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बैठक में पंडा ने कहा बिजली-पानी नहीं मिलेगा तो श्रावणी मेला को शांतिपूर्ण संपन्न कराना मुश्किल है

राजकीय श्रावणी मेला के सफल संचालन को लेकर पंडा एवं प्रशासन के बीच बैठक हुई। जिसमें श्रावणी मेला को सफल बनाएं पर...

Danik Bhaskar | Jul 13, 2018, 02:20 AM IST
राजकीय श्रावणी मेला के सफल संचालन को लेकर पंडा एवं प्रशासन के बीच बैठक हुई। जिसमें श्रावणी मेला को सफल बनाएं पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता पंडा धर्म रक्षिणी सभा के अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर के अगुवायी में की गई। बैठक में श्रावणी मेले को लेकर पंडा समाज के कई लोगों ने अपने-अपने सुझाव दिए, जिसमें सभी लोगों ने श्रावणी मेला को चलाने में अपना सहयोग देने की बात कही। साथ ही नियत समय पर ही मंदिर का पट बंद होने की बात कही गई। बैठक में मेले को लेकर सबसे अधिक बिजली एवं पानी का मुद्दा छाया रहा। लोगों ने बिजली विभाग के प्रति गहरा रोष प्रकट किया। बिजली की लचर व्यवस्था पर सबने नाराजगी जाहिर की। बैठक में प्रशासन की ओर से उपायुक्त राहुल सिन्हा, एसपी नरेंद्र सिंह, संयुक्त बिहार के पूर्व मंत्री केएन झा, एसडीओ रामनिवास यादव एसडीपीओ विकास चंद्र श्रीवास्तव, नगर आयुक्त संजय सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी के साथ-साथ सरदार पंडा गुलाब नंद झा, धर्म रक्षिणी सभा के पूर्व महामंत्री दुर्लभ मिश्रा एवं पंडा समाज के बुद्धिजीवी एवं अन्य लोग शामिल थे। बैठक के दौरान सरदार पंडा गुलाब मंदिर जाने श्रावणी मेला में रात आठ बजे एवं रविवार सोमवार को दस बजे तक पट बंद करने की बात कही, ताकि समय पर बाबा का शृंगार हो सके और बाबा को विश्राम मिले। बिजली विभाग की लचर व्यवस्था पर लोगों ने भी विरोध किया। सभा के पूर्व महामंत्री दुर्लभ मिश्रा ने कहा कि मेले की 80 फीसदी आबादी मंदिर के आसपास में पंडा के घर में रहते है, लेकिन यही क्षेत्र हमेशा से उपेक्षा का शिकार रहा है। इस क्षेत्र में बिजली, पानी कि हमेशा समस्या बनी रहती है। जिसका कभी निदान नहीं निकाला गया। बिजली की लचर व्यवस्था के कारण लोगों को पानी नहीं मिल पाता है, जबकि यह पूरा एरिया ड्राई जोन है। उन्होंने जिला प्रशासन को कड़े शब्दों में कहा कि अगर इस समस्या का हल नहीं किया गया तो मेला संभालना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला में आने वाले भीड़ को रोकने में सबसे अहम योगदान यहां के पंडों का है। मेले में आने वाली अधिकांश यात्री अपने पंडा के ही मकान में रहते हैं। उन्होंने डीसी से मंदिर के आसपास सभी मोहल्लों में बिजली एवं पानी की समुचित व्यवस्था करने की बात कही।

श्रावणी मेले की तैयारी को लेकर बैठक में शामिल सरदार पंडा, डीसी, एसपी व पदाधिकारी।

शिवगंगा से मंदिर जाने वाली सड़क ही है जर्जर : महामंत्री

महामंत्री ने कहा कि पूरे शहर में सड़क बन रही है लेकिन मेले का मुख्य सड़क से शिवगंगा से मंदिर जाने का रास्ता पूरी तरह जर्जर है। लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है, जबकि इस रोड से लाखों कांवरिया हर दिन गुजरते हैं। उन्होंने कहा कि पंडा समाज के सभी लोग हमेशा मेला में सहयोग करते आए हैं और करते रहेंगे। बिजली विभाग पर तंज कसते हुए कहा कि हर साल मेंटेनेंस के नाम पर तीन महीने बिजली काटी जाती है इस साल तो सबसे अधिक लचर स्थिति बनी है। सभी की बातों को सुनने के बाद कहा कि सभी विभागों को 15 तारीख तक सभी तैयारी पूरा करने का निर्देश दिया गया। मौके पर विद्युत विभाग कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि 15 जुलाई तक बिजली की समस्या समाप्त हो जाएगी। डीसी राहुल सिन्हा ने कहा कि बाबा मंदिर पर पुरोहितों का हक है, उनके सहयोग के बिना मेले का सफल संचालन संभव नहीं हो सकता है।

भास्कर न्यूज|देवघर

राजकीय श्रावणी मेला के सफल संचालन को लेकर पंडा एवं प्रशासन के बीच बैठक हुई। जिसमें श्रावणी मेला को सफल बनाएं पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता पंडा धर्म रक्षिणी सभा के अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर के अगुवायी में की गई। बैठक में श्रावणी मेले को लेकर पंडा समाज के कई लोगों ने अपने-अपने सुझाव दिए, जिसमें सभी लोगों ने श्रावणी मेला को चलाने में अपना सहयोग देने की बात कही। साथ ही नियत समय पर ही मंदिर का पट बंद होने की बात कही गई। बैठक में मेले को लेकर सबसे अधिक बिजली एवं पानी का मुद्दा छाया रहा। लोगों ने बिजली विभाग के प्रति गहरा रोष प्रकट किया। बिजली की लचर व्यवस्था पर सबने नाराजगी जाहिर की। बैठक में प्रशासन की ओर से उपायुक्त राहुल सिन्हा, एसपी नरेंद्र सिंह, संयुक्त बिहार के पूर्व मंत्री केएन झा, एसडीओ रामनिवास यादव एसडीपीओ विकास चंद्र श्रीवास्तव, नगर आयुक्त संजय सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी के साथ-साथ सरदार पंडा गुलाब नंद झा, धर्म रक्षिणी सभा के पूर्व महामंत्री दुर्लभ मिश्रा एवं पंडा समाज के बुद्धिजीवी एवं अन्य लोग शामिल थे। बैठक के दौरान सरदार पंडा गुलाब मंदिर जाने श्रावणी मेला में रात आठ बजे एवं रविवार सोमवार को दस बजे तक पट बंद करने की बात कही, ताकि समय पर बाबा का शृंगार हो सके और बाबा को विश्राम मिले। बिजली विभाग की लचर व्यवस्था पर लोगों ने भी विरोध किया। सभा के पूर्व महामंत्री दुर्लभ मिश्रा ने कहा कि मेले की 80 फीसदी आबादी मंदिर के आसपास में पंडा के घर में रहते है, लेकिन यही क्षेत्र हमेशा से उपेक्षा का शिकार रहा है। इस क्षेत्र में बिजली, पानी कि हमेशा समस्या बनी रहती है। जिसका कभी निदान नहीं निकाला गया। बिजली की लचर व्यवस्था के कारण लोगों को पानी नहीं मिल पाता है, जबकि यह पूरा एरिया ड्राई जोन है। उन्होंने जिला प्रशासन को कड़े शब्दों में कहा कि अगर इस समस्या का हल नहीं किया गया तो मेला संभालना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला में आने वाले भीड़ को रोकने में सबसे अहम योगदान यहां के पंडों का है। मेले में आने वाली अधिकांश यात्री अपने पंडा के ही मकान में रहते हैं। उन्होंने डीसी से मंदिर के आसपास सभी मोहल्लों में बिजली एवं पानी की समुचित व्यवस्था करने की बात कही।

बैठक में शामिल पंडा धर्मरक्षिणी सभा के सदस्य व अन्य पंडा।

शीघ्र दर्शनम काउंटर की संख्या भी बढ़ाई जाएगी

उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले कांवरियों को अधिक से अधिक सुविधा देने की कोशिश जिला प्रशासन की रहेगी। आस्था के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मंदिर की परंपरा पर कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। बैठक में शीर्घ दर्शनम बढ़ाने की बात कही, जिस पर उपायुक्त ने काउंटर की संख्या बढ़ाकर दस करने की बात कही पुरोहितों की पूजा के लिए पूर्व की व्यवस्था रहने की बात कही गई। मंदिर में रहने वाले सभी फोटोग्राफरों, फूल बेचने वालो को पहचान पत्र भी दिया जाएगा।

एसपी ने कहा पुलिस जवान कांवरियों की करेंगे सेवा

एसपी नरेंद्र सिंह ने कहा कि सभी के साथ तालमेल बैठा कर मेला का संचालन किया जाएगा। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि किसी भी कांवरियों से पुलिस द्वारा किसी प्रकार का अभद्र व्यवहार नहीं किया जाएगा। बाबा का सेना बनकर पुलिस पदाधिकारी कांवरियों की सेवा करेंगे। पूर्व मंत्री केएन झा ने भी बिजली विभाग पर जमकर बरसे और कहा कि आज तक के इतिहास में बिजली कि इतनी लचर व्यवस्था कभी नहीं रही। उन्होंने बाबा पर सिंथेटिक अबीर का भी विरोध करते हुए कहा कि सिथैटिक अबिर को बंद कराया जाए और पारंपरिक गुलाबी गुलाल ही बाबा पर चढ़ाया जाए।

मंझला खंड में भी अरखा लगाने पर बैठक में बनी सहमति

बैठक में कई पुरोहितों ने मंझला खंड में बड़ा अरघा लगाने की भी बात कही बाबा मंदिर से निकलने भीड़ को पार्वती मंदिर के में रुकने के लिए भी पार्वती मंदिर में भी अरघा लगाने पर सहमति बनाई गई पूर्व में जिला प्रशासन ने बैठक कर आगामी के मंझला खंड में बड़ा अरघा लगाने पर चर्चा किया था, जिस पर पुरोहितों ने अपनी सहमति जताई। इसके साथ ही बाहर में भी बड़ा अरघा लगाया जाएगा, पार्वती मंदिर में भी अरघा के माध्यम से भीड़ को कंट्रोल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जितने भी सुझाव आए हैं सभी पर मंथन कर व्यवस्था बनाई जाएगी।