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गोमो-बरकाकाना सवारी गाड़ी के आसनसोल तक चलाए जाने के बाद यात्रियों का टोटा

रेलवे ने भले ही गोमो से बरकाकाना तक चलने वाली ट्रेन को बढ़ाकर आसनसोल तक कर दिया हो। लेकिन इसका फायदा सिर्फ सुबह में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 12, 2018, 02:20 AM IST

गोमो-बरकाकाना सवारी गाड़ी के आसनसोल तक चलाए जाने के बाद यात्रियों का टोटा
रेलवे ने भले ही गोमो से बरकाकाना तक चलने वाली ट्रेन को बढ़ाकर आसनसोल तक कर दिया हो। लेकिन इसका फायदा सिर्फ सुबह में ही मिलता है लेकिन शाम को जब ट्रेन आसनसोल से वापस आती है तब गोमो से बरकाकाना के लिए यात्रियों का टोटा हो जाता है। पूरे ट्रेन में मुश्किल से बीस से पच्चीस यात्री या कभी-कभी दस यात्री भी नहीं रहते हैं। ऐसे में ट्रेन में यात्रा करने में भी लोग डरते हैं कि कहीं बीच रास्ते में छिनतई ना हो जाए या फिर कोई हादसा ना हो जाए। भाजपा सांसद रवींद्र कुमार पांडेय की मांग के बाद रेलवे ने इस ट्रेन को अासनसोल तक चला दिया। लेकिन सिर्फ सुबह में ही यह ट्रेन यात्रियों से खचाखच भरी रहती है। उस वक्त गोमो से धनबाद तथा आसनसोल तक जाने के लिए यह ट्रेन सही है। हालांकि इसके भी टाइम टेबल में फेरबदल करने की जरूरत है। क्योंकि एक ही वक्त में दो-दो गाडिय़ां आसनसोल की हो जाती है। इसे यदि साढ़े आठ बजे कर दिया जाए तो इसका लाभ और मिल सकेगा।

आसनसोल-बरकाकाना सवारी गाड़ी की खाली सीटें।

आसनसोल से बरकाकाना लौटने में होती है परेशानी

उक्त ट्रेन जब शाम को आसनसोल से बरकाकाना के लिए आती है तो उस वक्त गोमो तक यात्री मिल जाते है लेकिन ट्रेन इतनी ज्यादा लेट चलती है कि उसमें गोमो से बरकाकाना की ओर जाने के लिए यात्री नहीं मिलते है। या यों कहें कि अब यात्री ही इस ट्रेन से किनारा कर चुके है। जबकि पहले यह ट्रेन जब गोमो से शाम के 6.20 बजे खुलती थी तो उस वक्त उसमें यात्रियों का भरमार रहती थी। लेकिन आज यह ट्रेन रात के दस से बारह बजे के बीच गोमो से खुलती है। ऐसे में उग्रवाद प्रभावित सीआईसी सेक्शन क्षेत्र में रहने वाले लोग इस ट्रेन से जाना मुनासिब नहीं समझते हैं।

शक्तिपुंज एक्सप्रेस बनी राहत : जब से शक्तिपुंज एक्सप्रेस गोमो होकर चलने लगी है तब से सीआईसी रेलखंड के विभिन्न स्टेशनों की ओर जाने वाले यात्रियों ने राहत की सांस ली है। इस ट्रेन से लोग चंद्रपुरा, गोमिया, बरकाकाना की ओर चले जाते है। लेकिन छोटे स्टेशनों पर उतरने वाले लोग आज भी परेशान हैं।

क्यों होती है लेट : आसनसोल से इस ट्रेन को लेट खोला जाता है। दूसरे रेल मंडल का ट्रेन होने की वजह से उसे वहां तरजीह नहीं दी जाती है। इस वजह से यह ट्रेन वहीं से लेट खुलती है और गोमो में रात के नौ बजे के बाद ही पहुंचती है। या सात बजे भी पहुंच गई तो यह रात के दस बजे के पहले नहीं खुलती है।

चेयरमैन से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

इस मामले में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी से शिकायत किया गया था गोमो में भी उन्हें इस ट्रेन की लेट लतीफी के बारे में बताया गया था लेकिन आज-तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और ट्रेन पहले जैसे ही लेट चल रही है।

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