धनबाद / पुलिस की वर्दी फाड़ वारंटी को छुड़ाने वाले ढुल्लू को डेढ़ साल की सजा, विधायकी बची



भाजपा विधायक ढुल्लू महतो। (फाइल फोटो) भाजपा विधायक ढुल्लू महतो। (फाइल फोटो)
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भाजपा विधायक ढुल्लू महतो। (फाइल फोटो)भाजपा विधायक ढुल्लू महतो। (फाइल फोटो)

  • सरकार ने इस केस को वापस लेने की अर्जी दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था

Dainik Bhaskar

Oct 10, 2019, 11:26 AM IST

धनबाद. पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ने, मारपीट करने अाैर वारंटी काे पुलिस कस्टडी से जबरन छुड़ाने के मामले में बाघमारा विधायक ढुल्लू महताे सहित पांच दाेषियाें काे काेर्ट ने 18-18 माह कैद की सजा सुनाई। अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी शिखा अग्रवाल की काेर्ट ने विभिन्न धाराअाें में दाेषी पाए गए विधायक, हिरासत से भागने वाले राजेश गुप्ता, चुनचुन गुप्ता, गंगा साव अाैर रामेश्वर महताे पर अाठ हजार रुपए जुर्माना भी लगाया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। सजा सुनाने के बाद काेर्ट ने इन्हें अपील के लिए एक महीने की जमानत दे दी।

 

एक अन्य अाराेपी बीसीसीएल कर्मी बसंत शर्मा काे साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। इस केस में ढुल्लू महताे करीब 11 महीने न्यायिक हिरासत में जेल में बिता चुके हैं। दाे साल से कम की सजा हाेने के कारण ढुल्लू महताे की विधायकी बच गई। इस केस काे वापस लेने के लिए राज्य सरकार की अाेर से लाेक अभियाेजक अनिल कुमार सिंह ने 7 जनवरी 2016 काे काेर्ट में अर्जी दी थी। धनबाद डीसी व अाईजी का पत्र भी लगाया था। निचली काेर्ट ने इसे खारिज कर दिया। ढुल्लू ने इसे हाईकाेर्ट में चुनाैती दी। इस पर हाईकाेर्ट ने केस चलाने का अादेश दिया था।

 

किन धाराअाें में कितनी सजा
ढुल्लू महताे, चुनचुन गुप्ता, रामेश्वर महताे अाैर गंगा साव : धारा 323 (जानबूझकर किसी को चोट पहुंचाना) में एक साल कैद व 1000 रुपए जुर्माना। धारा 332 (लोकसेवक को कर्तव्य पालन से बलपूर्वक रोकना) में 18 माह कैद व 3000 रुपए जुर्माना अाैर धारा 353 (सरकारी काम में बाधा पहुंचाना) में 1 एक साल की कैद और 2 हजार रुपए जुर्माना।

 

राजेश गुप्ता : उपराेक्त धाराअाें के अलावा धारा 224 (विधि के अनुसार पकड़े जाने के दौरान बाधा डालना) में 18 माह कैद व 1000 रुपए जुर्माना अाैर धारा 225 (अभिरक्षा से छुड़ाने का प्रयत्न करना) में 1 साल कैद और 1 हजार जुर्माना।

 

एफअाईअार में दावा : विधायक ने हमला कर वारंटी काे छुड़ाया
12 मई 2013 काे बराेरा थानेदार रामनारायण चाैधरी के लिखित अावेदन पर कतरात थाना में ढुल्लू महताे, राजेश गुप्ता, चुनचुन गुप्ता, गंगा साव, बसंत शर्मा अाैर रामेश्वर महताे समेत करीब 40 लाेगाें के खिलाफ एफअाईअार दर्ज की गई थी। इसके मुताबिक बराेरा पुलिस ने वारंटी राजेश गुप्ता काे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया था। तभी ढुल्लू महताे अाैर अन्य लाेग पहुंचे। पुलिस जीप का गेट जबरन खुलवाया। पुलिसकर्मियाें काे बाहर खींचकर उनसे मारपीट की। सिपाही रामबचन राय की वर्दी फाड़ दी अाैर राजेश गुप्ता काे जबरन गाड़ी से उतारकर अपने साथ ले गए।

 

फैसले से पहले दोनों पक्षों ने दी यह दलील...
समाज में मैसेज के लिए अधिकतम सजा जरूरी

लोक अभियोजन जब्बाद हुसैन ने कहा कि विधायक जिस पाेजिशन पर थे, वहां उन्हें कानून का सम्मान करना चाहिए था। लेकिन उन्हाेंने एेसा नहीं किया। समाज में मैसेज देने के लिए विधायक काे जिन धाराअाें में दाेषी पाया गया है, उनमें प्रावधान के तहत अधिकतम सजा दी जानी चाहिए।

 

पुलिस एक लाठी तक बरामद नहीं कर पाई
बचाव पक्ष के वकील एसएन मुखर्जी ने कहा कि सुप्रीम काेर्ट ने एक फैसले में कहा था कि जिससे समाज काे नुकसान नहीं, वह मामला संगीन नहीं हाेता अाैर अधिकतम सजा भी जरूरी नहीं हाेती। इस केस में पुलिस एक लाठी तक बरामद नहीं कर पाई थी।

 

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