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पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है पंचायत सचिवालय भवन का निर्माण कार्य

शिवानंद पांडेय

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:00 AM IST
शिवानंद पांडेय
बाघमारा प्रखंड के बौआकला दक्षिण पंचायत में वर्ष 2013 से पंचायत सचिवालय सह राजीव गांधी केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। विभागीय लापरवाही के कारण निर्माण कार्य अबतक पूरा नहीं हो पाया है। सूत्रों के अनुसार योजना की सारी राशि वर्षों पूर्व निकाल ली गई है। बावजूद अबतक भवन का निर्माण नहीं होना अधिकारियों की लापरवाही का जीता जागता सबूत है। 24 लाख 74 हजार 6 सौ रुपए से बनने वाले उक्त भवन में दस लाख रुपए मनरेगा के तहत उपयोग किया जाना है। जबकि शेष राशि बीआरजीएफ के तहत खर्च करना था। पंचायत के लोगों का कहना है कि किस परिस्थिति में अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया। क्या अधिकारियों की नजर उक्त निर्माण कार्य पर नहीं है। अगर अधिकारियों ने इस पर संज्ञान लिया है तो अब तक संबंधित लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।

बीसीसीएल से नहीं मिला है एनओसी

जानकारों ने बताया कि भवन निर्माण के लिए अब तक बीसीसीएल की ओर से एनओसी नहीं मिला है। कुछ लोगों ने कहा कि संबंधित मेट, मुखिया तथा निर्माण कार्य कर रही एजेंसी की मिलीभगत के कारण राशि की निकासी कर ली गई है। जबकि कुछ लोगों ने बताया कि जिस जमीन में भवन का निर्माण किया जा रहा है। वह जमीन बीसीसीएल के अधीन होने के कारण मामला एनओसी पर फंसा हुआ था। लोगों ने कहा कि जब मामला एनओसी में फंसा है तो भवन बिना प्लास्टर के पूरा खड़ा कैसे हो गया। निर्माण के समय बीसीसीएल द्वारा कोई कार्रवाई क्यों नहीं कि गई। साथ ही जब संबंधित निर्माण एजेंसी को मालूम था कि जमीन बीसीसीएल की है तो पूर्व में ही एनओसी क्यों नहीं ली गई। बहरहाल कारण चाहे जो भी हो भवन निर्माण नहीं होने से पंचायत के लोगों को सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। पंचायत वासियों ने उपायुक्त से उक्त मामले की अविलंब जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने व अधूरा भवन निर्माण को पूरा कराने की मांग की है। जिससे आमलोगों को लाभ मिल सके।

सामुदायिक भवन में होता है काम

पंचायत सचिवालय का भवन नहीं बनने से पंचायत से संबंधित काम सामुदायिक भवन में किया जा रहा है। इससे पंचायत के लोगों कई सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है। लोगों को जनवितरण, विद्यालय, आंगनबाड़ी से संबंधित जानकारी नहीं मिल पाती है। पंचायत के लोगों का कहना है कि पंचायत सचिवालय नहीं रहने के कारण उन्हें किसी प्रकार की सरकारी योजना की जानकारी लेने के लिए प्रखंड कार्यालय जाना पड़ता है।


क्या कहते हैं अधिकारी, जनप्रतिनिधि

इस संबंध में बौआकला दक्षिण के मुखिया अवधेश पासवान ने कहा कि जब जब कार्य चालू हुआ, तब तब कोई न कोई व्यवधान उत्पन्न हुआ। कभी बीडीओ की बदली तो कभी पंचायत सचिव का नहीं होना। वर्तमान में ईंट की वजह से कार्य रुका है। निर्माण कार्य से संबंधित 14 लाख रुपए की निकासी हो गई है। योजना का मेट सुफल कुमार मुखर्जी ने कहा कि पंचायत सचिवालय का निर्माण 2015 से चालू है। पैसा की कमी से कार्य अधूरा है। पैसा निकासी से संबंधित जानकारी मुखिया व पंचायत सेवक देंगे। पंचायत सेवक सच्चिदानंद महतो ने बताया कि चार्ज लेने पर पता चला कि करीब 15 लाख की निकासी हो चुकी है। प्राक्कलन के आधार पर काम नहीं हुआ है। चेकबुक व बैंक खाता नहीं मिलने पर आला अधिकारियों को लिखित सूचना दी। दो माह बाद चेकबुक व बैंक खाता मिला। जांच करने पर पता चला कि खाते से लगभग 15 लाख की निकासी हो चुकी है। मनरेगा का ब्यौरा नहीं मिलने से निर्माण कार्य में देरी हो रही है। इस्टीमेट के मुताबिक उपरी तल्ला पूरा होने के बाद ही इतनी राशि की निकासी होनी चाहिए थी।

अधूरा पंचायत सचिवालय।