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बीसीसीएल लक्ष्य से पीछे, महीने में 11.89 मिलियन टन करना है उत्पादन

बीसीसीएल अपने उत्पादन लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति में मात्र 28 दिन शेष हैं। ऐसे में कोल...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:25 AM IST
बीसीसीएल अपने उत्पादन लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति में मात्र 28 दिन शेष हैं। ऐसे में कोल इंडिया की ओर से तय उत्पादन लक्ष्य को पूरा कर पाना कंपनी के लिए मुश्किल है। सीआईएल ने चालू वित्तीय वर्ष में बीसीसीएल को 40.5 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य दिया था, जिसमें फरवरी के अंत तक 28.61 मिलियन टन का उत्पादन हुआ। फरवरी में कंपनी 7.62 मिलियन टन पीछे चल रही है। फरवरी तक कंपनी को 36.23 मिलियन टन उत्पादन करना था। सिर्फ फरवरी में 3.66 मिलियन टन का उत्पादन करना था, लेकिन 3.14 मिलियन टन का ही हुआ। अगले 28 दिनों में कंपनी को 11.89 मिलियन टन उत्पादन करना है। उत्पादन में 12.8% की गिरावट आई। फरवरी में 3.15 एमटी कोयले का डिस्पैच करना था, लेकिन हुआ सिर्फ 2.95 मिलियन टन। फरवरी तक कंपनी को 37.01 मिलियन टन डिस्पैच करने का लक्ष्य दिया गया था, जबकि हुआ सिर्फ 29.89 एमटी। इस तरह कंपनी लक्ष्य से 7.12 एमटी पीछे है। कंपनी की ओर से जारी मासिक रिपोर्ट में इस बारे में पूरी जानकारी दी गई है। उत्पादन और डिस्पैच का लक्ष्य पूरा नहीं होने के कारण कंपनी को 1000 करोड़ रुपए हानि होने की आशंका जताई जा रही है।

कोल इंडिया 68.68 मिलियन टन पीछे

महार| कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड कोयले के उत्पादन में अपने लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है। उत्पादन लक्ष्य पूरा करने के लिए कंपनी को प्रतिदिन 2.5 मिलियन टन के हिसाब से कोयले का उत्पादन करना होगा। कोयला मंत्रालय ने कंपनी को चालू वित्तीय वर्ष 2017-2018 में 600 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य दिया है। फरवरी तक 531.32 मिलियन टन उत्पादन करना था, लेकिन हुआ सिर्फ 495.09 मिलियन टन। हालांकि पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 की तुलना में फरवरी 2018 तक 1.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन यह अब भी लक्ष्य से 7 प्रतिशत पीछे है। इसका कारण कंपनी की अनुषंगी इकाई बीसीसीएल और सीसीएल दोनों ही कंपनियों के उत्पादन में आई कमी मानी जा रही है। मार्च में कंपनी को लक्ष्य पूरा करने के लिए 104.91 मिलियन टन कोयले का उत्पादन करना होगा, जो अब तक के रिकॉर्ड को देखते हुए मुश्किल काम लग रहा है।