजली उपभोक्ताओं में आक्रोश है। बिजली संकट से त्रस्त उपभोक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को समाजसेवी नंदलाल अग्रवाल के नेतृत्व में कार्यपालक विद्युत अभियंता मृणाल गौतम से मिला तथा घरेलू उपभोक्ताओं एवं कल-कारखानों में बिजली संकट से हो रही परेशानियों से अवगत कराया।

स्थान : पीके राय कॉलेज के पास, समय : शाम 07 बजे

घोषणा से ज्यादा बिजली कटौती कर रहा डीवीसी

एक नवंबर 2019 तक डीवीसी का जेबीवीएनएल पर 4955 करोड़ रुपए बकाया है। बकाया भुगतान को लेकर डीवीसी ने नोटिस जारी कर शेड्यूल मोड पर 50 प्रतिशत कटौती करने की घोषणा की थी। डीवीसी राज्य के सातों कमांड एरिया में 600 मेगावाट बिजली सप्लाई करता है। घोषणा के अनुसार 300 मेगावाट की कटौती होनी थी। पर डीवीसी 75 प्रतिशत बिजली कटौती कर रहा है।

कांड्रा ग्रिड से शहर को एक-एक घंटे पर मिली बिजली

बिजली कटौती झेल रहे धनबाद शहर के कई इलाकों को गोविंदपुर के कांड्रा नेशनल ग्रिड से बिजली सप्लाई की गई। ग्रिड के एक सर्किट से जेबीवीएनएल को 30 मेगावाट बिजली मिल रही है। ग्रिड से सरायढेला, हीरापुर और धैया सबस्टेशन संबंधित इलाकों में एक-एक घंटे के रोटेशन पर बिजली सप्लाई की गई।

इधर, बकायदारों के खिलाफ जेबीवीएनएल ने चलाया अभियान | दो महीने या उससे अधिक का बकाया रखने वाले उपभोक्ता के खिलाफ जेबीवीएनएल ने अभियान चलाया। बुधवार को शहर में 45 बकायदारों के घर, प्रतिष्ठान की बिजली काटी गई। वहीं, बकाया रखने वालों से करीब दो लाख रुपया वसूला गया।

बकाया के प्रति जेबीवीएनएल गंभीर नहीं

नोटिस जारी कर जेबीवीएनएल को बकाया भुगतान करने को कहा गया था। बकाया भुगतान को लेकर जेबीवीएनएल गंभीर नहीं दिख रहा है। इसलिए कटौती की जा रही है।\\\'\\\'
एके दे, एडिशनल डायरेक्टर कॉमर्शियल, डीवीसी

1000 टन कोयला उत्पादन प्रभावित

बिजली कटौती का असर मुगमा क्षेत्र के उत्पादन पर पड़ा है। ईसीएल मुगमा क्षेत्र के महाप्रबंधक बीसी सिंह ने डीवीसी, धनबाद उपायुक्त, झारखण्ड विद्युत बोर्ड के निदेशक को त्राहिमाम संदेश भेजते हुए कोयला उत्पादन में हो रही परेशानी से अवगत कराया है। महाप्रबंधक बीसी सिंह ने त्राहिमाम संदेश में लिखा है कि छह घंटे शटडाउन के बाद दो घंटे बिजली आपूर्ति हाेने से मुगमा क्षेत्र में प्रतिदिन एक हजार टन का कोयला उत्पादन प्रभावित हो रहा है। साथ ही भूमिगत खदान में नियमित बिजली नहीं रहने के कारण जलस्तर बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। जलस्तर नियंत्रण की व्यवस्था चरमरा गई है।

ब्लैक अाउट : सड़क की बत्ती गुल
खबरें और भी हैं...