झरिया / 2 घरों के तहखाने में मिली गन फैक्ट्री, 6 गिरफ्तार, 2 नेता भी हिरासत में

Dainik Bhaskar

Mar 18, 2019, 10:58 AM IST


जब्त हथियार और गिरफ्तार आरोपियों के बारे में जानकारी देते एसएसपी किशोर कौशल और अन्य पुलिस पदाधिकारी। जब्त हथियार और गिरफ्तार आरोपियों के बारे में जानकारी देते एसएसपी किशोर कौशल और अन्य पुलिस पदाधिकारी।
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जब्त हथियार और गिरफ्तार आरोपियों के बारे में जानकारी देते एसएसपी किशोर कौशल और अन्य पुलिस पदाधिकारी।जब्त हथियार और गिरफ्तार आरोपियों के बारे में जानकारी देते एसएसपी किशोर कौशल और अन्य पुलिस पदाधिकारी।

  • दो तहखानों में 45 निर्मित, 95 अर्धनिर्मित पिस्टल मिलीं
  • 35 जिंदा गोली, 112 मैगजीन समेत पिस्तौल बनाने की मशीनें बरामद, सरगना फरार

धनबाद. झरिया के हमीदनगर में दो तहखानों में अवैध गन फैक्ट्रियां चलती मिलीं। स्थानीय धंधेबाजों की निगरानी में यहां मुंगेर के कारीगर देसी पिस्टल बना रहे थे। छापेमारी में पुलिस ने तहखानों से 45 निर्मित और 95 अर्धनिर्मित पिस्टल के साथ 35 जिंदा गोली, मैगजीन 112 समेत पिस्टल बनाने में इस्तेमाल होनेवाली मशीनों व औजारों की बरामदगी की हैं।

सिंदरी से दो नेता हिरासत में

  1. पुलिस ने मुंगेर के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के मिर्जापुर वर्धा गांव में रहने वाले मिस्त्री मो जसीम, मो भालू उर्फ सद्दाम, सोनू उर्फ एहतेशाम और मो शब्बान उर्फ छोटू के साथ केंदुआडीह के खेरा नंबर चार के राजन पासवान और झरिया के नीचेकुल्ही के मो साबिर को गिरफ्तार किया है, जबकि इस धंधे के सरगना झरिया नीचे कुल्ही के मो. आरिफ अहमद और मो इशरार अहमद उर्फ भोलू मौके से भाग निकले। पुलिस ने मामले में सिंदरी से दो नेता और धनबाद से रशीद उर्फ बबलू समेत कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। एसएसपी किशोर कौशल ने रविवार को अपने कार्यालय में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि हथियार बनानेवाले अपराधियों के संपर्क में थे। अभी चुनाव होना है। लिहाजा इस एंगल पर भी जांच हो रही है। हथियारों के खरीदारों की भी तलाश हो रही है।

  2. झरिया के भोलू व साबिर आरिफ सरगना, केंदुआ का राजन एजेंट
    हमीदनगर में इसरार अहमद उर्फ भोलू के आवास में एक तहखाना में हथियार की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद पास ही में दूसरे मकान में भी एक तहखाना मिला। दोनों में अवैध हथियार बनाए जा रहे थे। अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्रियां का मुख्य सरगना भोलू है, जबकि साबिर और आरिफ का काम देखरेख करना और आर्डर लेना था। राजन पासवान मार्केटिंग का काम देखता था।

  3. इन सामानों की हुई बरामदगी

    पिस्टल 45, जिंदा गोली 35, मैगजीन 112, अर्धनिर्मित पिस्टल 95, अर्धनिर्मित मैगजीन 135, अर्धनिर्मित बैरल 110, अर्धनिर्मित पिस्टल स्लाइड 8, मैगजीन स्प्रिंग 11, लेथ मशीन 32, हथौड़ी 10, हैंड ड्राई ड्रिल मशीन 7, रेती 44, हेक्स 20, फाइवर प्लेट 20, सरस पत्ता 2 केजी, नया रेती 5, छेनी 9, प्लास 6, पेचकस 5, चदरा कटर 2, बर्मा 3, इलेक्ट्रिक मोटर ड्रिल मशीन 1, हैंड बेस 5, इलेक्ट्रॉनिक कटर मशीन 1, घड़ी कांटा मशीन 1, इलेक्ट्रॉनिक ग्राइंडर 1, नट, वाशर व वाल्ट 5 केजी, रड बुश 40, बाइक 1, मोबाइल 6, इन्वर्टर 2 व 2 बैट्री।

  4. डेढ़ से दो दिन में बनती थी एक पिस्टल

    एसएसपी ने बताया कि एक पिस्टल को बनाने में एक कारीगर को डेढ़ से दो दिन का समय लगता था। चार कारीगर दिन-रात पिस्टल बनाने में लगे थे। झरिया में 9 और 7.62 बोर की पिस्टल बनाई जा रही थी। एजेंटों के माध्यम से एक पिस्टल 25 हजार रुपए में बेची जाती थी। एसएसपी ने कहा कि पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में लगी है। अभी और भी खुलासा हो सकता है।

  5. 36 घंटे में झरिया में 5 राउंड हुई छापेमारी, कई संदिग्ध भी धराए

    झरिया में शनिवार व रविवार को पांच दौर में पुलिस ने छापामारी की थी। सबसे पहले झरिया के साबिर के घर में छापामारी की, जहां हथियारों के साथ उसे धर दबोचा गया। उसकी निशानदेही पर दूसरे दौर में हथियार बनाने की फैक्ट्री हमीदनगर में मिली। यहां से सोनू, भोलू, जसीम और सावन को भारी मात्रा निर्मित और अर्द्धनिर्मित सहित अन्य सामग्रियां जब्त की गईं। उनसे पूछताछ के बाद पहली फैक्ट्री से सौ फीट की दूरी पर दूसरी फैक्ट्री का उद्‌भेदन हुआ।

  6. जमीन कब्जा कर मकान-गोदाम बनाए

    झरिया हमीद नगर बालू बैंकर के समीप जिस स्थान गन बनाने का फैक्ट्री चल रहा थी, वह जमीन बीसीसीएल की बताई जा रही है। सबसे पहले उक्त जमीन को अतिक्रमण कर उस स्थान पर निर्माण किया गया। ऊपर मकान और गोदाम की शक्ल दी गई, जबकि अंदर में तहखाना बना कर हथियार बनाने का कार्य चल रहा था। दोनों स्थानों पर तहखाने की एक ही शक्ल हैं।

  7. 13 हजार प्रति पीस मिलती थी पिस्टल

    पुलिस को छापामारी में एक डायरी मिली हैं। उक्त डायरी में तैयार हथियारों के सेल से लेकर कई नामचीन लोगों के नाम-पते-मोबाइल नंबर अंकित हैं। डायरी में थोक रूप में हथियार लेने वालों को तेरह हजार में एक पीस आपूर्ति करने की बात लिखी है। डायरी के आधार पर ही सिंदरी से दो नेताओं के साथ तथा धनबाद से रशीद उर्फ बबलू का हिरासत में लिया गया हैं।

  8. साबिर करता था फैक्ट्रियों की देखरेख

    सूचना के अनुसार दोनों फैक्ट्री की देखरेख मो साबिर करता था। साबिर पूर्व में धनबाद की कबाड़ी पट्‌टी में रहता था। फैक्ट्री का कार्यभार संभालने के बाद वह झरिया मिनी आईटीआई के समीप मूसा मियां के मकान में भाड़े पर रहता हैं। इसी मकान में भोलू का भांजा आरिफ भी रहता हैं। कहा जा रहा कि फैक्ट्री से तैयार हथियार को आरिफ बेचने का कार्य देखता था।

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