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महुआ चुनने रोज सुबह पहुंच रहीं महिलाएं

द्वारपहरी | ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह के तीन बजते ही महुआ फूली (झारखंडी किसमिस) चुनने को लेकर महिलाओं का शोर सुनाई...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:25 AM IST
द्वारपहरी | ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह के तीन बजते ही महुआ फूली (झारखंडी किसमिस) चुनने को लेकर महिलाओं का शोर सुनाई पड़ने लगता है। महुआ के फूल को चुनने के लिए महिलाएं आपस में झुंड बना कर निकल पड़ती हैं। सुबह तीन बजे से लेकर दोपहर तक एक-एक कर महुआ फूल चुन कर जमा करती हैं। कहने के लिए ग्रामीण महुआ फूल को जानवरों के लिए चारा के रूप में प्रयोग करते हैं। लेकिन वर्तमान समय में लोग महुआ से शराब बना कर नशा सेवन के रूप में प्रयोग करने लगे हैं। जिससे महुआ ने झारखंड में किसमिस का रूप ले लिया है। पूर्व में ग्रामीण महुआ फूल आग पर पका कर खाने के रूप में प्रयोग करते थे। लेकिन महुआ का मूल्य इतना बढ़ गया है कि लोग खाने के रूप में इसका प्रयोग करना बंद कर दिए हैं। महुआ चुन रही महिलाओं ने बताया कि पंद्रह दिनों की कड़ी मेहनत से लगभग चार से पांच क्विंटल महुआ संग्रह हो जाता है।