• Home
  • Jharkhand
  • Dhanbad
  • एरिया वन के महाप्रबंधक को ग्रामीणों ने तीन सूत्री मांग पत्र सौंपा
--Advertisement--

एरिया वन के महाप्रबंधक को ग्रामीणों ने तीन सूत्री मांग पत्र सौंपा

बरोरा एरिया वन के अधीन आने वाले ग्रामीणों ने बुधवार को महाप्रबंधक को तीन सूत्री मांगों से संबंधित हस्ताक्षरयुक्त...

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 02:00 AM IST
बरोरा एरिया वन के अधीन आने वाले ग्रामीणों ने बुधवार को महाप्रबंधक को तीन सूत्री मांगों से संबंधित हस्ताक्षरयुक्त आवेदन देकर एक सप्ताह के अंदर समस्या के समाधान की दिशा में पहल करने की अपील की है। निर्धारित समयावधि में मांगों की पूर्ति प्रबंधन द्वारा नहीं किए जाने पर परियोजना का कार्य अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की चेतावनी भी ग्रामीणों ने दिया है। प्रबंधन को दिए गए मांग पत्र में ग्रामीणों ने कहा है कि बरोरा क्षेत्र के रैयतों को उचित मुआवजा व नियोजन दिया जाए। प्रबंधन ने रैयतों की जमीन उत्खनन कर बर्बाद कर दी है। विस्थापितों द्वारा जब नियोजन व मुआवजा की मांग किया जाता है तो प्रबंधन जबरन ग्रामीणों पर झूठा मुकदमा दायर कर देती है। परियोजना से प्रभावित बरोरा, मंदरा, चिटाही, खोदोवली, डुमरा, माथाबांध सहित अन्य क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को शुद्ध वातावरण व पानी मिलना एक सपना हो गया है। प्रबंधन की लापरवाही के कारण जिस परियोजना में प्रत्येक माह तीन से चार लाख टन कोयला का उत्पादन होता था। वहां वर्तमान में 20 से 25 हजार टन कोयला लोकल सेल मजदूरों को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जिस कारण लोकल सेल में कार्यरत दर्जनों मजदूर पलायन कर गए हैं। जो मजदूर रोजगार की तलाश में बाहर नहीं गए उनके परिवार के लोग भुखमरी की स्थिति में पहुंच गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दिया कि एक सप्ताह के अंदर अगर समस्या का समाधान नहीं होता है तो 19 जुलाई से पूरे बरोरा एरिया का उत्पादन, ट्रांसपोर्टिंग सहित अन्य कार्य अनिश्चितकाल के लिए बाधित कर दिया जाएगा। आवेदन में किशोर सिंह, बिनोद रजवार, बंशी महतो, देवानंद साव, प्रताप कुमार, महावीर महतो सहित दर्जनों ग्रामीण व मजदूरों का हस्ताक्षर है।