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Rs.81 करोड़ खर्च कर चिरकुंडा को बनाया जाएगा साफ-सुथरा

चिरकुंडा की सफाई और इलाके में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नगर परिषद ने बुधवार को दिल्ली की कंपनी पायोनियर...

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2018, 03:55 AM IST
Rs.81 करोड़ खर्च कर चिरकुंडा को बनाया जाएगा साफ-सुथरा
चिरकुंडा की सफाई और इलाके में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नगर परिषद ने बुधवार को दिल्ली की कंपनी पायोनियर इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ करार किया। यह कंपनी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का भी काम करेगी। करार 20 वर्षों के लिए किया गया है। इस पर नगर परिषद की ओर से कार्यपालक पदाधिकारी अरुण कुमार और पायोनियर की ओर से उसके सीईओ अरुण कुमार सिंह ने हस्ताक्षर किए। नगर परिषद के सिटी मैनेजर विकास रंजन ने बुधवार को बताया सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की पूरी योजना 81 करोड़ रुपए की है। इसके तहत सुंदरनगर में प्रोसेसिंग प्लांट बनाया जाएगा। इसके लिए छह एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। प्लांट की क्षमता 25 टन होगी। इसमें कचरे की रिसाइकिलिंग कर जैविक खाद का निर्माण किया जाएगा। पायोनियर को ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की डीपीआर तैयार करने की जिम्मेवारी भी सौंपी गई है। इसके लिए वह एक सप्ताह में सर्वे शुरू कर देगी। नगर परिषद क्षेत्र में करीब 15 टन कचरा हर दिन पैदा होता है। कंपनी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के एवज में यूजर चार्ज की वसूलेगी। गौरतलब है कि पायोनियर इन्फ्रास्ट्रक्चर गिरिडीह और देवघर में पहले से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का काम कर रही है।

सुंदरनगर में प्रोसेसिंग प्लांट के लिए छह एकड़ जमीन चिह्नित

नगर परिषद कार्यालय में अधिकारी और कंपनी के प्रतिनिधि।

होगा रोजगार का सृजन : सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की योजना के धरातल पर उतरने से चिरकुंडा में रोजगार का सृजन भी होगा। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन से लेकर कचरे के निष्पादन के लिए मैनपावर की जरूरत होगी। हर वार्ड के लिए कम-से-कम 10 सफाईकर्मियों की जरूरत होगी। इसके अलावे कचरे के उठाव, उसे डंपिंग यार्ड तक पहुंचाने और उसकी प्रोसेसिंग के लिए भी लोगों की जरूरत पड़ेगी।

सातवीं बार में टेंडर हुआ फाइनल : चिरकुंडा में सॉलिड वेस्ट मैनजेमेंट को धरातल पर उतारने के लिए नगर परिषद को काफी मशक्कत करनी पड़ी। छह बार के टेंडर में कोई कंपनी क्वालिफाई नहीं कर सकी थी। सातवीं बार टेंडर होने पर पायोनियर इन्फ्रास्ट्रक्चर का चयन किया गया। इसके पहले के टेंडरों में तीन-चार कंपनियां शामिल हुईं, लेकिन किन्हीं वजहों से फाइनेंशियल विंड में छंट गईं।

एक साल में शुरू जाएगा प्लांट


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