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उम्मीद / तीन साल बाद सेल के फायदे में आने से कार्मिकों में जगी आस

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 12:19 PM IST


बोकारो स्टील प्लांट। (फाइल) बोकारो स्टील प्लांट। (फाइल)
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बोकारो स्टील प्लांट। (फाइल)बोकारो स्टील प्लांट। (फाइल)
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  • पेंशन स्कीम लागू हुई, अब वेज रीविजन पर टिकी हैं सबकी नजरें

बोकारो. तीन साल तक सेल घाटे में रहा। चौथे साल में मुनाफा में आया। इससे सेल के अधिकारियों और कर्मियों में कई तरह की उम्मीदें जगी है। सेल की ओर से कार्मिकों की सुविधाओं में की गई कटौती वापस मिलने की उम्मीद जगी है। इधर इस्पात मंत्रालय की ओर से सेल कर्मियों के पेंशन स्कीम लागू कर दिए जाने के बाद कर्मियों और अधिकारियों में वेज रीविजन होने की भी उम्मीद जग गई है। एक मार्च काे एनजेसीएस की दिल्ली में होने वाली बैठक में वेज रीविजन पर भी कुछ निर्णय हाेने की संभावना है।

आयातित कोयले के दाम बढ़ने से हुई हानि

  1. लोकसभा सत्र के दौरान 11 फरवरी को एक सवाल के जवाब में इस्पात राज्य मंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि कई कारणों से वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2017-18 तक सेल को हानि हुई है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से वर्ष 2016-17 से आयातित कोयले की कीमतों में वृद्धि होने, डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफ) और नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एनएमईटी) को किए जाने वाले योगदान की लेवी का प्रतिकूल प्रभाव, स्वदेशी कोयले की कम उपलब्धता के कारण ब्लेंड में आयातित कोयले का अधिक उपयोग करना, वेतन और मजदूरी में बढ़ोतरी, उच्चतर ब्याज अधिभार के कारण हानि हुई है, पर पिछले तीन वर्षों से हानि में कमी भी आई है।

  2. 2014-15 के बाद इस साल लाभ में रहा सेल

    बताया गया है कि 2014-15 में सेल लाभ में रहा है। 2014-15 में कर पश्चात लाभ 2093 करोड़ रहा। उसके बाद हानि का दौर शुरू हुआ। 2015-16 में कर पश्चात हानि 4021 करोड़, 2016-17 में 2833 करोड़ और 2017-18 में 482 करोड़ घाटे में रही। जबकि वित्तीय वर्ष 2018-19 के तीसरी तिमाही तक सेल ने 1710.12 करोड़ का लाभ अर्जित किया है।

  3. वेज रीविजन मामले पर प्रबंधन का रुख मजदूर विरोधी: यूनियन

    एटक से संबद्ध बोकारो इस्पात कामगार यूनियन के आरएमपी विभाग का शाखा सम्मेलन सुधीर कुमार की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान यूनियन के सचिव सतेंद्र कुमार ने कहा कि मौजूदा हालात में इस्पात मजदूरों के वेज रीविजन, लीव इन्केशमेंट व पेंशन जैसे मुद्दों पर सेल प्रबंधन का रूख मजदूर विरोधी है। इस्पात मजदूरों को लगातार प्रति माह नुकसान हो रहा है। ठेका मजदूरों का शोषण हो रहा है। गेट पास को हथियार बनाकर मिनिमम वेज का भुगतान नहीं कर मजदूरों को डरा-धमकाकर उस पर जुल्म किया जा रहा है। यूनियन के उपाध्यक्ष रामाआगर सिंह ने कहा कि मजदूर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। सम्मेलन में सचिव नरेंद्र कुमार, अध्यक्ष रफतउल्लाह, उपाध्यक्ष एनसी महतो, सहायक सचिव अर्जुन कुमार, एसके पोद्दार, कोषाध्यक्ष सुधीर मिश्रा को चुना गया।

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