कोलियरी क्षेत्रों में जलसंकट के बीच इंजीनियरों ने चालू किया जामाडोबा संयंत्र, देर रात आपूर्ति

Dhanbad News - भास्कर न्यूज |धनबाद/ झरिया/ जोरापोखर/तेतुलमारी झरिया अाैर अासपास की लाखाें की अाबादी ने रविवार की देर रात राहत...

Sep 16, 2019, 06:45 AM IST
भास्कर न्यूज |धनबाद/ झरिया/ जोरापोखर/तेतुलमारी

झरिया अाैर अासपास की लाखाें की अाबादी ने रविवार की देर रात राहत की सांस ली। झरिया अाैर अासपास के क्षेत्राें में देर रात अांशिक जलापूर्ति हुई। झमाडाकर्मियाें की हड़ताल के कारण तीन दिनाें से इन क्षेत्राें में जलापूर्ति ठप थी। मशक्कत के बाद झमाडा अाैर डीडब्ल्यूएंडएसडी धनबाद प्रमंडल-1 के मैकिनकल अाैर सिविल इंजीनियराें की टीम आज जामाडाेबा जलसंयंत्र काे चालू करने में सफल रही। झमाडा तकनीकी सदस्य इंद्रेश कुमार शुक्ला का कहना है कि दिन में करीब 1:50 बजे 12 एमजीडी माेटर पंप काे चालू कर दिया गया था। प्लांट में जलभंडारण शुरू हाे गया। झरिया-1 के भाैरा, निचितपुर, रमजानपुर अाैर जामाडाेबा क्षेत्र में अांशिक जलापूर्ति की गई है। कुछ देर तक जलापूर्ति के बाद झरिया वन जलागार के लिए पानी छोड़ा गया।

झरिया तक पानी अाने में तकरीबन दाे घंटे लगते हैं। शाम 6:15 बजे झरिया जलागार में पानी जमा होना शुरू हाे गया था। रात 9:05 बजे झरिया जलगार से झरिया शहर अाैर अासपास के क्षेत्राें में अांशिक जलापूर्ति की गई है। साेमवार काे 9 एमजीडी का माेटर पंप चालू करने की काेशिश की जाएगी। इसके बाद केंदुअा, करकेंद, पुटकी अादि क्षेत्राें में भी अांशिक जलापूर्ति संभव हाे पाएगी। इधर झमाडाकर्मियाें की हड़ताल रविवार काे जारी रही। साेमवार काे हड़ताली झमाडा मुख्यालय से रणधीर वर्मा चाैक तक प्रदर्शन करेंगे।

हड़ताली कर्मचारी अाज झमाडा के मुख्यालय से रणधीर वर्मा चाैक तक करेंगे प्रदर्शन

जामाडोबा वाटर बोर्ड कार्यालय में विरोध करते झमाडा के हड़ताली कर्मी।

जामाडोबा से सप्लाई शुरू कराने पहुंचे झमाडा व डीडब्ल्यूएसडी के अधिकारी।

250 कर्मियाें की जरूरत: टीएम

झमाडा के तकनीकी सदस्य ने कहा कि व्यवस्थित जलापूर्ति के लिए तीन शिफ्टों में करीब 250 कुशल कर्मियाें की जरूरत है, लेकिन सिर्फ 15 कर्मी मिले हैं। जाे लाेग हड़ताल पर नहीं हैं, वे भी साथ नहीं दे रहे हैं। जामाडोबा करीब 250 वॉल्व हैं। सिर्फ उन्हें चालू करने के लिए ही 150 कर्मी चाहिए। मैनपावर की कमी से ही अांशिक जलापूर्ति संभव हाे पा रही है।

झरिया-कतरास में परेशान रहे लोग

हड़ताल से रविवार काे दिनभर झरिया, कतरास क्षेत्र में दिनभर पानी के लिए हाहाकार मचा रहा। 12 लाख अाबादी काे गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। दिनभर लाेग पानी के लिए भटकते रहे। साइकिल, माेटरसाइकिल अाैर अन्य वाहनाें से लाेग पानी ढाेते नजर अाए।

जलापूर्ति व्यवस्था जुगाड़ तंत्र पर टिकी है, मिथक टूटा

झमाडा के जामाडाेबा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगभग 80-90 साल पुराना है। जर्जर प्लांट अाैर संसाधन की कमी के कारण सबकुछ जुगाड़ तंत्र पर टिका है। जब भी झमाडा कर्मी हड़ताल पर गए, झमाडा अाैर डीडब्ल्यूएंडएसडी विभाग के इंजीनियर जामाडोबा प्लांट को चालू नहीं कर पाए हैं। इसके कारण झमाडा के हड़तालियों का मनोबल बढ़ा रहता है, लेकिन इस बार यह मिथक टूट गया कि जामाडाेबा जलसंयंत्र काे झमाडाकर्मियाें के अलावा काेई दूसरा चालू नहीं कर सकता है।

इधर...घर में नहीं था पानी, नहाने के लिए तालाब गया छात्र डूबा

झरिया | झमाडा की हड़ताल के कारण झरिया को पानी नहीं मिला। पानी के आभाव में झरिया के सुराटांड का रहने वाला 7 वीं कक्षा का छात्र बंटी शर्मा उर्फ चंदू (12) अपनी बहन के साथ बनियाहीर तालाब गया था। बहन कपड़ा धोने में लगी थी। इधर भाई तालाब में नहाने के क्रम में डूब गया। कुछ लोगों की नजर पड़ी। उसे बाहर निकाला। स्थानीय अस्पताल में इलाज कराया गया। बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर िदया गया, जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया । मृतक की मां ललिता देवी लोदना मोड़ पर सब्जी बेचने का व्यवसाय करती हैं। तीन दिनों से जलापूर्ति बंद रहने के कारण घर में पानी नहीं था। घर मे गंदा कपड़ों का ढेर लग गया था। ललिता देवी की बेटी मोनी बनियाहीर के 7 नंबर तालाब में कपड़ा धोने के लिए निकली। चंदू भी साथ गया। वह तालाब में नहाने के लिए ज्याें ही उतरा, डूब गया। सूचना पाकर कांग्रेस नेत्री पूर्णिमा सिंह मृतक के घर पहुंचीं और सांत्वना दिया।

चंदू

तेतुलमारी में भी अांशिक जलापूर्ति, कतरास के लोगों काे नहीं मिला पानी

तेतुलमारी झमाडा कार्यालय में रविवार दाेपहर 3.30 बजे झमाडा के इंजीनियर दलबल के साथ पहुंचे। उन्हें हड़तालियाें का विरोध झेलना पड़ा। अधिकारी तेतुलमारी थाना पहुंचे और मदद मांगी। पुलिस के सहयोग से 14 इंच, 16 इंच व 24 इंच की पाइप से जलापूर्ति संभव हाे पाई।

भागाबांध, केंदुआ, बरारी, कुसुंडा, गोधर, भूली आदि क्षेत्रों में जलसंकट

भागाबांध | हड़ताल के कारण भागाबांध, केदुआ, करकेंद, साउथ बलिहारी, बरारी कोक, कुस्तौर, खैरा, अलकुसा, गोधर, कुसुंडा, मटकुरिया, भूली, लोयाबाद के क्षेत्रों की लगभग 5 लाख की आबादी काे पेयजल संकट उत्पन्न हुअा।

मृतक के रोते-बिलखते परिजन।

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