पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

बच्ची से गैंगरेप और हत्या के मामले दोषियों को फांसी की सजा, कोर्ट ने कहा- तीनों को फांसी के फंदे पर तबतक लटकाया जाए जबतक दम नहीं निकल जाए

4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस हिरासत में तीनों दोषी।
  • झारखंड के न्यायिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब पीड़िता को महज एक महीने के भीतर मिला न्याय
  • पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश तौफीकुल हसन की अदालत ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कुछ मामलों का दिया हवाला
  • पांच फरवरी को बच्ची के रिश्ते में चाचा ने अपने दो दोस्तों के साथ किया था गैंगरेप, फिर हत्या के बाद शव को छिपा दिया था
Advertisement
Advertisement

दुमका. छह साल की मासूम बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या कर शव को छिपाने के मामले में अभियुक्त मीट्ठू राय, पंकज मोहली और अशोक राय को पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश तौफीकुल हसन की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा है कि तीनों को फांसी के फंदे पर तबतक लटकाया जाए जबतक दम नहीं निकल जाए। झारखंड के न्यायिक हिरासत में ऐसा पहली बार हुआ है जब पीड़िता को एक महीने के अंदर इंसाफ मिला है। फैसला सुनाने के दौरान कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के कुछ मामलों का हवाला भी दिया और कहा कि अगर पुलिस सक्रिय होकर काम करे तो पीड़िता को तुरंत न्याय मिलेगा।

सुप्रीम काेर्ट व हाईकाेर्ट के कुछ मामलाें का दिया हवाला 
न्यायाधीश ने हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के केस जैसे- कामता तिवारी का केस, अफार खान (बिहार), पुरुषोत्तम दसरथ गोराडे (महाराष्ट्र) का केस का हवाला देते हुए कहा कि इन लोगों का किसी भी आधार चाहे सामाजिक हो या कम उम्र किसी भी को अच्छा नहीं मना जा सकता है। क्योंकि ऐसे रेपिस्ट को फिर से समाज में घूमने नहीं दिया जाना चाहिए। न्यायाधीश ने बचाव पक्ष के वकील को यह भी कहा कि आप अभियुक्तों की कम उम्र की दुहाई न्यायालय में दे रहे हैं तो आप ही बताइए कि पीड़िता की उम्र नहीं देखी, जो मात्र छह साल की बच्ची थी। न्यायाधीश ने कहा कि यह अपराध रेयर ऑफ द रेयरेस्ट केस नहीं बल्कि रेयरेस्ट ऑफ दी रेयरेस्ट केस के अंतर्गत आने वाला अपराध के श्रेणी में आता है।

जज ने कहा- पुलिस सक्रिय हाेकर काम करे ताे पीड़िता काे न्याय तुरंत मिलेगा
जिला एव अपर सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश तौफीकुल हसन ने पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश के अलावे इस कांड से जुड़े सभी अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं न्यायिक पदाधिकारियों व एपीपी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी सामानों को रिकवर किया। सामूहिक दुष्कर्म कांड के सभी आरोपियों को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया और चार्जशीट समित कर दिया। उन्होंने कहा कि न्यायालय के कर्मियों एवं एपीपी का भी काफी सहयोग मिला। देर रात तक जजमेंट की कापी की टाइपिंग की। न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह की घटना में पुलिस सक्रिय होकर काम करें तो पीड़िता को न्याय तुरंत न्याय मिलेगा।

दोषी ने नाना से कहा था- चाचा पिता के समान हाेता है, वह अपनी बेटी काे मेला नहीं दिखा सकता क्या
बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के दौरान तीनों नशे में थे। रिश्ते का चाचा मिट्ठू राय बच्ची को मेला घुमाने ले गया था और अपने दोस्तों के साथ कांड को अंजाम देने के बाद बच्ची की हत्या कर खेत में दफना दिया और फिर तीनों बच्ची के घर आ गए। बच्ची साथ में नहीं थी। बच्ची के नाना ने पूछा तो उसका जवाब था कि उसे वह घर के पास ही छोड़ गया था। नशे में धुत तीनों आरोपियों ने उस दिन रात में गांव में आर्केस्ट्रा में डांस भी किया और बच्ची के ही घर में थोड़ी देर सोया। बच्ची के वापस नहीं लौटने पर घर वालों की नाराजगी को भांप कर तीनों वहां से देर रात में ही भाग गए। मिट्ठू राय ने बच्ची के नाना को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह बच्ची का चाचा है। चाचा पिता के समान होता है। वह अपनी बेटी को मेला नहीं दिखा सकता है। नाना उसकी बातों में आ गए और नतिनी को मिट्ठू राय के साथ मेला जाने दिया। एसडीपीओ ने बताया कि मिट्ठू राय ने बच्ची को गोलगप्पा खिलाया। इसी बीच वह शराब पीने चला गया। शराब पीने के बाद दोनों साथियों के साथ आया और दरिंदगी की।

पीड़िता को ऐसे 27 दिनों के अंदर मिला न्याय

  • 5 फरवरी 2020 को रामगढ़ के महुबना गांव में बच्ची के साथ हुई थी घटना।
  • 7 फरवरी को बच्ची के पिता ने रिश्ते के भाई मिठु राय के विरूद्व प्राथमिकी दर्ज करायी।
  • 11 फरवरी को पुलिस ने आरोपी मिठु राय को मुंबई की ठाने पुलिस की सहायता से कल्याण स्टेशन से गिरफतार किया।
  • 13 फरवरी को मिट्ठू राय की निशानदेही पर ही गैंगरेप के दो अन्य आरोपियों अशोक राय एवं पंकज राय को गोड्डा जिला के पोड़ैयाहाट से पुलिस ने गिरफ्तार किया ।
  • 27 फरवरी को अदालत में आरोपियों पर आरोप का गठन किया गया था।
  • 28 फरवरी से कोर्ट में गवाही शुरू हुई और लगातर डे टू डे चली। पहली बार रात में भी कोर्ट बैठी और गवाहों का बयान दर्ज किये।
  • 28 फरवरी को छह, 29 को चार और दो मार्च को छह लोगों की गवाही हुई। कुल 16 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
  • पहली बार तीन दिन में अभियोजन पक्ष से गवाही पूरी कर अभियुक्त का बयान दर्ज कराया गया।
  • 3 मार्च को आरोपियों को फांसी की सजा सुनायी गई। घटना के 30 दिनों के अंदर सुनवाई पूरी हुई।
Advertisement
0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज आप कई प्रकार की गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे। साथ ही सामाजिक दायरा भी बढ़ेगा। कहीं से मन मुताबिक पेमेंट आ जाने से मन में राहत रहेगी। धार्मिक संस्थाओं में सेवा संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण...

और पढ़ें

Advertisement