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हमारे जीवन को सार्थक करना सिखाता है धर्म : साध्वी सम्प्रज्ञाजी

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:20 AM IST

Dhanbad News - धर्म के बिना जीवन अधूरा है। धर्म जीवन जीने का रहस्य है। धर्म सारस्वत और सत्य है। धर्म जीवन को सार्थक करना सिखाता...

हमारे जीवन को सार्थक करना सिखाता है धर्म : साध्वी सम्प्रज्ञाजी
धर्म के बिना जीवन अधूरा है। धर्म जीवन जीने का रहस्य है। धर्म सारस्वत और सत्य है। धर्म जीवन को सार्थक करना सिखाता है। हमें धर्म नहीं, बल्कि अपने संस्कारों में परिवर्तन की आवश्यकता है। कोई भी ऐसा धर्म नहीं, जो गलत सिखाता है। धर्म जीवन को सार्थक करना सिखाता है। सच्चे परिग्रही दूसरों की भलाई के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं। उक्त बातें डॉ. साध्वीश्री सम्प्रज्ञा जी ने जैन मिलन में कहीं। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने शरीर को कष्ट देकर तपस्या की। भगवान महावीर ने धर्म तप के अनेक मार्ग बताये हैं। आप जैसे चाहें अनुशरण कर शरीर को ढाल सकते हैं। क्षमा करने वाला व्यक्ति महान होता है। क्योंकि वह दूसरों की गलतियों को दिल से नहीं लगाता है। उन्होंने कहा कि धन की बर्बादी नहीं करें। इसका सदुपयोग करें। यह सौभाग्य से मिलता है। जिसने भी धन का दुरुपयोग किया उसका परिवार बिखर जाता है। कहा कि जीवन में संयम का बहुत महत्व है। जिसने जीवन में संयम करना सीख लिया उसे जीवन में कभी कोई कष्ट नहीं होगा। कार्यक्रम में साध्वी श्री रोहिणी जी, धनबाद श्वेतांबर स्थानकवासी जैन संघ के अश्विन संघवी, भरत दोशी, प्रवीन शाह, विपेन दोशी, अशोक संघवी, महेन्द्र संघवी, आशिष मेहता, शैलेन वोरा, परेश चौहान, भावेश ठक्कर, परेश ठक्कर, किरीट चौहान, जयंतीलाल कोठारी, दीपक उदानी, महेश बजानिया सहित बड़ी संख्या में धनबाद, झरिया, कतरास से समाज लोग उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान प्रवचन करतीं डॉ साध्वीश्री सम्प्रज्ञा।

जैन मिलन सामुदायिक भवन में साध्वी की बातें ध्यान से सुनते श्रद्धालु।

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