ऋषियों व पितरों की पूजा, दान-पुण्य के लिए उत्तम फलदायी है अमावस्या

Dhanbad News - मौनी अमावस्या 24 जनवरी मध्यरात्रि 2:17 बजे से अगले दिन मध्यरात्रि 3:11 बजे तक रहेगी। इस माघी मौनी अमावस्या को...

Jan 23, 2020, 06:40 AM IST
Dhanbad News - amavasya is the best fruit for the worship and charity of sages and fathers
मौनी अमावस्या 24 जनवरी मध्यरात्रि 2:17 बजे से अगले दिन मध्यरात्रि 3:11 बजे तक रहेगी। इस माघी मौनी अमावस्या को धर्मशास्त्रों के अनुसार सूर्याेदय के साथ ही गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान को पवित्र माना गया है। इस दिन मौन धारण करने से आध्यात्मिक विकास होता है। इसी कारण यह अमावस्या मौनी अमावस्या कहलाती है। इस दिन मनु ऋषि का जन्म दिवस भी मनाया जाता है। ऋषियों व पितृों के निमित्त की गई पूजा, जलार्पण व दान करने के लिए यह दिवस उत्तम फलदायी होता है। यह अमावस्या इस बार इसलिए खास मानी जा रही है, क्योंकि अमावस्या के अधिपति देवता स्वयं शनि हैं, जिनका धनु से मकर राशि में इसी दिन प्रवेश होगा।

रामचरित मानस के बालकांड में भी उल्लेख

29 साल बाद शनि देव अपनी राशि में प्रवेश करेंगे

पं. प्रहलाद पंड्या ने बताया कि अमावस्या के दिन सुबह 9:51 बजे शनि का राशि परिवर्तन होगा। 29 साल बाद शनि देव अपनी राशि मकर में प्रवेश करेंगे। अर्थात उनकी अपने घर वापसी होगी, जिसमें वह ढाई साल रहेंगे। इसके बाद उनका कुंभ राशि में प्रवेश होगा। अभी वे धनु राशि में हैं। शनि एक राशि में करीब ढाई साल विचरण करते हैं। यह अपनी स्वराशि में अधिक बलवान रहेंगे। एेसी स्थित में जब अमावस्या का दिन हो और शनि राशि परिवर्तन कर रहे हों, तब वृद्ध व रोगियों की सेवा, दान पुण्य अादि सेवा कार्य करना शुभ फलदायी रहेगा।

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