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शतकवीर बन गया धनबाद नगर निगम ताे सिंफर भी अपने 73वें साल में पहुंचा

धनबाद के दो संंस्थान... दोनों काफी महत्वपूर्ण। एक पर शहर को सजाने-संवारने और सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी,...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:55 AM IST
धनबाद के दो संंस्थान... दोनों काफी महत्वपूर्ण। एक पर शहर को सजाने-संवारने और सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी, जबकि दूसरा खनन और ईंधन के क्षेत्र में देश का शीर्ष संस्थान। दोनों का स्थापना दिवस सोमवार को है। ये संस्थाएं हैं- धनबाद नगर निगम और केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान यानी सिंफर। नगर निगम इस साल जहां शताब्दी वर्ष समारोह मनाने की तैयारी में है, वहीं सिंफर भी अपनी स्थापना के 73वें साल में प्रवेश कर रहा है। दोनों संस्थानों ने समारोह को भव्य बनाने की पूरी तैयारी कर रखी है। नगर निगम शताब्दी वर्ष के मौके पर प्रधानमंत्री आवास योजना के 250 लाभुकों का गृहप्रवेश कराएगा और 1200 सफाई कर्मियों के बीच स्मार्ट कार्ड का वितरण करेगा। वहीं, सिंफर के स्थापना दिवस समारोह में चार चांद लगाने आ रहे हैं पद्मभूषण डॉ विजय कुमार सारस्वत और डॉ गिरीश साहनी।

6 से 55 वार्डों तक के सफर में तय किए कई पड़ाव

नगर निगम के पहले धनबाद में नगरपालिका थी, जिसका गठन साल 1919 में हुआ था। उसी साल उसका पहला चुनाव भी हुआ था। तब इसमें सिर्फ छह वार्ड थे। चुनाव के पहले अंग्रेज अफसर प्रशासक हुआ करते थे। आबादी बढ़ने के बाद वार्डों की संख्या बढ़ा कर 25 की गई, जो बाद के वर्षों में 32 तक पहुंची। साल 1993 में नगरपालिका बोर्ड को भंग कर दिया गया और 16 साल तक वहीं स्थिति बनी रही। साल 2006 में नगरपालिका का स्वरूप बदला और धनबाद नगर निगम अस्तित्व में आया। इसका पहला चुनाव 2009 में हुआ। वार्डों की संख्या 32 से 55 हो गई। शताब्दी वर्ष के मौके पर बाबूडीह स्थित विवाह भवन में समारोह होगा। इसमें पीएमएवाई के 250 लाभुकों का गृहप्रवेश कराया जाएगा। साथ ही स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छा प्रदर्शन करने वाले अफसरों और कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। महिलाओं के बीच साड़ियों का वितरण किया जाएगा और मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल तथा नगर आयुक्त राजीव रंजन कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा कार्ड सौंपेंगे।

निगम ने गिनाईं उपलब्धियां





गायक विनोद राठौर सजाएंगे गीतों की महफिल

सिंफर ने भी अपने बरटांड़ स्थित परिसर में समारोह के आयोजन की तैयारी पूरी कर ली है। इन 72 वर्षों के सफर में इस संस्थान में कई बदलाव हुए और इसने कई उपलब्धियां हासिल कीं। स्थापना दिवस पर व्याख्यान के लिए पद्मभूषण डॉ विजय कुमार सारस्वत और डॉ गिरीश साहनी को आमंत्रित किया गया है। उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी और देर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रख्यात गायक विनोद राठौर अपनी टीम के साथ प्रस्तुति देंगे। गौरतलब है कि सिंफर पहले दो अलग-अलग संस्थानों के रूप में था - सीएमआरआई और सीएफआरआई। साल 2007 में दोनों को मिलाकर सिंफर का गठन हुआ। ऊर्जा से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में आज सिंफर का कोई जोड़ नहीं है। कमाई में भी सिंफर काफी आगे रहा है। यह वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के तहत काम करता है। सिंफर की धनबाद के डिगवाडीह, नागपुर, बिलासपुर, रांची, रुड़की में भी लैबोरेट्रियां हैं।

अपने शोधों से देश में शीर्ष पर बना है सिंफर