Hindi News »Jharkhand »Dhanbad» रेरा में हो सकेगी घटिया निर्माण मिलने की शिकायत

रेरा में हो सकेगी घटिया निर्माण मिलने की शिकायत

डीबी स्टार

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:30 AM IST

रेरा में हो सकेगी घटिया निर्माण मिलने की शिकायत
डीबी स्टार धनबाद

बिल्डरों और कॉलोनाइजरों पर शिकंजा कसने के लिए राज्य शासन ने रेरा का गठन किया है। मापदंडों के अनुसार ही अब बिल्डर व कॉलोनाइजरों को मकान बनाकर देना होगा। आमतौर पर लोगों को इस बात की शिकायत ज्यादा रहती है कि बिल्डर मकान बेचने से पहले तरह-तरह का ऑफर देते हैं।

निर्माण के बाद मकान की चाबी सौंपने की समय सीमा भी तय कर देते हैं। जैसे-जैसे मकान की चाबी देने का वक्त नजदीक आता है बहानेबाजी पर उतर आते हैं। दबाव डालने के बाद मकान की चाबी दे भी देते हैं तो फिर इसमें गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिलने लगती है। मसलन घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने के अलावा अनुबंध के अनुसार मकान का निर्माण न करना शामिल होता है। लोगों के सामने मुश्किल ये थी कि बिल्डरों के खिलाफ शिकायत के लिए उचित माध्यम नहीं था।

बिल्डरों और कॉलोनाइजरों पर शिकंजा कसने के लिए राज्य सरकार ने रेरा का गठन किया

घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग कर मकान बनाने या फिर तय समय के बाद भी मकान न मिलने पर अब लोगों को उपभोक्ता फोरम नहीं जाना पड़ेगा। इसकी सुनवाई अब रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) में होगी।

उपभोक्ता फाेरम ही था सहारा

उनको उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करना पड़ता था। फोरम में पुराने मामलों की पेंडेंसी अधिक होने के कारण सुनवाई और फैसला में काफी वक्त लग जाता था। इससे लोगों को तय समय में न्याय नहीं मिल पाता था। उनके लिए सबसे ज्यादा परेशानी आती थी जो रिटायर होने के बाद अपना आशियाना बनाने की चाह में जीवनभर की कमाई बिल्डरों के हवाले कर देते थे। अब ऐसा नहीं होगा।

शिकायत फर्जी निकली तो शुल्क जब्त :सुनवाई के दौरान बिल्डरों के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत अगर फर्जी निकली तो शिकायतकर्ता द्वारा जमा शुल्क रेरा जब्त कर लेगा। जब्ती के बाद इसे सरकारी खजाने में जमा करा दी जाएगी। जमशेदपुर में वर्तमान में दो दर्जन से ज्यादा ऐसे बिल्डर हैं जिनके बड़े प्रोजेक्ट वर्तमान में निर्माणाधीन हैं। जिनमें से ज्यादातर के प्रोजेक्ट अधर में हैं।

एक हजार रुपए देना होगा शुल्क

रेरा में बिल्डरों के खिलाफ शिकायत करने के एवज में बतौर शुल्क एक हजार रुपए जमा करना पड़ेगा। इसके बाद प्रकरण की सुनवाई होगी। रेरा में मामलों की सुनवाई के लिए टाइम लिमिट तय कर दिया है। निर्धारित समय में सुनवाई के बाद फैसला देना ही होगा।

राहत के लिए प्रशासन ने शुरू की नई व्यवस्था

 बिल्डरों के खिलाफ शिकायत की सुनवाई के लिए राज्य शासन ने रेरा का गठन किया गया है। शिकायत की सुनवाई के लिए टाइम लिमिट तय की है। निर्धारित समय में सुनवाई पूरी करनी होगी । इससे लोगों को राहत मिलेगी ।  गजानंद राव, रेरा प्रमुख, झारखंड

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Dhanbad

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×