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बिना इलाज के लौटे 700 मरीज छह का ऑपरेशन टालना पड़ा

पीएमसीएच में हड़ताल की वजह से लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी वहां इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भारी फजीहत झेलनी...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:25 AM IST
बिना इलाज के लौटे 700 मरीज छह का ऑपरेशन टालना पड़ा
पीएमसीएच में हड़ताल की वजह से लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी वहां इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी। ओपीडी से करीब 700 मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा। सुबह 8.30 बजे रजिस्ट्रेशन काउंटर खुला, तो 212 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया। लेकिन जेआर और इंटर्न डॉक्टरों ने इसके बाद काउंटर को बंद करा दिया। साथ ही ओपीडी भी ठप करा दिया। शाम में भी ओपीडी पूरी तरह ठप रहा। यही नहीं, पहले से तय छह मरीजों का अॉपरेशन भी टाल दिया गया।

हालांकि दोपहर में प्राचार्य डॉ के विश्वास, अधीक्षक डॉ सिद्धार्थ सान्याल और वार्डेन डॉ लीना सिंह ने हड़ताल खत्म हो जाने की घोषणा की। कहा कि रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार से ओपीडी सामान्य होगा। दोपहर में प्राचार्य और अधीक्षक ने डीसी से उनके दफ्तर में मिलकर प्रबंधन, जूनियर डॉक्टर और इंटर्न का पक्ष उन्हें बताया। डीसी ने मरीजों की परेशानियों का हवाला देते हुए हड़ताल खत्म कराने को कहा, लेकिन हड़ताली डॉक्टर इसके लिए तैयार नहीं हुए। फिर डीसी ए दोड्डे, एसएसपी मनोज रतन चौथे और अन्य अधिकारी दोपहर तीन बजे पीएमसीएच पहुंचे। सभी पक्षों से बातचीत की। इसके बाद पीएमसीएच प्रबंधन ने हड़ताल खत्म होने की घोषणा की। गौरतलब है कि गुरुवार की रात पीएमसीएच के शिशु वार्ड में चार साल की जाह्नवी की मौत के बाद उसके परिजनों और डॉक्टरों के बीच झड़प हो गई थी। जेआर, इंटर्न और मेडिकल स्टूडेंट बड़ी संख्या में जमा हो गए और स्थिति बिगड़ने लगी, तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें एक दर्जन से अधिक डॉक्टर घायल हो गए थे। उसके बाद से ही उन्होंने अस्पताल में हड़ताल कर दी थी।

पीएमसीएच के ऑर्थो विभाग में ऑपरेशन टल जाने के बाद परेशान अनिता देवी, सुग्गी देवी और अन्य।

सरायढेला थानेदार को हटाने की मांग नहीं मानी जिला प्रशासन ने

इधर, लाठीचार्ज के बाद से ही पीएमसीएच के जेआर और इंटर्न ने सरायढेला थाना प्रभारी को जिम्मेवार ठहराते हुए उन्हें हटाने की मांग कर रहे थे। साथ ही वे अस्पताल में सुरक्षा भी मांग रहे थे। बातचीत करने पहुंचे जिले के अधिकारियों ने थानेदार को हटाने से इनकार कर दिया। हालांकि सुरक्षा के लिए अस्पताल के मामले में सीधे डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर को सूचित करने, डीएसपी की ओर से नियमित अस्पताल का विजिट करने, अस्पताल में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने और जरूरत के अनुसार सुरक्षाकर्मियों की संख्या का अनुमोदन एसएसपी की ओर करने पर सहमति दी।

थेलेसीमिया पीड़ित अपने हाल पर पड़ा रहा

जेनेटिक वार्ड में निरसा के तेतुलिया से आए थेलेसीमिया पीड़ित नौ साल के रोहित गोराई की तबीयत ब्लड चढ़ाते समय बिगड़ गई। वह कांपने लगा और उसे बुखार आ गया। कर्मियों ने ब्लड चढ़ाना बंद कर दिया। खबर करने के बावजूद कोई डाॅक्टर बच्चे को देखने नहीं आया। हालांकि देर रात कर्मियों ने फिर से बच्चे को ब्लड चढ़ाना शुरू किया।

दोपहर में हड़ताली डॉक्टरों से बातचीत करने पीएमसीएच पहुंचे डीसी ए दोड्‌डे और एसएसपी एमआर चौथे।

डीडीसी के नेतृत्व में होगी मामले की जांच

अधीक्षक डॉ सान्याल ने बताया कि अधिकारियों के साथ बैठक में डीसीसी कुलदीप चौधरी के नेतृत्व में मामले की जांच कराने का निर्णय हुआ। जांच टीम में एसएसपी मनोज रतन चौथे, अस्पताल के जेआर भी रहेंगे। रिपोर्ट एक सप्ताह में डीसी को सौंपी जाएगी। बैठक में डीसी ने खनन क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मिले 400 करोड़ रुपए से अस्पताल में डॉक्टरों और एएनएम की कमी को दूर करने की योजना पेश करने को कहा है।

ऑपरेशन टलने से दर्द से कराहते रहे मरीज

अस्पताल में भर्ती मरीज शनिवार को दिनभर बेहाल रहे। सीनियर डॉक्टर उनका हाल देखने तक नहीं पहुंचे। अस्पताल में एक भी ऑपरेशन नहीं हुआ। ऑर्थो (हड्डी रोग विभाग) में भर्ती छह मरीजों का ऑपरेशन टाल दिया गया। वार्ड में भर्ती 56 वर्षीया अनिता देवी का लगातार दूसरी बार ऑपरेशन टल गया। उनके हिप ज्वाइंट में फ्रैक्चर है और वह बिस्तर से उठ पाने में भी असमर्थ हैं और दर्द से उनका बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार को ही ऑपरेशन होना था, पर नहीं हुआ और शनिवार को भी वे सर्जरी का इंतजार करते रहे गए। घुटने में फ्रैक्चर के कारण भर्ती सुधा देवी, सुग्गी देवी, सुनीता देवी, पप्पू दास, कल्याण कुमार घोष का ऑपरेशन भी नहीं हो सका। गायनी और ईएनटी में नो ओटी डे रहा, तो दो दिन से ओपीडी ठप रहने के कारण सर्जरी और आई विभागों में ऑपरेशन के लिए मरीज भर्ती ही नहीं किए गए। रेडियोलॉजी विभाग में सिर्फ भर्ती मरीजों का एक्स-रे हुआ, तो पैथोलोजी विभाग खाली रहा। इमरजेंसी में स्थिति कुछ हद तक सामान्य रही।

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