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हैकफेस्ट / कैंपस में गाड़ी घुसते ही खुद-ब-खुद दर्ज हो जाएगी इंट्री

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2019, 12:16 PM IST


हैकफेस्ट का उद्‌घाटन करते निदेशक राजीव शेखर। हैकफेस्ट का उद्‌घाटन करते निदेशक राजीव शेखर।
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हैकफेस्ट का उद्‌घाटन करते निदेशक राजीव शेखर।हैकफेस्ट का उद्‌घाटन करते निदेशक राजीव शेखर।
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  • सुरक्षा के लिए खास इस आइडिया पर काम कर रही 5 स्टूडेंट की टीम
  • रात 10 बजे तक गाड़ी कैंपस से बाहर न निकली, तो भेजेगा नोटिफिकेशन

धनबाद. बाइक हो या चार पहिए का वाहन, किसी गाड़ी को गेट पर रोक कर सिक्युरिटी गार्ड के पास इंट्री नहीं करानी होगी। गेट पर लगा कैमरा ही गाड़ी के नंबर प्लेट के जरिए उसकी पहचान कर लेगा और गाड़ी संख्या के साथ उसके मालिक के नाम को कंप्यूटर में दर्ज कर देगा। साथ ही, एक बार कैंपस में आई गाड़ी अगर रात 10 बजे तक बाहर नहीं जाती है, तो इसकी जानकारी कंप्यूटर से सुरक्षा अधिकारियों को खुद-ब-खुद मिल जाएगी। यह सब होगा एक खास एप जरिए, जिसे बनाने में आईआईटी आईएसएम धनबाद के स्टूडेंट की एक टीम जुट गई है। अंकुर सारण, पारस सिक्का, शिवम सिंगला, प्रशांत कुमार और रेय अपूर्वनाथ की टीम इस एप पर आईआईटी में आयोजित कार्यक्रम हैकफेस्ट में काम कर रही है। ऐसी ही 45 टीमें अलग-अलग तकनीक और आइडिया पर काम कर रही हैं।

9 अन्य शिक्षण संस्थानों की भी टीमें इस हैकथॉन में शामिल हुई

  1. आईआईटी आईएसएम, धनबाद में शुक्रवार रात 10 बजे हैकफेस्ट शुरू हुआ। सभी 200 स्टूडेंट की 45 टीमें पेनमेन ऑडिटोरियम में पहुंचीं। ये अब 36 घंटों बाद बाहर आएंगी। टीमों को 17 मार्च को सुबह 11 बजे अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने होंगे। इस साल 9 अन्य शिक्षण संस्थानों की भी टीमें इस हैकथॉन में शामिल हुई हैं। इनमें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, आईआईआईटी कल्याणी, बीआईटी मेसरा, बीआईटी सिंदरी, एसआरएम दिल्ली, बीपी पोद्दार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी आदि की टीमे हैं। टीमों के लिए कोल्डड्रिंक्स, स्नैक्स, गद्दे (बिस्तर), कॉफी, वाई-फाई आदि की व्यवस्था है। पहले दिन कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान निदेशक प्रो राजीव शेखर ने किया। मौके पर प्रो हैदर बंका सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष और कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

  2. कंपनियों के प्रॉब्लम स्टेटमेंट पर भी हो रहा काम

    हैकफेस्ट में विभिन्न टीमें वॉलमार्ट, पेटीएम जैसी कंपनियों की दी हुई प्रॉब्लम स्टेटमेंट पर भी काम कर रही है। वॉलमार्ट के लिए एक टीम स्मार्ट चेकआउट सिस्टम पर काम कर रही है। इसमें मॉल में ग्राहक जैसे जैसे कार्ट में अपने सामानों का चयन करता जाएगा, उसी तरह उसकी सूची बनती जाएगी। ग्राहक ऐप के माध्यम से सामान को भी देख पाएंगे। इसी तरह पेटीम के लिए एक टीम स्मार्ट नोटिफिकेशन सिस्टम बनाने में जुटी हैं। यह यूजर को वही नोटिफिकेशन भेजेगा, जिसमें उसकी रुचि रही है। क्रेडिट प्रोफाइलिंग सिस्टम पर भी एक टीम काम कर रही है।

  3. इन तकनीकों पर भी काम कर रही हैं टीमें

    हैकफेस्ट में एक टीम स्मार्ट ब्लाइंड मैन स्टिक पर काम कर रही है। यह नेत्रहीनों का आंख बनेगा, जो सामानों के नजारे को बताएगा। कैमरे की मदद से सामने के ऑब्जेक्ट को रिकॉर्ड किया जाएगा और यूजर के कानों में लगा हेडफोन उसे बताएगा। इस तरह नेत्रहीन बिना देखे भी इस खास स्टिक के सहारे चल पाएगा। इंटेलिजेंट ट्रैफिक लाइटिंग सिस्टम पर भी एक टीम काम कर रही है। इस तकनीक की मदद से ट्रैफिक लाइट्स एंबुलेंस को तुरंत रास्ता देगा, ताकि वह समय रहते अस्पताल पहुंच सके। इसी तरह किसान मित्र ऐप मौसम की जानकारी क्षेत्र के अनुसार देगा। किस फसल के लिए कौन सा समय अनुकूल होगा, बताएगा। एक टीम एमआरआई की तसवीर को और स्पष्ट बनाएगा, ताकि डॉक्टर उसे अच्छे से देख सकें और रोग का पता चल पाए।

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