कार्रवाई / ठगी में नाकाम हाेने पर फाेन पर दी गाली, पकड़े गए 5 साइबर अपराधी



पकड़े गए साइबर अपराधियों के साथ अपने दफ्तर में एसएसपी किशोर कौशल। पकड़े गए साइबर अपराधियों के साथ अपने दफ्तर में एसएसपी किशोर कौशल।
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पकड़े गए साइबर अपराधियों के साथ अपने दफ्तर में एसएसपी किशोर कौशल।पकड़े गए साइबर अपराधियों के साथ अपने दफ्तर में एसएसपी किशोर कौशल।

  • ठगी में इस्तेमाल किए जानेवाले इलेक्ट्राॅनिक्स डिवाइस
  • 14 सिम कार्ड, माेबाइल फाेन, एटीएम कार्ड, पासबुक बरामद

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2019, 11:48 AM IST

धनबाद.  खुद काे बैंक अधिकारी बताकर ठगी करने वाले 5 साइबर अपराधियाें काे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें से चार निरसा के पीठाकियारी के और पांचवां पांडरपाला का है। सभी काे पुलिस ने उनके ही इलाके से पकड़ा है। उनके पास से ठगी में इस्तेमाल किए जानेवाले इलेक्ट्राॅनिक्स डिवाइस, एटीएम कार्ड, पासबुक और कई सिमकार्ड मिले हैं।

 

एसएसपी किशाेर काैशल ने शुक्रवार काे अपने दफ्तर में बताया कि एक व्यक्ति ने 100 नंबर पर काॅल कर बताया था कि ठगी में नाकाम रहने पर अपराधियाें ने फाेन पर उनके साथ गाली-गलाैज की थी। उस व्यक्ति ने पुलिस काे अपराधियाें का फाेन नंबर भी बताया था। इसके बाद ग्रामीण एसपी अमित रेणु के नेतृत्व में निरसा एसडीपीओ विजय कुशवाहा, थाना प्रभारी उमेश प्रसाद सिंह और तकनीकी शाखा के राधा कुमार की टीम ने छापेमारी की, ताे फाेन पर गाली-गलाैज करनेवाला अनाेज पकड़ा गया। उसके पास से माेबाइल फाेन भी बरामद हाे गया। फिर अनाेज की निशानदेही पर चार और अपराधी पकड़े गए। पुलिस के मुताबिक, इन सभी ने दिल्ली, महाराष्ट्र, यूपी और अन्य राज्याें में बैंक अधिकारी बनकर कई लाेगाें काे ठगा है। एसएसपी ने बताया पकड़े गए अपराधियाें से पूछताछ में कई नाम सामने आए हैं। तलाश की जा रही है।

 

दूसराें के नाम पर जारी सिम कार्डाें का करते हैं ठगी में इस्तेमाल
साइबर अपराधियाें के पास से पुलिस काे 14 सिम कार्ड मिले हैं, जाे फर्जी नाम-पता बताकर लिए गए थे। इन्हीं के जरिए काॅल कर अपराधी लाेगाें काे साइबर ठगी का शिकार बनाते थे। एसएसपी ने कहा कि ये सिम कार्ड कैसे उनके पास आए, इसकी जांच की जा रही है। उनके पास से मिले बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड भी दूसराें के हैं।

 

ये अपराधी पकड़े गए
प्रह्लाद रविदास (पिता बासु रविदास), अंकित रविदास (पिता उमेश रविदास), तूफान रविदास (पिता मंगल रविदास) और राहुल रविदास (पिता गाेराचंद रविदास), सभी पीठाकियारी, निरसा तथा अनाेज दास (पिता लखीराम दास), पंडारपाला।

 

ससुराल में ली थी साइबर ठगी की ट्रेनिंग
पंडारपाला के रहनेवाले अनाेज दास की ससुराल पीठाकियारी में है। पीठाकियारी के तूफान रविदास ने उसे अपने अन्य रिश्तेदाराें के साथ साइबर ठगी की ट्रेनिंग दी थी। तूफान पर निरसा थाने में दाे केस दर्ज हैं। वह पहले भी साइबर क्राइम में जेल जा चुका है। वह 7 वर्षाें से अपना गिराेह बना कर साइबर क्राइम कर रहा था।

 

ये सामान किए गए बरामद
1 लैपटाॅप, 2 डेस्कटॉप, 1 पेन ड्राइव, 1 कार्ड रीडर, 1 डाेंगल, 5 मेमाेरी कार्ड, 6 चिप एडॉप्टर, 7 माेबाइल फाेन, अलग-अलग बैंकाें के 16 पासबुक, 1 चेकबुक, 4 एटीएम कार्, 2 बाइक, 1 स्कूटी।

 

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