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परेशानी

सिटी रिपोर्टर | बनियाडीह, द्वारपहरी बदगुंदा खुर्द पंचायत के मुखिया पति फूलचंद बेसरा, रामधनी कोल, विनोद मरांडी,...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:30 AM IST
सिटी रिपोर्टर | बनियाडीह, द्वारपहरी

बदगुंदा खुर्द पंचायत के मुखिया पति फूलचंद बेसरा, रामधनी कोल, विनोद मरांडी, सुखदेव मरांडी समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का झुंड आए दिन महीना दो महीना के अंदर किसी न किसी व्यक्ति की जान ले रहा है।

जिससे ग्रामीणों को हर वक्त डर में जीना पड़ रहा है। ग्रामीण करे भी तो क्या करें, इस पंचायत के लोगों को जंगल से सटे होने के कारण हाथियों का आतंक झेलना पड़ रहा है। लेकिन विभाग के पास हाथियों को रोकने के लिए कोई संसाधन मौजूद नहीं है। ग्रामीण ने मांग की है कि हाथियों के कहर से उन लोगों को मुक्त कराया जाए, अन्यथा ग्रामीण अब आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इधर किसानों के खेतों में लगे धान व मकई का फसलों को भी नुकसान पहुंचाया़। इसके अलावे कई घर और चहारदीवारी भी तोड़ डाला। लोग रतजगा करने पर मजबूर हैं।

कई अन्य घरों को भी पहुंचाया नुकसान, पीड़ित परिवार को तत्काल दिया गया 50 हजार मुआवजा

शव के पास मौजूद लोग।

माले के कार्यकर्ता पहुंचे

घटना की सूचना मिलते ही सुबह आसपास के लोगों के अलावा माले की टीम ने गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पीड़ित परिवार को ढाढ़स बंधाया तथा वन विभाग व सरकार से इसका स्थाई निदान ढूंढने की मांग की। राज्य कमेटी सदस्य राजेश यादव ने कहा कि आए दिन हाथियों के झुंड के हमले में गरीब लोग चपेट में आ रहे हैं। इसलिए सिर्फ मुआवजा भर दे देने से बात नहीं बनेगी। पुलिस तथा वन विभाग के पदाधिकारियों के आने के बाद मुआवजे की राशि में से 50 हजार की राशि तत्काल मृतक की प|ी को दिया गया।

दहशत में जी रहे हैं ग्रामीण

मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बदगुंदा खुर्द में बीते दिन हाथी के आतंक मचाने से बजटो, सिंदवरिया, लेदा आदि पंचायतों के ग्रामीणों में भय व्याप्त है। ग्रामीण गांव की सुरक्षा को लेकर रतजगा करने पर मजबूर हैं। ग्रामीणों के दिमाग में हाथी का भय इतना बढ़ गया है कि रात में घर के आसपास थोड़ी भी हड़बड़ाहट होने पर ग्रामीणों में भय उत्पन्न हो जाता है। मालूम हो कि बीते तीन-चार वर्षों से इन पंचायतों में पांच से छह महीने में एक बार गजराज का आगमन हो जाता है।