Hindi News »Jharkhand »Dhanbad» ट्रेन से रांची में 21 व बोकारो में 84 बच्चों को उतारा गया

ट्रेन से रांची में 21 व बोकारो में 84 बच्चों को उतारा गया

बोकारो रेलवे स्टेशन पर गुरुवार दोपहर धनबाद-अलपुझा एक्सप्रेस से 84 बच्चे बरामद किए गए। मानव तस्करी की आशंका को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 13, 2018, 02:55 AM IST

ट्रेन से रांची में 21 व बोकारो में 84 बच्चों को उतारा गया
बोकारो रेलवे स्टेशन पर गुरुवार दोपहर धनबाद-अलपुझा एक्सप्रेस से 84 बच्चे बरामद किए गए। मानव तस्करी की आशंका को देखते हुए बाल कल्याण समिति और पुलिस ने संयुक्त रूप से इन बच्चों को ट्रेन से उतारा। रांची पुलिस ने बोकारो एसपी को इस संबंध में सूचना दी थी। एसपी ने बालीडीह थाना पुलिस और बाल कल्याण समिति को इस बारे में बताया। ट्रेन जैसे ही बोकारो स्टेशन पहुंची स्लीपर कोच एस-3, एस-4, एस-5, एस-6 और एस-7 में तलाशी शुरू हो गई। इनसे बच्चों को उतारा गया। बच्चे छह साल से लेकर 16 साल तक के हैं। इनके साथ सात अन्य लोगों को भी बोकारो स्टेशन में उठाया गया। पूछताछ में सामने आया कि 4 बच्चों में से 77 जामताड़ा, 3 देवघर, 3 गिरिडीह और एक धनबाद जिले का है। जामताड़ा जिले के बच्चे नारायणपुर और बोरवा के हैं। जिन सात लोगों को पकड़ा गया था, उनमें से तीन चेन्नई स्थित धागा फैक्टरी में काम करते हैं। वहीं चार लोग इन बच्चों को लेकर जा रहे थे। बालीडीह पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। इन्होंने बताया कि बच्चों को बेहतर तालीम दिलवाने के लिए तेलंगाना के खम्मम स्थित रोटरी नगर के जामिया तुल अरबिया मदरसा लेकर जा रहे थे। इनके पास धनबाद से विजयवाड़ा तक का टिकट था। बच्चों को पहले धनबाद लाया गया फिर धनबाद-अलापुझा एक्सप्रेस से विजयवाड़ा लेकर जा रहे थे।

बोकारो स्टेशन पर बच्चों से पूछताछ करते पुलिस अधिकारी।

चार लोग थे इनके साथ

इन बच्चों को लेकर चार लोग जा रहे थे। इनमें से जामताड़ा के बोरवा निवासी शमशेर आलम ने बताया कि सभी बच्चों को उनके अभिभावकों की सहमति से तेलंगाना लेकर जा रहे हैं। वहां के मदरसे में उन्हें शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है। ट्रेन से कुल सात लोगों को उतारा गया था। इनमें शमशेर आलम, मो. मुस्लिम, गुलाम अंसारी, गुलाम रसूल, मो. हाफिज, कासिम अंसारी और मो. फुरकान अंसारी शामिल हैं। इनमें से तीन धागा फैक्टरी में काम करने वाले भी हैं।

सिटी रिपोर्टर | बोकारो

बोकारो रेलवे स्टेशन पर गुरुवार दोपहर धनबाद-अलपुझा एक्सप्रेस से 84 बच्चे बरामद किए गए। मानव तस्करी की आशंका को देखते हुए बाल कल्याण समिति और पुलिस ने संयुक्त रूप से इन बच्चों को ट्रेन से उतारा। रांची पुलिस ने बोकारो एसपी को इस संबंध में सूचना दी थी। एसपी ने बालीडीह थाना पुलिस और बाल कल्याण समिति को इस बारे में बताया। ट्रेन जैसे ही बोकारो स्टेशन पहुंची स्लीपर कोच एस-3, एस-4, एस-5, एस-6 और एस-7 में तलाशी शुरू हो गई। इनसे बच्चों को उतारा गया। बच्चे छह साल से लेकर 16 साल तक के हैं। इनके साथ सात अन्य लोगों को भी बोकारो स्टेशन में उठाया गया। पूछताछ में सामने आया कि 4 बच्चों में से 77 जामताड़ा, 3 देवघर, 3 गिरिडीह और एक धनबाद जिले का है। जामताड़ा जिले के बच्चे नारायणपुर और बोरवा के हैं। जिन सात लोगों को पकड़ा गया था, उनमें से तीन चेन्नई स्थित धागा फैक्टरी में काम करते हैं। वहीं चार लोग इन बच्चों को लेकर जा रहे थे। बालीडीह पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। इन्होंने बताया कि बच्चों को बेहतर तालीम दिलवाने के लिए तेलंगाना के खम्मम स्थित रोटरी नगर के जामिया तुल अरबिया मदरसा लेकर जा रहे थे। इनके पास धनबाद से विजयवाड़ा तक का टिकट था। बच्चों को पहले धनबाद लाया गया फिर धनबाद-अलापुझा एक्सप्रेस से विजयवाड़ा लेकर जा रहे थे।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Dhanbad

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×