मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भीड़

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:11 AM IST

Dhanbad News - पाक माह रमजान-उल-मुबारक के दूसरे जुमे के मौके पर शुक्रवार को कतरास कोयलांचल के विभिन्न मस्जिदों मंे नमाजियों की...

Katrash News - a crowd of prophets in mosques
पाक माह रमजान-उल-मुबारक के दूसरे जुमे के मौके पर शुक्रवार को कतरास कोयलांचल के विभिन्न मस्जिदों मंे नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। चिलचिलाती धूप में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने अकीदत के साथ नमाज-ए-जुमा अदा किया और अल्लाह तआला के हुजूर में दुनिया में अमन व चैन के लिए दुआएं मांगीं। मौके पर मस्जिदों के इमामों ने रोजा और इसकी फजीलत के साथ-साथ जकात व फितरा के संबंध में लोगों को विस्तृत रूप से जानकारी दी। जुमे की नमाज से पहले मस्जिदों के इमामों ने लोगों को खिताब करते हुए पाक माह रमजान की फजीलत को बयान करते हुए कहा कि इस महीने में अल्लाह तअाला लोगों की दुआओं को कबूल फरमाता है। उन्हाेंने कहा कि रमजान को तीन असरों में बांटा गया है। पहला असरा खत्म हो चुका है। दूसरा असरा चल रहा है और तीसरा असरा 21वीं रमजान से शुरू होगा। इमामों ने कहा कि नबी (स.) ने इरशाद फरमाया कि रमजान शरीफ के मौके पर आसमानों में सुबह सादिक तक एक मुनादी सदा देता है कि ऐ मांगने वालों खुश हो जाओ, क्योंकि तुम्हारी दुआ कबूल हो चुकी है। इमामों ने जकात और फितरा के बारे में बताते हुए कहा कि इस मुबारक मौके पर गरीब व मिस्कीन को जकात व फितरा की रकम देनी चाहिए। जो साहब-ए-निसाब हैं उसे चाहिए कि समय रहते फितरा और जकात की रकम निकालकर जरूरतमंदों को दे दें, ताकि उनकी भी ईद अच्छे से हो सके। फितरा के संबंध में बताया गया कि जो साहब-ए-निसाब है उसे दो किलो पैंतालिस ग्राम गेहूं के बराबर फितरा निकालनी चाहिए। कहा कि जो साहब-ए-निसाब है उस शख्स को फितरा देना वाजिब है।

X
Katrash News - a crowd of prophets in mosques
COMMENT