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मरीज के मौत पर परिजनों ने सदर अस्पताल में की तोड़फोड़, एंबुलेंस में रखा ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर भागे

एक वर्ष पहले
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एंबुलेंस जिसमें मृतक के परिजनों ने तोड़फोड़ की। - Dainik Bhaskar
एंबुलेंस जिसमें मृतक के परिजनों ने तोड़फोड़ की।
  • दोषियों की गिरफ्तारी व सुरक्षा की मांग को ले डॉक्टरों ने बंद किया ओपीडी, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत
  • अस्पताल में मौजूद नर्स से अभद्र व्यवहार का आरोप, एंबुलेंस में भी मृतक के परिजनों की तोड़फोड़

साहेबगंज. सदर अस्पताल में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर उत्पात मचाया। आरोप है कि मृतक के परिजनों ने अस्पताल के आयुष्मान कार्ड कार्यालय, परिसर में खड़े एंबुलेंस में तोड़फोड़ की। इस दौरान एंबुलेंस में लगे ऑक्सीजन सिलेंडर को भी ले भागे। उन्होंने अस्पताल में मौजूद नर्स से धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार भी किया। उधर, हंगामे के बाद डॉक्टरों ने ओपीडी बंद कर दी और आरोपियों की गिरफ्तारी व सुरक्षा के इंताजम की मांग करने लगे। सदर अस्पताल में हंगामे की खबर के बाद पहुंची पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। घटना शुक्रवार दोपहर की है।


जानकारी के अनुसार, महादेवगंज निवासी जयप्रकाश यादव को 12 मार्च को सुबह 8:30 बजे सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण साहेबगंज सदर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। चोट गंभीर होने के कारण 13 मार्च को सुबह 8:20 बजे उसकी मौत हो गई। जयप्रकाश की मौत के बाद उसके परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में रखे साफ-सफाई के लिए उपयोग में लाए जाने वाले कुदाल से तोड़फोड़ की और हंगामा किया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टर गुंजन गौरव ने कहा कि मरीज को सुबह 7:10 बजे हायर हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया था।


इससे पहले एक अप्रैल 2019 को महादेव गई निवासी बलराम यादव की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए डॉक्टर एके सिंह के साथ मारपीट की थी। उस घटना के बाद भी अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था नहीं बढ़ाई गई। बताया जा रहा है कि सदर अस्पताल में सुरक्षा के इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं। अस्पताल में कुल 6 होमगार्ड के जवान तैनात हैं। हर 8 घंटे पर 2-2 सुरक्षाकर्मी परिसर में मौजूद रहते हैं। 

मेडिकल एसोसिएशन ने की कार्रवाई की मांग
घटना के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने दुख एवं आक्रोश जताते हुए जिला प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए एवं पुराने लंबित मांगों को अभिलंब माना जाए अन्यथा 24 घंटे के बाद साहेबगंज सदर अस्पताल के ओपीडी को बंद कर दिया जाएगा। उधर, सदर डीएसपी राजा कुमार मित्रा एवं टाउन थाना प्रभारी त्रियुगी झा ने मामले की छानबीन कर चिकित्सकों को आश्वस्त किया कि घटना में सभी दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

क्या कहा सिविल सर्जन ने
सिविल सर्जन डॉक्टर डीएन सिंह ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सदर अस्पताल में हुए हंगामे से डॉक्टर डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर हड़ताल पर जा रहे थे परंतु उनके आग्रह पर रुक गए। सिविल सर्जन ने कहा कि वाहनों की जांच कराकर नुकसान का जायजा लिया जाएगा। वहीं उन्होंने पुलिस प्रशासन से अस्पातल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आग्रह किया है।

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