धनबाद: सुदामडीह-खानूडीह रेलवे लाइन पर भी अब भूमिगत आग का खतरा

3 वर्ष पहले
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धनबाद.  दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा डिवीजन अंतर्गत सुदामडीह-खानूडीह लूप रेल लाइन को भूमिगत आग से खतरा है। हादसे की आशंका के मद्देनजर कभी भी इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों का परिचालन बंद किया जा सकता है। 30 किमी लंबे इस रूट का अधिकतर हिस्सा भूमिगत आग और भू-धंसान से प्रभावित है। इस पर ट्रेनों का परिचालन करना जोखिम भरा है।

 

अब गेंद बोर्ड के पाले में
झरिया मास्टर प्लान के तहत राइट्स से कराए गए सर्वे में सुदामडीह-खानूडीह रूट को पूरी तरह असुरक्षित बताया गया है। राइट्स ने अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंप दी है। अब गेंद बोर्ड के पाले में है। इससे पहले, आग और भू-धंसान की वजह से ही धनबाद-झरिया रेल लाइन और फिर धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन को बंद किया जा चुका है। दोनों फैसलाें का भारी विरोध हुआ था। धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन की बंदी पर तो अब तक आंदोलन और बयानबाजी जारी है। संभव है कि जनाक्रोश को देखते हुए ही रेलवे और सरकार सुदामडीह-खानूडीह रेल लाइन की बंदी की घोषणा करने का साहस नहीं जुटा पा रही हो।

 

दो दर्जन से अधिक ट्रेनें इस रूट पर चलती हैं रोजाना
रिपोर्ट में कहा गया है कि सुदामडीह, भौंरा, जामाडोबा, भागा, करकेंद, लोयाबाद, सिजुआ हाॅल्ट, मलकेरा, महुदा, खरखरी और खानूडीह स्टेशनों के आसपास के इलाके भूमिगत आग से प्रभावित हैं। इसपर अभी आद्रा-खानूडीह मेमू, चक्रधरपुर-गोमो मेमू, भागा-आद्रा मेमू, खानूडीह-भोजूडीह पैसेंजर, गोमो-चक्रधरपुर मेमू, भोजूडीह-भागा मेमू, खड़गपुर-गोमो पैसेंजर ट्रेनें चल रही हैं।

 

इधर, तेलगढ़िया से बोकारो स्टील सिटी तक 34 किमी लाइन का होगा दोहरीकरण
रेलवे अपने आद्रा डिवीजन में पड़ने वाले तेलगढ़िया रेलवे स्टेशन से बोकारो स्टील सिटी तक 38 किमी रेल लाइन के दोहरीकरण की तैयारी में है। इस रूट पर 34 जोड़ी मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का रोजाना परिचालन किया रहा है। हालांकि रूट के सिंगल होने की वजह से इसमें काफी दिक्कतें आ रही हैं। व्यस्त ट्रैफिक और सिंगल रूट को देखते हुए ही दक्षिण-पूर्व रेलवे ने इसका दोहरीकरण करने का फैसला किया है। इसके लिए सर्वे भी कराया जा चुका है। काम जल्द शुरू होने की संभावना है।

 

5 लाख की आबादी प्रभावित
सुदामडीह-खानूडीह रेल लाइन को बंद किया गया, तो 5 लाख की आबादी प्रभावित होगी। डीसी लाइन के करीब रहनेवालों की तरह ही सुदामडीह-खानूडीह रेल रूट के बीच की आबादी के लिए रेल लाइन का कोई और विकल्प नहीं है। हावड़ा, आद्रा, रांची, जमशेदपुर, खड़गपुर तक जाने के लिए यही रूट है।

 

सुदामडीह-खानूडीह रेल लाइन पर फिलहाल ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित तरीके से किया जा रहा है, लेकिन इस लाइन को भूमिगत आग से खतरा है। पूरा इलाका भू-धंसान वाला है। वहीं, तेलगढ़िया से बोकारो स्टील सिटी के बीच रेल लाइन के दोहरीकरण का प्रस्ताव है। इसके लिए सर्वे हो चुका हे। जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।'' - एसके श्रीवास्तव, डीआरएम, आद्रा डिवीजन

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