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कार्रवाई / मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के पहले गिरफ्तार किए गए 622, शाम को निजी मुचलके पर छोड़ा

Dainik Bhaskar

Dec 12, 2018, 08:04 PM IST


कैंप जेल में रखे गए पारा शिक्षक। कैंप जेल में रखे गए पारा शिक्षक।
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कैंप जेल में रखे गए पारा शिक्षक।कैंप जेल में रखे गए पारा शिक्षक।
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  • मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पारा टीचर गतिरोध न पैदा करें इसलिए लिया फैसला
  • महिला और पुरुष पारा शिक्षकों को एक साथ डाकबंगला में बने कैंप जेल में रखा

जामताड़ा. मुख्यमंत्री रघुवर के कार्यक्रम में पारा शिक्षक व्यवधान नहीं उत्पन्न करें और काला झंडा न दिखा सकें इसलिए प्रशासन ने बुधवार को जिले के 622 पारा शिक्षकों को गिरफ्तार किया। पारा शिक्षकों की यह गिरफ्तारी नाला विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न पांच थाना क्षेत्र से किया गया। सभी को देर शाम में निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। सर्वाधिक 261 पारा शिक्षकों को कुंडहित से गिरफ्तार किए गए। यहां से गिरफ्तार पारा शिक्षकों को सिंचाई प्रमंडल कुंडहित के डाकबंगला में रखा गया और देर शाम में निजी मुचलके पर छोड़ा गया। 

आंदोलन को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने की कार्रवाई

  1. पुलिस ने नाला से कुल 235, फतेहपुर से 156 तथा बिंदापाथर से 70 पारा शिक्षकों को गिरफ्तार किया। सभी को थाना परिसर में रखा गया था। इससे पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी जामताड़ा के न्यायालय से पारा शिक्षकों के विरुद्ध दप्रस की धारा 110 के तहत कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया गया था। हालांकि कोई भी पारा शिक्षक एसडीएम के कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए थे। जानकारी के अनुसार कुंडहित के 7, नाला के 52, फतेहपुर के 16, बागडेहरी के 17 तथा बिंदापाथर के 12 पारा शिक्षकों को एसडीएम कोर्ट से नोटिस निर्गत किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान पारा शिक्षकों को प्रशासन ने खाना भी खिलाया। उल्लेखनीय है सीएम का कार्यक्रम तय होने के बाद से पारा शिक्षकों द्वारा सीएम को काला झंडा दिखाने की बात कहीं जा रही थी। प्रशासन ने पारा शिक्षकों के इस आंदोलन को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई किया था।  

  2. मांगों को पूरा नहीं किया तो 2019 के चुनाव में भुगतना पड़ेगा खामियाजा

    बुधवार को मुख्यमंत्री के बूथ सम्मेलन कार्यक्रम कुंडहित के धेनुकडीह फुटबाल मैदान में आयोजित था। दूसरी ओर पुलिस कुंडहित प्रखंड के 261 पारा शिक्षकों को गिरफ्तार कर रही थी। सीएम के कार्यक्रम में पारा शिक्षक अपनी मांगों को लेकर काला झंडा दिखाकर विरोध प्रदर्शन करने वाले थे। जिसको देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने यह कार्रवाई की। पारा शिक्षकों को दिनभर बंद रखा गया। इस प्रकार एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा कुंडहित ईकाई के प्रखंड अध्यक्ष दामोदर घोष व प्रखंड सचिव तापस राय ने कहा कि पारा शिक्षक अपनी मांगों को लेकर संवैधानिक तरीके विरोध प्रदर्शन करने आए थे। दिनभर प्रशासन ने गिरफ्तार कर रखा। कहा कि सरकार जब तक पारा शिक्षकों की मांग को पूरा नहीं करेंगी, तब तक आंदोलन करते रहेंगे। कहा कि यह आरपार की लड़ाई है। कहा कि सरकार अगर पारा शिक्षकों के मांगों को पूरा नहीं करेगी तो इसका खमियाजा 2019 के चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

  3. छतीसगढ़ मॉडल लागू करने की है मांग

    पारा शिक्षकों की मांग है कि उन्हें छत्तीसगढ़ मॉडल के तर्ज पर सीधे समायोजित किया जाए लेकिन सरकार द्वारा गठित कमिटी ने इस पर असहमति जताते हुए कहा था कि बिना परीक्षा लिए सेवा नियमित नहीं की जा सकती है। इस कमिटी की अध्यक्षता कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव के के खंडेलवाल कर रहे थे। कमिटी में वित्त सचिव, स्कूली शिक्षा सचिव और झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक भी शामिल थे। बैठक के बाद झारखंड के 67082 पारा शिक्षकों की सेवा नियमित करने के लिए परीक्षा लेने का निर्णय लिया गया था। परीक्षा का मॉड्यूल बनाने की जिम्मेवारी स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को सौंपी गई है। 

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