अपराध / नौकरी दिलाने के नाम पर गिरिडीह, हजारीबाग व बोकारो के 16 युवकाें से 4 लाख 80 हजार की ठगी



giridih news laborers cheated on name of jobs in kuwait
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giridih news laborers cheated on name of jobs in kuwait

  • ठगी के शिकार युवकों का आरोपियों ने सरकारी और निजी अस्पतालों में मेडिकल टेस्ट भी कराया

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 08:09 PM IST

देवघर. विदेश में काम दिलाने के नाम पर ठगी के शिकार हुए 16 युवक गुरुवार को सरिया जैन धर्मशाला पहुंचे, जहां उन्होंने प्रवासी मजदूरों के हक के लिए लड़ने वाले बगोदर के पूर्व विधायक विनाेद कुमार सिंह को आवेदन सौंपा। पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने उन्हें हरसंभव मदद करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण रोजगार के नए अवसर का सृजन नहीं हो रहा है और बेरोजगार युवकों का पलायन इस क्षेत्र से बदस्तूर जारी है। विदेश में रोजगार पाने के चक्कर में बेरोजगार लगातार ठगी के शिकार हो रहे हैं। सरकार को चाहिए कि राज्य स्तर पर विदेश जाकर नाैकरी करनेवाले मजदूरों का रजिस्ट्रेशन कर उनका सही मार्गदर्शन कर अच्छी कंपनियों में भेजने की व्यवस्था करे, ताकि वे ठगी के शिकार होने से बच सकें। ठगी के शिकार सभी बेराेजगार युवक गिरिडीह, हजारीबाग एवं बोकारो जिले के हैं।

 

दो युवकों ने की 4 लाख 80 हजार रुपए की ठगी
विधायक ने बताया कि कुवैत भेजने के नाम पर इन सभी से सरिया थाना क्षेत्र के लुतियानो गांव निवासी प्रदीप महतो और बंधन महतो ने सभी से 30-30 हजार रुपए यानी कुल 4 लाख 80 हजार रुपए की ठगी कर ली है। ठगी के शिकार हुए युवकाें में बगोदर प्रखंड के तिरला निवासी धर्मेंद्र महतो, बेको के प्रीतम साव, विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत सरिया के लुटन राम, कारगालो के सुकर महतो, संतोष कुमार पटेल, मडमो के सहदेव महतो, हजारीबाग जिला के गोरहर के राहुल राज, बालेश्वर महतो, डुमरी तुइयो के खूबलाल महतो, सरिया प्रखंड के लुतियानो के मनोज महतो, महेंद्र महतो, अजय कुमार महतो व प्रवीण कुमार महतो, बोकारो जिला के चतरो चट्टी तिसरी के थानु महतो, सिधबारा के जितेंद्र महतो आदि शामिल हैं। 

 

सरकारी व निजी अस्पताल में मेडिकल भी कराया
ठगी के शिकार युवकाें ने पत्रकारों को बताया कि लुतियानो के प्रदीप महतो व बंधन महतो ने उन लोगों से कुवैत में काम दिलाने के नाम पर दो किस्तों में 30-30 हजार रुपए, यानी 16 युवकाें से 4.80 लाख रुपए लिए थे। 15 अप्रैल को बगोदर सरकारी अस्पताल व एक निजी अस्पताल में उनका मेडिकल भी कराया था। इसी दौरान सभी लोगों का पासपोर्ट भी जमा करा लिया था। 18 मई 2019 को बगोदर बस स्टैंड बुलाया और बताया कि कोलकाता से फ्लाइट है। इसके बाद उनलोगों को फर्जी वीजा और फ्लाइट का टिकट दे दिया। बाद में बताया कि टिकट कंफर्म नहीं हुआ। इसके बाद दोनों पैसे वापस करने में लगातार टाल-मटोल करने लगे। मजदूरों ने बताया कि उन लोगों ने ब्याज पर कर्ज लेकर रुपए दिए थे, जिस कारण उन्हें परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है।

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