धनबाद / मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की केंद्र सरकार काे चुनाैती- आरक्षण नहीं दिया ताे हम काेयला, लाेहा भी नहीं देंगे

धनबाद के रणधीर वर्मा स्टेडियम में झामुमो स्थापना दिवस को संबोधित करते सीएम। धनबाद के रणधीर वर्मा स्टेडियम में झामुमो स्थापना दिवस को संबोधित करते सीएम।
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धनबाद के रणधीर वर्मा स्टेडियम में झामुमो स्थापना दिवस को संबोधित करते सीएम।धनबाद के रणधीर वर्मा स्टेडियम में झामुमो स्थापना दिवस को संबोधित करते सीएम।

  • झामुमो के स्थापना दिवस पर कहा- जमीन घोटाला करने वाले अफसर जेल जाएंगे
  • हेमंत बोले- केंद्र रेलवे और बीएसएनएल काे बेच रही ताकि आरक्षण खत्म हाे जाए

दैनिक भास्कर

Feb 05, 2020, 12:16 PM IST

धनबाद. मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन ने कहा कि भाजपा लाेकतंत्र और संविधान काे नहीं मानती है। पहले कानून बनाती है, फिर उसे थाेप देती है। ये लाेग अराजकता फैलाने का काम कर रहे हैं। रेलवे और बीएसएनएल काे बेच रहे हैं। ऐसा इसलिए कर रहे हैं कि आरक्षण खुद खत्म हाे जाएगा। लेकिन अगर वह डाल-डाल ताे हम पात-पात। उन्हाेंने केंद्र काे चुनाैती दी कि अगर आरक्षण नहीं ताे हम काेयला, लाेहा और जमीन भी नहीं देंगे। मुख्यमंत्री मंगलवार काे यहां रणधीर वर्मा स्टेडियम में झामुमाे के 48वें स्थापना दिवस काे संबाेधित कर रहे थे।


उन्हाेंने कहा कि धनबाद काेयले काे लेकर चर्चित रहा। अब जमीन काे लेकर चर्चित हाे रहा है। यहां सबसे अधिक जमीन से संबंधित समस्याएं आ रही हैं। उन्हाेंने जमीन दलालाें काे चेताया कि सरकार इस मामले में बड़ा कदम उठाने जा रही है। जमीन अधिग्रहण के नाम पर घाेटाला करने वाले पदाधिकारी भी जेल जाने काे तैयार रहें। जेल जाने के साथ उनसे पैसे भी वसूले जाएंगे।

एक डिसमिल जमीन भी गई ताे कोल कंपनियाें काे देनी हाेगी नाैकरी, वरना खदान बंद करेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि काेयला कंपनियाें काे राज्य के साथ भेदभाव नहीं करने देंगे। यहां काेयले का अपार भंडार है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन से काेयला निकालने के लिए काेल कंपनियाें काे पैसे और राेजगार देने हाेंगे। काेल कंपनियाें ने नियाेजन के लिए नियमावली बनाई है कि एक एकड़ जमीन का अधिग्रहण हाेगा ताे रैयत काे नाैकरी देंगे। हम नियम बनाएंगे कि एक डिसमिल जमीन भी गई ताे उसे नाैकरी दी जाए। ऐसा नहीं हुआ ताे हम खदानें बंद कर देंगे। 

राज्य का खजाना पूरी तरह खाली, पहले की सरकार ने बुरी हालत कर दी है
हेमंत साेरेन ने कहा कि अलग राज्य बनने के बाद झारखंड काे सबसे अधिक नुकसान हुआ। धन संग्रह करने की ताकत केंद्र ने अपने हाथ में ले ली। राज्य का खजाना पूरी तरह खाली है। पहले की सरकार ने बुरी हालत कर रखी है। लेकिन अब सबसे पहले झारखंडियाें का पेट भरेगा। इसके बाद किसी और का। इसके लिए केंद्र से भी लड़ना हाेगा ताे लड़ेंगे। उन्हाेंने कहा कि चुनाव में किए वादाें पर काम करना शुरू कर दिया है। बजट में झारखंडियाें काे हक दिलाने की तैयारी शुरू हाे गई है। 

और ये घाेषणाएं भी कीं...

  • धान का सरकारी मूल्य बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, साग-सब्जियाें के मूल्य का भी निर्धारण किया जाएगा।
  • राज्य के हर जिले और प्रखंड में राेजगार केंद्र खोले जाएंगे
  • सभी जिलाें में काेल्ड स्टोरेज खाेलने की है सरकार की याेजना।
  • झारखंड में बच्चियाें के लिए स्कूली और तकनीकी शिक्षा मुफ्त करने का काम किया जाएगा
  • बूढ़े-बुजुर्गाें काे राेजगार से जाेड़ेंगे ताकि उन्हें किसी पर आश्रित न हाेना पड़े।

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