Hindi News »Jharkhand »Dhanbad» भूूमि घोटाला-यौन उत्पीड़न के आरोपी बनेंगे आईएएस

भूूमि घोटाला-यौन उत्पीड़न के आरोपी बनेंगे आईएएस

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:20 AM IST

धनबाद के तत्कालीन डीडीसी चंद्रकिशोर मंडल के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के आरोपों में दोषी मानते हुए सरकार ने विभागीय कार्यवाही चलाई थी। 26 फरवरी को उन्हें निंदन की सजा मिली। इस सजा के बाद एक साल तक प्रोन्नति पर रोक है। लेकिन उन्हें चुन लिया गया।

चंद्रकिशोर : यूपीएससी को मेरा नाम भेजा गया है। एक साजिश के तहत मुझे निंदन की सजा दी गई है।

सरायकेला के तत्कालीन जिला समाज कल्याण पदाधिकारी भीष्म कुमार पर एक सीडीपीओ ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। सरायकेला खरसावां कोर्ट में मामला चल रहा है।

भीष्म : वर्तमान में खंूटी के डीडीसी भीष्म कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया, पर फोन नहीं उठाया।

नामकुम सीओ रहे रामलखन गुप्ता पर सेना की जमीन का म्यूटेशन रैयतों को करने का आरोप है। एसीबी जांच में इन्हें प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है। मुख्य सचिव के प्रस्ताव पर विधि विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने की अनुशंसा की है। इसके बाद भी राज्य सरकार ने इन्हें इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट दे दिया है।

आईएएस में प्रमोशन के लिए इन अफसरों का हुआ है सलेक्शन

रणेंद्र कुमार, अनिल कु. सिंह, अनिल कु. राय, चितरंजन कुमार, चंद्र किशोर मंडल, कमल जॉन लकड़ा , इकबाल आलम अंसारी, राजेश कु. वर्मा, सुबोध किशोर सोरेन, उदय प्रताप, अशोक कु. सिंह, राजकुमार, रामलखन गुप्ता, शिशिर कु. सिंह, राजेश कु. पाठक, दिनेश प्रसाद, संजय कु. सिंह, रमाकांत सिंह, जगत नारायण प्रसाद, दिलीप टोप्पो, विनोद अनुग्रह मिंज, शशिधर मंडल, दानियल कंडूलना, कमलेश्वर प्रसाद सिंह, नेसार अहमद, दीपक कुमार शाही।

इनका प्रोविजनल सलेक्शन : देवेंद्र भूषण सिंह, भीष्म कुमार, गणेश कुमार, बद्रीनाथ चौबे और विनय कु. राय।

धनबाद के तत्कालीन अपर समाहर्ता विनय कुमार राय को भी भूमि अर्जन घोटाले में एसीबी ने अपने अंतरिम जांच रिपोर्ट में दोषी पाया है। तत्कालीन कार्मिक सचिव ने एफआईआर की अनुमति भी दे दी, लेकिन कुछ अधिकारियों ने इनके मामले को शीर्ष स्तर पर पेंडिंग रखा है।

विनय : मैंने एसीबी को अपना पक्ष भेज दिया है। उसका क्या फलाफल निकला, मुझे नहीं मालूम। आपको बताना मैं जरूरी नहीं समझता।

गढ़वा के वर्तमान डीडीसी चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप के खिलाफ रामगढ़ कोर्ट में प|ी के साथ प्रताड़ना और भरण-पोषण के लिए मेंटेनेंस का केस चल रहा है।

चंद्रमोहन : एक सप्ताह पहले प|ी से समझौता हो गया है। जल्दी ही कोर्ट को इसकी जानकारी दे दी जाएगी।

मुख्य सचिव बोले-सजा पा चुके लोग नहीं बन सकेंगे आईएएस

मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने कहा- दिल्ली में 27 मार्च को यूपीएससी के साथ हुई बैठक में 31 नामों पर सहमति बनी है। कुछ नाम प्राेविजनल लिस्ट में रखे गए हैं। वहां से इसकी प्रोसिडिंग आएगी। इस पर राज्य सरकार को अनुमोदन देना है। यदि किसी की सजा (निंदन) के प्रभाव की अवधि चल रही है, तो उन्हें अनफिट किया जाएगा। इसी तरह जिन्हें इंटेग्रिटी नहीं दी गई है, वे भी अनफिट होंगे। यूपीएससी से प्रोसिडिंग की दो कॉपी में आएगी। इस पर सरकार (सीएम) का अनुमोदन लेकर एक कॉपी डीओपीटी और एक कॉपी यूपीएससी को भेजी जाएगी। शेष पेज 02 पर

जमशेदपुर के तत्कालीन अपर समाहर्ता गणेश कुमार ने टाटा लीज की जमीन को रैयती जमीन बता कर उसका लगान निर्धारित कर दिया था। जांच में डीसी ने इन्हें दोषी बताते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने के लिए प्रपत्र क भरकर सरकार को भेजा। विभागीय कार्यवाही चलाने के लिए आदेश देने का मामला शीर्ष स्तर पर लंबित है, फिर भी इंटेग्रिटी देकर उन्हें सूची में रखा गया है।

गणेश : सरकार के निर्देश के बाद ही रसीद काटने का आदेश दिया था।

खूंटी डीडीसी रहते हुए देवेन्द्र भूषण सिंह यौनाचार के एक मामले में निलंबित हुए थे। मामला अभी कोर्ट में चल रहा है।

देवेन्द्र : मेरे खिलाफ यह मामला है। यह मामला अभी चल रहा है, समाप्त नहीं हुआ है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Dhanbad

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×