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पार्थिव शरीर से लिपट शहीद की पत्नी ने कहा, बेटी.. तेरे पिता अब नहीं आएंगे

.भास्कर न्यूज|सारवां (देवघर) सारवां के बीएसएफ जवान पंकज कुमार का पार्थिव शरीर शुक्रवार की देर रात सारवां पहुंचने...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:25 AM IST
.भास्कर न्यूज|सारवां (देवघर)

सारवां के बीएसएफ जवान पंकज कुमार का पार्थिव शरीर शुक्रवार की देर रात सारवां पहुंचने के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई। सभी शहीद के पार्थिव शरीर की एक झलक पाने को बेताब दिखे। मौके पर मौजूद सभी की आंखें नम थी। वहीं प|ी व बच्चों सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। प|ी बार-बार बेहोश हो रही थी। उन्हें धीरज बंधाने के लिए लोग कई बार-बार सांत्वना दे रहे थे। प|ी का रोना देख वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई थी। अंतिम विदाई के समय प|ी को सीएचसी से लाकर अंतिम दर्शन कराया गया। दो दिन पूर्व पति की मौत की सूचना पर प|ी की तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया था। शनिवार को शव को देखते ही प|ी पार्थिव शरीर पर माथा टेककर एक ही बात बोल रही थी कि मैं भी आपके साथ जाऊंगी। अपनी बेटी तान्या को बुलाकर मां ने कहा बेटी पापा से मिल लो अब तुम्हारे पापा कभी नहीं मिलने आएंगे। वहीं तीन साल का बेटा तान्या अपने चाचा की गोद में बैठ था और सबकुछ देख रहा था, लेकिन उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। इसके बाद प|ी पंकज के छोटे भाई कुदन को बोल रही थी भइया को उठाईए ना कुन्दन जी, आप ही न रोज सबसे पहले भइया को जगाते थे। आपको सबसे अधिक मानते थे। इसके बाद भाई भी पछाड़ खाकर गिर पड़ा और जोर-जोर से रोना लगा। बाद में जिला पुलिस बल की टीम ने एसडीपीओ दीपक पांडे की देखरेख में पंकज के पार्थिक शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

शहीद पंकज के पार्थिव शरीर से लिपटकर रोती प|ी।

शहीद के पार्थिव शरीर को कंधा देते विधायक व परिजन।

छोटे भाई कुंदन ने दी मुखाग्नि

बीएसएफ बटालियन से आए एसआई अमरजीत कुमार के नेतृत्व में जवानों ने घाट पर जवान को अंतिम सलामी दी। हिन्दू धर्म के अनुसार पार्थिव शरीर को स्नान कराया गया। छोटे भाई कुंदन कुमार जो धनबाद में सीआइएसएफ के जवान हैं ने मुखाग्नि दी। सती घाट भारत माता के जयकारे व जब सूरज चांद रहेगा पंकज तुम्हारा नाम रहेगा से गूंज उठा। शव यात्रा में सांसद प्रतिनिधि अमित कुमार बंटी, जिला बीस सूत्री सदस्य सुनीता सिंह, संजय राय, विधायक प्रतिनिधि नरेश यादव, बलराम पोद्दार, मनीष राज, पुलिस अंचल इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, एएसआई मुलेश्वर चौधरी, एसआई योगेन्द्र सिंह के साथ देवघर व सारवां पुलिस बल के जवान सहित अंतिम संस्कार में भाग लेने सती घाट पर काफी संख्या में बच्चे महिला-पुरुष एवं आसपास के ग्रामीण जुटे थे।

पंकज कुमार ने ड्यूटी के दौरान खुद को मार ली थी गोली

बीएसएफ बटालियन का जवान पंकज ओडिशा में तैनात था। जहां उसने ड्यूटी के दौरान गुरुवार की सुबह 5.55 बजे अपने खुद के इंसास एलएमजी से गर्दन में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। वह 50 दिन की छुट्टी बिताकर 6 मार्च को ड्यूटी ज्वाइन किया था।

शहीद के अंतिम संस्कार में मौजूद ग्रामीण।

शहीद को सलामी देते जवान।

विधायक सहित मुखिया ने दिया शहीद को कंधा

विधायक बादल पत्रलेख, मुखिया रामकिशोर सिंह, भाजपा के मनीष राज के साथ परिजनों ने पंकज की अर्थी को श्मशान घाट दाह संस्कार के लिए पहुंचाया। पंकज के साथियों द्वारा अपने दोस्त के पार्थिव शरीर को लेकर सारवां से शवयात्रा निकाली एवं अपनी श्रद्धांजलि दी। शवयात्रा बाजार होते हुए दासडीह सतीघाट पहुंचा। रास्ते में शहीद के अंतिम दर्शन के लिए काफी संख्या में भीड़ जुटी थी। जिसमें अधिकांश लोगों की आंखें नम थी। शनिवार को शहर की अधिकांश दुकानें बंद थी।